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कासगंज में नहीं मिल रहा ठिकाना, नोएडा में डाला डेरा

Tue, 02 Feb 2021 01:02 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 02 Feb 2021 01:02 AM IST
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Can't find accommodation in Kasganj
महानगर के क्वार्सी क्षेत्र की साक्षी विहार कालोनी से अगवा किए गए डॉक्टर को कासगंज के कटरी क्षेत्र में कहां रखा गया था, इन ठिकानों को खोज पाने में काफी दिक्कत आ रही हैं। रविवार रात पुलिस ने कासगंज पुलिस की मदद से डॉक्टर को साथ लेकर ऐसे तमाम ठिकाने देखे, जहां डॉक्टर को बंधक बनाकर रखने का अनुमान था। चूंकि डॉक्टर को पूरे समय आंखें बांधकर रखा गया। इसलिए सटीक ठिकाना नहीं मिल पाया। इसके बाद पुलिस ने सोमवार को दिन में नोएडा का रुख कर दिया है। उन संभावित जगहों पर जांच की जा रही है, जिन जगहों से डॉक्टर परिवार को कॉल की गई थी। उन जगहों की लोकेशन के आधार पर जांच की जा रही है।
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28 जनवरी की सुबह रामघाट रोड नाले की पटरी से अगवा किए गए होम्योपैथी डॉक्टर शीलेंद्र 30 जनवरी की देर शाम अपने घर पहुंच गए थे। हालांकि इस दौरान उनके परिवार को फोन कर 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी। इस प्रकरण में खास बात यह थी कि बदमाशों ने डॉक्टर को कासगंज में बंधक रखा और उनका फोन गाजियाबाद में किसी स्थान पर पहुंचाकर वहां से फिरौती मांगी। साथ ही फिरौती वसूली के लिए ठिकाने भी नोएडा व गाजियाबाद में ही बताए। रविवार को दिन भर की बातचीत के बाद देर रात पुलिस डॉक्टर को अपने साथ कासगंज ले गई। डॉक्टर ने जिस तरह से इलाके में आवाज के अनुसार खुद के रहने का ठिकाना बताया, वहां कासगंज पुलिस की मदद से संभावित ठिकाने रात में देखे गए। डॉक्टर का कहना था कि पास से ट्रेन की आवाज आती थी। दो सीढ़ियां चढ़ाकर उन्हें घर में ले जाया गया था। जिस घर में रखा गया था, उसके आसपास बच्चों के खेलने व रोने की भी आवाजें भी आती थीं। इसके अलावा जब उसे छोड़ने जा रहे थे, तो मौके से पैदल-पैदल खेतों में लाया गया। जब उसे छोड़ा गया तो वह खेतों में था। दूर-दूर तक कुछ नहीं दिख रहा था। कुछ पैदल चलकर उसे सड़क मिली थी। वहां से एक वाहन में सवार होकर वह एटा पहुंचा और एटा से रोडवेज बस में सवार होकर अलीगढ़ अपने घर पहुंचा था। मगर इस सबके बाद पुलिस सटीक जगह नहीं पहुंच पाई। वहां से फिर टीम नोएडा पहुंच गई है। एसएसपी मुनिराज जी के अनुसार डॉक्टर द्वारा जो तथ्य बताए जा रहे हैं और हमारी सर्विलांस की मदद से जो तथ्य सामने आ रहे हैं, उसके अनुसार अपहरण करने वालों को खोजने में टीमें लगी हुई हैं। कासगंज व नोएडा के कुछ ठिकाने हमारे रडार पर हैं।
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‘रहमदिल’ अपहरणकर्ता, डॉक्टर को 200 रुपये देकर किया ‘विदा’
डॉक्टर ने अमर उजाला से मोबाइल पर हुई बातचीत में पुलिस का तहे दिल से शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि मेरे व मेरे परिवार पर जीवन में पुलिस ने जो उपकार किया है, उसे भुला नहीं पाऊंगा। इस कर्ज को कभी मौका मिला तो उतार दूंगा। बातचीत में बताया कि बदमाशों की संख्या छह सात रही होगी। वह उसे खाना पीना देते थे। मगर दहशत में खाना खाया नहीं जाता था। सबसे अधिक दिक्कत उस समय होती थी, जब वह उसके सीने पर कभी पिस्टल तो कभी रायफल रखकर धमकाते थे। वापसी के समय उन्होंने उसे 200 रुपये भाड़े के लिए दिए थे। जिनकी मदद से वह अलीगढ़ पहुंचा था। यहां आने के बाद ही उसने पुलिस व परिवार को बताया कि वह सकुशल लौट आया है।
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