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पालेंद्र का सपना पूरा करेगा छोटा पालेंद्र

Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 27 Jun 2021 01:31 AM IST
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इकराम वारिस
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इन दिनों जुलाई में होने में होने वाले ओलंपिक की तैयारियों में भारत समेत दुनियाभर के खिलाड़ी लगे हैं। इनमें अलीगढ़ का एक उभरता धावक चौधरी पालेंद्र भी होता, लेकिन नियति को यह मंजूर नहीं था। उसने वर्ष-2018 में दिल्ली के जवाहरलाल नेहरु स्पोर्ट्स स्टेडियम के हॉस्टल में फांसी का फंदा लगाकर खुदकशी कर ली। उसकी मौत के साथ ओलंपिक में मेडल जीतने की उम्मीद भी टूट गई। जवान बेटे की अर्थी से पिता महेशपाल का कंधा झुक गया। अक्सर पिता के सपने में पालेंद्र आने लगा, लेकिन जब उनके जुड़वा बेटे पैदा हुए हैं, तब उन्होंने उनमें से एक का नाम पालेंद्र रख दिया ताकि पालेंद्र का सपना छोटा पालेंद्र पूरा करे।
इगलास के गांव कैमथल, गोंडा निवासी महेशपाल (53) व अमरावती देवी (48) के बेटे पालेंद्र ने अपनी कम आयु में बहुत उपलब्धियां अर्जित कर ली थीं। इसमें कई रिकॉर्ड भी बनाए। उसमें बेहतरीन खिलाड़ी बनने की झलक देखकर उसका चयन वर्ष-2017 में ओलंपिक कैंप के लिए हो गया था, जहां उसे जवाहरलाल नेहरू स्पोर्ट्स स्टेडियम में ओलंपिक में मेडल जीतने के लिए तराशना शुरू कर दिया गया था। अचानक उपलब्धियों के बीच 13 नवंबर 2018 को पालेंद्र ने खुदकुशी कर ली। बेटे की मौत से पिता महेशपाल टूट गए। उसकी समाधि पर जाना उनका उसूल बन गया। पालेंद्र उनके सपने में आने लगा। 8 मार्च 2021 को उनके घर में जुड़वा बेटे का जन्म हुआ, जिसमें एक बेटे का नाम दिवंगत बेटे के नाम पर पालेंद्र रखा, जबकि दूसरे के नाम मानवेंद्र रखा। महेशपाल ने बताया कि इकलौती संतान पालेंद्र को खोने के बाद वह दुखों से टूट गए थे। ईश्वर ने पालेंद्र को दोबारा उनके पास भेज दिया है। पाले पालेंद्र अक्सर उनके सपने में आता था, लेकिन जुड़वा बच्चों के आने के बाद अब सपने में वह नहीं आ रहा है। पालेंद्र ने आखिरी बार एएमयू के एथलेटिक्स मीट में प्रतिभाग किया था।

पालेंद्र की ये थीं उपलब्धियां
वर्ष-2015 में लखनऊ में आयोजित ओपेन स्टेट एथलेटिक्स चैंपियनशिप के 100 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक, वर्ष-2015 नार्थ जोन एथलेटिक्स चैंपियनशिप हिमाचल प्रदेश में 100 मीटर दौड़ व लंबी कूद में स्वर्ण पदक, वर्ष-2015 में जूनियर नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप रांची में 100 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक, वर्ष-2016 में डीपीएस नेशनल एथलेटिक्स मीट में 100 व 200 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक, वर्ष-2016 ओपेन स्टेट एथलेटिक्स चैंपियनशिप लखनऊ में 100 मीटर स्वर्ण व लंबी कूद में रजत पदक। यूथ एशिया एथलेटिक्स चैंपियनशिप व यूथ वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप, यूथ कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप बैंकाक में 200 मीटर व रिले रेस में स्वर्ण पदक।
पालेंद्र, एक बेहतरीन धावक था। उसकी मौत से अलीगढ़, प्रदेश व देश को झटका लगा है। उसके पिता महेशपाल ने जुड़वा बेटे को पालेंद्र की तरह बेहतरीन धावक बनाने की जिम्मेदारी फिर से सौंपी है। पिता का सपना है, जो धावक पालेंद्र पूरा न कर सका, उनके दोनों बेटे पूरा करें।
-शमशाद निसार आजमी, संयुक्त सचिव यूपी एथलेटिक्स एसोसिएशन
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