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एक महीने में तीसरी बार कटी रजबहा की पटरी
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हस्तपुर राजबहा की पटरी कटने से खेतों में जाता पानी। संवाद
- फोटो : IGLASS
सिंचाई विभाग की लापरवाही के चलते दिनाबली रजबहा की पटरी एक महीने के अंदर तीसरी बार कट गई। पटरी कटने से किसानों की सैकड़ों बीघा फसलें पानी में डूबकर चौपट हो गई है।
तहसील क्षेत्र में गांव हस्तपुर-चंदफरी से होकर दिनावली रजबहा गुजरता है। इन दिनों रजबहा में लबालब पानी चल रहा है। शनिवार की रात को गांव हस्तपुर व चंदफरी के मध्य रजबहा की पटरी कट गई। इसकी जानकारी किसानों को रविवार की सुबह खेतों पर पहुंचने के दौरान हुई। पटरी कटने से आलू व लाहा की फसल के साथ खाली खेत जलमग्न होना बताया जा रहा है।
जिसमें गांव हस्तपुर के भीकम्बर सिंह, रामवीर सिंह व बसीर खां के आलू व गांव चंदफरी निवासी प्रवीन शर्मा के लाहा की फसल डूब गई है। किसानों का कहना है कि अभी आलू की बुवाई की गई थी। रजबहा की पटरी कटने से फसल पूरी तरह से चौपट हो गई है। खेत में नमी होने के कारण अब बुवाई में भी समय लगेगा।
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उल्लेखनीय है कि 24 सितंबर और नौ अक्तूबर को भी गांव चंदफरी के निकट रजबहा की पटरी कट गई थी। जिससे किसानों के धान की फसल में पानी भरने से नुकसान हुआ था। पीड़ित किसानों का कहना है कि सिंचाई विभाग की लापरवाही से पटरी कट रही है। पटरी की मरम्मत सही ढंग से नहीं की जा रही है इससे बार-बार पटरी कट रही है।
पहले सूखा फिर बारिश की मार झेल रहे किसानों को पटरी कटने से बार-बार नुकसान उठाना पड़ रहा है। इससे सिंचाई विभाग के प्रति क्षेत्र के किसानों में काफी रोष है। किसानों का कहना है कि नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाया जाना चाहिए। पटरी की मरम्मत भी मजबूती से किया जाना चाहिए ताकि फिर से पटरी न कटे।
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तहसील क्षेत्र में गांव हस्तपुर-चंदफरी से होकर दिनावली रजबहा गुजरता है। इन दिनों रजबहा में लबालब पानी चल रहा है। शनिवार की रात को गांव हस्तपुर व चंदफरी के मध्य रजबहा की पटरी कट गई। इसकी जानकारी किसानों को रविवार की सुबह खेतों पर पहुंचने के दौरान हुई। पटरी कटने से आलू व लाहा की फसल के साथ खाली खेत जलमग्न होना बताया जा रहा है।
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जिसमें गांव हस्तपुर के भीकम्बर सिंह, रामवीर सिंह व बसीर खां के आलू व गांव चंदफरी निवासी प्रवीन शर्मा के लाहा की फसल डूब गई है। किसानों का कहना है कि अभी आलू की बुवाई की गई थी। रजबहा की पटरी कटने से फसल पूरी तरह से चौपट हो गई है। खेत में नमी होने के कारण अब बुवाई में भी समय लगेगा।
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उल्लेखनीय है कि 24 सितंबर और नौ अक्तूबर को भी गांव चंदफरी के निकट रजबहा की पटरी कट गई थी। जिससे किसानों के धान की फसल में पानी भरने से नुकसान हुआ था। पीड़ित किसानों का कहना है कि सिंचाई विभाग की लापरवाही से पटरी कट रही है। पटरी की मरम्मत सही ढंग से नहीं की जा रही है इससे बार-बार पटरी कट रही है।
पहले सूखा फिर बारिश की मार झेल रहे किसानों को पटरी कटने से बार-बार नुकसान उठाना पड़ रहा है। इससे सिंचाई विभाग के प्रति क्षेत्र के किसानों में काफी रोष है। किसानों का कहना है कि नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाया जाना चाहिए। पटरी की मरम्मत भी मजबूती से किया जाना चाहिए ताकि फिर से पटरी न कटे।