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सीएए के विरोध में अलीगढ़ जीवनगढ़ में टकराव के हालात, पत्थर हटाने पर पुलिस से नोक-झोंक
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जीवनगढ़ पुलिया प्रदर्शनकारियों ने लगाया जाम।
- फोटो : CITY OFFICE
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मुरादाबाद-अनूपशहर हाईवे को जोड़ने वाले क्वार्सी बाईपास की जीवनगढ़ पुलिया चार दिन से चल रहे धरने पर बृहस्पतिवार को फिर टकराव के हालात बने। यहां धरनास्थल पर लगे पत्थरों के ढेर को एक दुकानदार ने अपना बताते हुए हटाना शुरू किया तो वहां विरोध शुरू हो गया। हंगामेदार स्थिति पर पुलिस बीच में आई तो पुलिस से नोकझोंक हो गई। इसके चलते वापस हटना पड़ा। एक बार तो यह लगा कि अभी टकराव हो जाएगा। मगर, मौके की नजाकत को भांपते हुए पुलिस पीछे लौट आई। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने वहां रखे पत्थर वापस रख लिए।
चार दिन से चल रहे धरने से स्थानीय दुकानदार परेशान हैं। यहां एक बिल्डिंग मैटेरियल वाले की दुकान से पत्थर उठाकर प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर रख लिए हैं। इस पर दुकानदार ने वहां ट्रैक्टर मंगवाकर अपने पत्थर भरवाना शुरू किया। इस पर हंगामी स्थिति बनने पर पुलिस बीच में आई तो पुलिस से नोकझोंक हो गई। बाद में दुकानदार भी पीछे हट गया तो भीड़ ने पत्थर वापस वहीं रख लिए। इधर, अधिकारी इलाके के मुअज्जिज लोगों से धरना खत्म करवाने को लेकर बातचीत करते रहे। मगर, इसमें सफलता नहीं मिल सकी। इधर, अलीगढ़-अनूपशहर रोड पर चल रहे धरने में बुधवार को पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगने की बात जिला प्रशासन की ओर से बताई गई थी। इस पर धरना दे रहीं महिलाओं का कहना है कि अगर जिला प्रशासन पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने वाली महिला का वीडियो या सुबूत दे दे तो खुद उस महिला को गिरफ्तार करा देंगी। महिलाओं ने कहा कि धरने को कमजोर करने के लिए ऐसी बयानबाजी की जा रही है। वहीं प्रदर्शन स्थल पर लगा वी स्टैंड वायलेंस वाला बैनर बृहस्पतिवार को हटा दिया गया।
धूप से बचने की खातिर पर्दा लगाने पर पुरानी चुंगी पर बहस
जमालपुर की तरफ एएमयू के गेट के सामने (पुरानी चुंगी) पांच दिन से चल रहे धरने में बैठे लोगों को धूप से परेशानी हो रही है। धूप से बचने की खातिर पर्दा लगाने को लेकर बृहस्पतिवार को छात्रों व पुलिस की बहस हो गई। बुधवार को शामियाना लगाने को लेकर पुलिस व छात्रों में तीखी नोकझोंक हो गई थी। हालांकि, पुलिस ने शामियाना नहीं लगने दिया। इधर, इस धरनास्थल पर बुधवार को सड़क पर जाम लगाकर नमाज पढ़ने को लेकर मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस मुकदमे में 20 लोग नामजद व 500 अज्ञात आरोपी बनाए हैं। इनमें कुछ एएमयू छात्र व छात्र नेता भी हैं। बता दें कि 23 के उपद्रव के बाद अब तक यह 14वां मुकदमा है।
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सीओ तृतीय अनिल समानिया ने बताया कि थाना सिविल लाइन में 20 नामजद सहित 500 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जिन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है उनमें फरहान जुबैरी, आरिफ त्यागी, एम कट्टा वाला, आरिफ खान, अदनान, सुहेब, जरखी, आसिफ, नासिर, उमैर, शहनाज अल्वी बीएससी थर्ड ईयर, अनवर हुदा, जत्थर, इमरान जलाली, मो. आकिब, खुदा मेहबूब, चांद कारपेंटर, शानू खेड़ा, अल्तमश लोको कालोनी, आफताब नामजद हैं। अन्य अज्ञात में शामिल हैं। इनके खिलाफ 188, अवैध रूप से जाम लगाना, भड़काऊ बातें करने की धाराएं लगाई गई हैं।
जमालपुर में पुलिस को खिलाया खाना
