Aligarh: बिजली के करंट से बालक की मौत, घर में तीन दिन बाद थी शादी, परिवार में छाया मातम
घर में तीन दिन बाद चाचा की शादी थी। भतीता दिल्ली से गांव आया था। सुबह वह शौच के लिए गया। वहां तार बाड़ में छोड़े गए बिजली के करंट की चपेट में आकर बालक की मौत हो गई। परिवार में मातम छा गया।
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गांव कल्याणपुर खेड़ा में 29 नवंबर सुबह छुट्टा पशुओं से फसल बचाने के लिए लगाई गई तार बाड़ में छोड़े गए बिजली के करंट की चपेट में आकर बालक चंद्रजीत (11) की मौत हो गई। तीन दिन बाद उसके चाचा की शादी है, इसमें शामिल होने के लिए वह दिल्ली से गांव आया हुआ था।
इस घटना से शादी वाले घर खुशियां मातम में बदल गई। पालीमुकीमपुर थाना क्षेत्र के गांव कल्याणपुर खेड़ा निवासी शांति देवी के पति दौलीराम जाटव की मृत्यु हो चुकी है। वह अपने दो बेटों मोहित और चंद्रजीत के साथ दिल्ली में रहकर मजदूरी करती हैं। दो दिसंबर को शांति देवी के देवर की शादी है। इसी के चलते चंद्रजीत मंगलवार को दिल्ली से गांव आ गया था।
शुक्रवार सुबह करीब सात बजे वह खेत में शौच करने गया था। गांव के ही एक व्यक्ति ने खेत की मेंड़ पर जानवरों की रोकथाम के लिए तारों की बाड़ लगाई हुई है, इसमें उसने करंट छोड़ा हुआ था, जिसकी चपेट में चंद्रजीत आ गया। सूचना पर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। सीओ छर्रा महेश कुमार ने बताया कि इस संबंध में तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने के बाद कठोर कार्रवाई की जाएगी।
कटिया डालकर छोड़ा गया था करंट
ग्रामीणों का आरोप है कि कटिया डालकर एक सबमर्सिबल पर अवैध रूप से बिजली ले जाई गई है। इसी से खेत की तारबाड़ में करंट छोड़ा हुआ था। शौच के लिए उसने खेत में घुसने की कोशिश की होगी, जिसकी वजह से वह करंट की चपेट में आ गया।
दो साल पहले गांव खेड़ा खुर्द में हुई थी मौत
इसी तरह से खेत में लगाई तारबाड़ में छोड़े गए करंट से दो साल पहले गोधा थाना क्षेत्र के गांव खेड़ा खुर्द में भी ग्रामीण की मौत हो गई। इस तरह की घटनाएं आसपास के जिलों में सामने आती रही है। इस तरह से तारों में करंट छोड़ने पर रोक है, इसके बाद भी लगातार तारबाड़ में करंट छोड़ रहे हैं।