Health: सर्दी से फूल रही सांस, एलर्जी-अस्थमा वाले परेशान, बच्चों और बुजुर्गों का ऐसे रखें ख्याल
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. वैभव जैन ने बताया कि ठंड और प्रदूषण का सबसे अधिक असर बुजुर्गों और बच्चों पर पड़ता है। बच्चों को विशेष रूप से गर्म कपड़े पहनाएं। बुजुर्गों को भी घर से बाहर जाने से बचाना चाहिए। खानपान पर ध्यान दें जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनी रहे।
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ठंडी तेज हवा और प्रदूषण का दुष्प्रभाव लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। एक बार फिर सांस रोगियों की समस्या बढ़ गई है। सरकारी अस्पतालों में रोजाना सांस, एलर्जी, अस्थमा और सीओपीडी संबंधी समस्याओं के मरीज पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों की सलाह है कि सर्दी में बच्चों और बुजुर्गों को खास ख्याल रखने की जरूरत है।
11 दिसंबर को जिला अस्पताल मलखान सिंह और दीनदयाल अस्पताल की ओपीडी में करीब तीन हजार से अधिक मरीजों ने परामर्श लिया। जिसमें 800 से अधिक मरीज सांस, एलर्जी, सर्दी, जुकाम और खांसी संबंधी बीमारियों के थे। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. जगवीर वर्मा ने बताया कि ठंड और प्रदूषण के कारण हवा की गुणवत्ता खराब हो गई है। शहर का एक्यूआई भी 200 के आसपास है, पूर्व में ये 400 से पार चला गया था। जिसके कारण वातावरण में मौजूद धूल, धुआं और हानिकारक कण श्वसन तंत्र को प्रभावित कर रहे हैं। इसके कारण एलर्जी, अस्थमा और सीओपीडी जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. वैभव जैन ने बताया कि ठंड और प्रदूषण का सबसे अधिक असर बुजुर्गों और बच्चों पर पड़ता है। बच्चों को विशेष रूप से गर्म कपड़े पहनाएं। बुजुर्गों को भी घर से बाहर जाने से बचाना चाहिए। खानपान पर ध्यान दें जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनी रहे।
इन बीमारियों के मरीज ज्यादा
सांस लेने में दिक्कत, खांसी, बुखार, सर्दी, सीने में भारीपन, एलर्जी, नाक बहना, आंखों में जलन, अस्थमा, छाती में जकड़न, फेफड़ों में संक्रमण की समस्या आदि।
ये बरतें सावधानी
-गर्म कपड़े पहनें।
-सुबह शाम बाहर निकलने से बचें।
-गर्म पानी और तरल पदार्थों का सेवन करें।
-बाहर निकलते समय मास्क पहनें।
-प्रदूषण वाले स्थानों से दूर रहें।
-अस्थमा मरीज इनहेलर और दवाएं लें।