सोमवार को बवाल के बाद जमालपुर ईदगाह के पास पुलिस फोर्स तैनात है। बृहस्पतिवार को मोहल्ले के ही इशरत उल्लाह व रफीक अहमद ने फोर्स के जवानों को दोपहर का खाना खिलाया। सीओ अनिल समानिया ने कहा कि इशरत उल्लाह ने अपने घर पर 25 पुलिस अधिकारियों को खाना खिलाया, जबकि 200 पुलिस कर्मियों के लिए खाना भेजा। एसीएम-द्वितीय रंजीत सिंह ने कहा कि पिता-पुत्र ने शांति के दूत हैं। वह शांति बनाए रखने में सहयोग कर रहे हैं। शाम को इशरत उल्लाह व रफीक अहमद ने जमालपुर की तरफ एएमयू गेट के सामने (चुंगी) पर धरने पर बैठे लोगों को भोजन कराया।
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चार दिन से चल रहे धरने से स्थानीय दुकानदार परेशान हैं। यहां एक बिल्डिंग मैटेरियल वाले की दुकान से पत्थर उठाकर प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर रख लिए हैं। इस पर दुकानदार ने वहां ट्रैक्टर मंगवाकर अपने पत्थर भरवाना शुरू किया। इस पर हंगामी स्थिति बनने पर पुलिस बीच में आई तो पुलिस से नोकझोंक हो गई। बाद में दुकानदार भी पीछे हट गया तो भीड़ ने पत्थर वापस वहीं रख लिए। इधर, अधिकारी इलाके के मुअज्जिज लोगों से धरना खत्म करवाने को लेकर बातचीत करते रहे। मगर, इसमें सफलता नहीं मिल सकी। इधर, अलीगढ़-अनूपशहर रोड पर चल रहे धरने में बुधवार को पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगने की बात जिला प्रशासन की ओर से बताई गई थी। इस पर धरना दे रहीं महिलाओं का कहना है कि अगर जिला प्रशासन पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने वाली महिला का वीडियो या सुबूत दे दे तो खुद उस महिला को गिरफ्तार करा देंगी। महिलाओं ने कहा कि धरने को कमजोर करने के लिए ऐसी बयानबाजी की जा रही है। वहीं प्रदर्शन स्थल पर लगा वी स्टैंड वायलेंस वाला बैनर बृहस्पतिवार को हटा दिया गया।
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धूप से बचने की खातिर पर्दा लगाने पर पुरानी चुंगी पर बहस
जमालपुर की तरफ एएमयू के गेट के सामने (पुरानी चुंगी) पांच दिन से चल रहे धरने में बैठे लोगों को धूप से परेशानी हो रही है। धूप से बचने की खातिर पर्दा लगाने को लेकर बृहस्पतिवार को छात्रों व पुलिस की बहस हो गई। बुधवार को शामियाना लगाने को लेकर पुलिस व छात्रों में तीखी नोकझोंक हो गई थी। हालांकि, पुलिस ने शामियाना नहीं लगने दिया। इधर, इस धरनास्थल पर बुधवार को सड़क पर जाम लगाकर नमाज पढ़ने को लेकर मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस मुकदमे में 20 लोग नामजद व 500 अज्ञात आरोपी बनाए हैं। इनमें कुछ एएमयू छात्र व छात्र नेता भी हैं। बता दें कि 23 के उपद्रव के बाद अब तक यह 14वां मुकदमा है।
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सीओ तृतीय अनिल समानिया ने बताया कि थाना सिविल लाइन में 20 नामजद सहित 500 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जिन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है उनमें फरहान जुबैरी, आरिफ त्यागी, एम कट्टा वाला, आरिफ खान, अदनान, सुहेब, जरखी, आसिफ, नासिर, उमैर, शहनाज अल्वी बीएससी थर्ड ईयर, अनवर हुदा, जत्थर, इमरान जलाली, मो. आकिब, खुदा मेहबूब, चांद कारपेंटर, शानू खेड़ा, अल्तमश लोको कालोनी, आफताब नामजद हैं। अन्य अज्ञात में शामिल हैं। इनके खिलाफ 188, अवैध रूप से जाम लगाना, भड़काऊ बातें करने की धाराएं लगाई गई हैं।
जमालपुर में पुलिस को खिलाया खाना
सोमवार को बवाल के बाद जमालपुर ईदगाह के पास पुलिस फोर्स तैनात है। बृहस्पतिवार को मोहल्ले के ही इशरत उल्लाह व रफीक अहमद ने फोर्स के जवानों को दोपहर का खाना खिलाया। सीओ अनिल समानिया ने कहा कि इशरत उल्लाह ने अपने घर पर 25 पुलिस अधिकारियों को खाना खिलाया, जबकि 200 पुलिस कर्मियों के लिए खाना भेजा। एसीएम-द्वितीय रंजीत सिंह ने कहा कि पिता-पुत्र ने शांति के दूत हैं। वह शांति बनाए रखने में सहयोग कर रहे हैं। शाम को इशरत उल्लाह व रफीक अहमद ने जमालपुर की तरफ एएमयू गेट के सामने (चुंगी) पर धरने पर बैठे लोगों को भोजन कराया।