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अलीगढ़: शाहजमाल का धरना 34वें दिन जारी, आंधी-बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें
Mon, 02 Mar 2020 03:24 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 02 Mar 2020 03:24 AM IST
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शाहजमाल ईदगाह में एनआरसी, एनपीआर, सीएए को लेकर धरना देती महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
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सीएए और एनआरसी के विरोध में शाहजमाल ईदगाह के सामने 34 दिन से जारी धरना प्रदर्शन में रविवार का दिन भी शांतिपूर्ण तरीके से गुजरा। शनिवार रात हुई बारिश के बाद उखड़े टेंट को दोबारा से दोपहर तक खड़ा किया जा सका। पंडाल लगाने और उस पर वाटर प्रूफ त्रिपाल लगाने का काम होने की वजह से महिलाओं की संख्या कम ही रही। इधर, ईदगाह के सामने खाली मैदान में कीचड़ होने के कारण पुरुष भी कम पहुंचे। शाम के समय महिलाओं की संख्या 300 से अधिक हो गई, जिसके बाद उन्होंने सरकार विरोधी नारेबाजी की।
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शाहजमाल ईदगाह के सामने हो रहे धरना प्रदर्शन में शुक्रवार के बाद से एएमयू की छात्राओं के न पहुंचने का भी असर देखने को मिल रहा है। छात्राओं के आने पर जो महिलाएं जोशीले तरीके से नारेबाजी करती दिखती थीं। उनके भी तेवर ढीले पड़ गए हैं। रविवार को भी यही हालात रहे। वहीं, जीवनगढ़ पुलिया से धरना प्रदर्शन खत्म होने के बाद अधिकारियों को आशंका थी कि यहां की भीड़ अब फिर से शाहजमाल में डेरा जमाएगी। मगर, रात को बारिश होने के बाद वहां भीड़ नहीं पहुंची। सुबह भी शहरभर में जलभराव होने से प्रदर्शनकारी महिलाएं और पुरुष अपने-अपने घरों में ही डटे रहे।
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कुछ महिलाओं की भीगने से तबियत बिगड़ी
शनिवार रात करीब नौ बजे आंधी और बारिश के बावजूद करीब 200 महिलाएं मौके पर ही डटी थीं। वह बारिश में भीग गई। इनमें से कुछ बुजुर्ग महिलाओं की तबियत खराब हो गई। बारिश से गद्दे गीले होने के बाद महिलाओं ने यहां बैठना मुनासिब न समझा। इसलिए महिलाओं के लिए यहां सूखे गद्दों की व्यवस्था की गई। शनिवार रात को टेंट ठीक करने के दौरान एक युवक लकड़ी की सीढ़ी से गिर पड़ा।
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बाजारों में रौनक लौटने से दुकानदार खुश
सीएए और एनआरसी के विरोध में ऊपरकोट कोतवाली के सामने 23 फरवरी को हुए बवाल के बाद पुराने शहर का बाजार फिर से पटरी पर लौट आया है। शनिवार को बाजार लगने के बाद बेशक खरीदारों की संख्या कम रही। मगर, रविवार को लोगों की भीड़ बाजारों में आम दिनों की तरह उतरी। भीड़ को देख दुकानदारों ने भी राहत की सांस ली। रात के समय बाजार अपने नियत समय से ही बंद हुए। कोतवाली व जामा मस्जिद के बाहर ऊपरकोट पर लगने वाला फड़ बाजार में भी खरीदारों की भीड़ पहुंची। इसे देख पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने भी राहत की सांस ली। बाजारों में फोर्स को तैनात रखा गया है।
होली तक नहीं होने दिया जाएगा कहीं धरना प्रदर्शन
ऊपरकोट और जमालपुर में बवाल के बाद जीवनगढ़ पुलिया पर हजारों की संख्या में डटे प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्ण तरीके से हटाकर प्रशासन ने सराहनीय काम किया है। इस काम के लिए शासन स्तर से भी डीएम की पीठ थपथपाई जा रही है। मगर, प्रशासन इस जीत को सिर न चढ़ने देकर होली की तैयारी में जुट गया है। किसी भी हाल में हालात से शिकंजा ढीला नहीं किया जा रहा है। पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों का उद्देश्य पर होली को शांतिपूर्ण कराने का है। इसके लिए वह हर संभव प्रयास में है कि किसी भी प्रकार से लोगों को मनाकर अब कोई दूसरा धरना प्रदर्शन न शुरू होने दिया जाए। शहर के हालात पर पल-पल की निगाह रखने के लिए खुफिया तंत्र और मुखबिर तंत्र को लगाया गया है। खुफिया तंत्र की रिपोर्ट की हर दिन जिलाधिकारी और एसएसपी अपने स्तर से समीक्षा कर रहे हैं। इधर, शासन स्तर से भी साफ तौर पर निर्देश है कि किसी हाल में होली पर माहौल न बिगड़ने पाए। मिली जानकारी के मुताबिक अन्य जनपदों से आए सुरक्षा बलों को होली तक रोकने की तैयारी की जा रही है।