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भीषण अग्निकांड से गत्ता फैक्ट्री तबाह

Tue, 03 Oct 2017 01:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूूराे
अमर उजाला ब्यूूराे Updated Tue, 03 Oct 2017 01:49 AM IST
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Cardboard factory devastated by fierce fire
गत्ता फैक्ट्री में लगी आग पर काबू पाने के लिए दीवार तोड़ती जेसीबी मशीन - फोटो : Amar Ujala
महानगर के सारसौल बीमा नगर इलाके में सोमवार शाम हुए भीषण अग्निकांड में कोरोगेटर्स (गत्ता से बनने वाले कार्टून फैक्ट्री) फर्म तबाह हो गई। शाम करीब छह बजे शार्ट सर्किट से लगी आग ने इस कदर विकराल रूप धारण कर लिया कि इलाके में दहशत का माहौल बन गया। देर रात 11 बजे तक आग को काबू कर लिया गया था, मगर पूरी तरह बुझाया नहीं जा सका था। जिले भर की दर्जन भर दमकलें आग बुझाने में जुटी थीं, जिनके करीब पांच-पांच फेरे हो चुके थे। फिलहाल आग का कारण स्पष्ट तो नहीं है। मगर प्राथमिक तौर पर शार्ट सर्किट ही आग का कारण माना जा रहा है।
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मूल रूप से जमीरदाबाद होली चौक बन्नादेवी के चौ. जगवीर सिंह का मां गोरी कोरोगेटर्स के नाम से सूत मिल बीमा नगर में जैन मंदिर वाली गली में फैक्ट्री है। पिछले तीन दिन से त्योहार के चलते फैक्ट्री में अवकाश के कारण काम नहीं हो रहा। मगर चौकीदार व एक-दो अन्य कर्मचारी वहां रहते हैं। वाकया शाम करीब छह बजे का है, जब लोगों ने इस दो मंजिला फैक्ट्री के पहले माले के जंगलों से धूआं व आग की लपटें उठती देखीं। इस पर वहां शोर के साथ भगदड़ मच गई और खबर इलाका पुलिस के साथ-साथ फायर स्टेशन को दे दी गई। 
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इस सूचना पर सीएफओ विवेक शर्मा, सीओ द्वितीय पंकज श्रीवास्तव, इंस्पेक्टर बन्नादेवी जितेंद्र दीखित, दमकलों के साथ पहुंच गए। बाद में खबर देकर नगर निगम की टीम जेसीबी आदि लेकर बुला ली गई। कुछ ही देर में आग ने इस तरह विकराल रूप धारण कर लिया और फैक्ट्री के दोनों माले आग की जद में आ गए। आग की लपटें दूर-दूर तक दिखाई देने लगीं। फैक्ट्री तक पहुंचना व आग पर पानी डाल पाना बेहद मुश्किल हो रहा था। इसके चलते जेसीबी की मदद से फैक्ट्री की दीवारें तोड़कर आग बुझाना शुरू किया गया।
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यहां रात करीब 11 बजे तक चले प्रयास में आग को काबू तो कर लिया गया था, मगर आग पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो सकी थी। आग बुझाने वाली टीम की अगुवाई कर रहे सीएफओ विवेक शर्मा के अनुसार गत्ता जब तक पूरी तरह जल नहीं जाएगा, तब तक आग नहीं बुझ पाएगी। फिलहाल प्रयास जारी हैं। अब तक जिले के बन्नादेवी, तालानगरी, पुलिस लाइन, खैर, गभाना, अतरौली के फायर स्टेशनों की कुल एक दर्जन दमकलों की मदद से 50 से अधिक बार पानी डाला जा चुका है। इलाके के सबमर्सिबल पंपों की मदद से भी आग बुझाने के प्रयास किए जा रहे हैं। 

फैक्ट्री में चौथी बार आग, जताया जा रहा संदेह 
इस फैक्ट्री में चंद चार-पांच सालों में चौथी बार आग लगी है। इससे पहले इसी तरह शाम के वक्त एक मर्तबा 2011 में आग लगी थी। इसके दो बार और आग लग चुकी है। हर बार आग में पूरी फैक्ट्री तबाह हुई है। इसे लेकर सीएफओ इतना ही कहते हैं कि एक तरफ तो फैक्ट्री में अग्निशमन के कोई इंतजाम नहीं हैं। तीन-तीन बार पूर्व में आग लगने के बाद भी फैक्ट्री को किस तरह फायर एनओसी मिल गई और कैसे शुरू हो गई। यह बड़ा सवाल है।


यह जांच का विषय है कि कहीं बिना फायर एनओसी के ही फैक्ट्री शुरू न हुई हो। इसे लेकर सीएफओ संदेह जता रहे हैं कि हर बार आग के पीछे कोई साजिश तो नहीं है। इसे लेकर वह जांच की बात कह रहे हैं। सोमवार को फिर से आग लगने के कारणों को लेकर भी वह कह रहे हैं कि जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। हो सकता है कि कहीं किसी साजिश के तहत किसी ने आग न लगाई हो। वहीं फैक्ट्री स्वामी चौ. जगवीर सिंह का कहना है कि आग को लेकर अभी कुछ कहा नहीं जा सकता है। चूंकि फैक्ट्री बंद थी, अंदेशा बिजली स्पार्किंग से आग लगने का अंदेशा है। बाकी फायर ऑफिसर क्या कह रहे हैं। इस बारे में कुछ नहीं कह सकता, वे चाहें तो जांच करा लें।
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