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आधा शटर खोलकर चला व्यापार, खुले बाजारों में भी रही भीड़भाड़
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एक तरफ उप्र सरकार कोरोना कर्फ्यू की अवधि बार-बार बढ़ा रही है। जबकि व्यापारी एक तरह से इसके पक्ष में नहीं दिख रहे हैं। क्योंकि सोमवार को जहां खुले बाजारों में भीड़भाड़ रही। वहीं 11 बजे के बाद भी दुकानदारों का व्यापार चला। दुकानदारों ने आधा शटर खोलकर ग्राहकों को सामान बेचा।
रेलवे रोड पर कई दुकानों के आगे लड़के व दुकानदार खड़े रहे। ग्राहक आता तो शटर खोलकर ग्राहक को अंदर कर दिया जाता। पुलिस आने और न आने की गफलत में भी दुकानदारों की बिक्री चलती रही। दुकानदार से लेकर ग्राहक तक सभी परेशान नजर आए। इसके अलावा पुलिस ने जगह जगह बैरियर लगाकर चेकिंग की और चालान भी काटे।
सुबह आठ बजे से लेकर 11 बजे तक महावीर गंज और बारहद्वारी में खरीदारी के लिए काफी भीड़भाड़ रही। महावीरगंज में तो पैर रखने की जगह भी नहीं बची। इसके अलावा रामघाट रोड, जीटी रोड और आगरा रोड पर ढकेल, फड़ वालों से भी लोगों ने सब्जी, फल आदि की खरीदारी की।
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11 बजे के बाद ऊपरकोट, रेलवे रोड और आगरा रोड पर कई दुकानें खुली मिलीं। इनमें कपड़े से लेकर सेवईं, रेडीमेड, गार्मेंट्स आदि की दुकानें भी शामिल थीं। कई दुकानदार तो आधे से ज्यादा शटर गिराकर दुकान के बाहर कुर्सी डालकर बैठ गए। ग्राहक कोई सामान मांगता, वैसे ही जल्दी से अंदर से एक लड़का सामान पकड़ा देता।
वहीं, रेलवे रोड पर कुछ दुकानें ऐसी भी थीं, जिन पर ताला लगा हुआ था। ग्राहक आता तो दुकानदार और उसके यहां काम करने वाले लड़के पूछ लेते कि क्या चाहिए। ग्राहक अपना सामान बताता तो दुकान खोलकर ग्राहक को अंदर कर दिया जाता और शटर पूरी गिरा दी जाती।
दोपहर तक अधिकांश दुकानों पर यही खेल चलता रहा। इससे साफ कहा जा सकता है कि व्यापारी बाजार बंदी के पक्ष में बिल्कुल नहीं हैं। वहीं, ग्राहक भी औने-पौने दामों में मिल रहे सामान को खरीदने के लिए मजबूर रहे। मोलभाव तो काफी दूर की बात है। दोपहर को कालोनी, गली-मोहल्ले में सन्नाटा पसरा रहा तो शाम को लोग टहलने के लिए निकले। इसके अलावा शहर के प्रमुख मार्गों पर दिनभर यातायात दौड़ता रहा।
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रेलवे रोड पर कई दुकानों के आगे लड़के व दुकानदार खड़े रहे। ग्राहक आता तो शटर खोलकर ग्राहक को अंदर कर दिया जाता। पुलिस आने और न आने की गफलत में भी दुकानदारों की बिक्री चलती रही। दुकानदार से लेकर ग्राहक तक सभी परेशान नजर आए। इसके अलावा पुलिस ने जगह जगह बैरियर लगाकर चेकिंग की और चालान भी काटे।
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सुबह आठ बजे से लेकर 11 बजे तक महावीर गंज और बारहद्वारी में खरीदारी के लिए काफी भीड़भाड़ रही। महावीरगंज में तो पैर रखने की जगह भी नहीं बची। इसके अलावा रामघाट रोड, जीटी रोड और आगरा रोड पर ढकेल, फड़ वालों से भी लोगों ने सब्जी, फल आदि की खरीदारी की।
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11 बजे के बाद ऊपरकोट, रेलवे रोड और आगरा रोड पर कई दुकानें खुली मिलीं। इनमें कपड़े से लेकर सेवईं, रेडीमेड, गार्मेंट्स आदि की दुकानें भी शामिल थीं। कई दुकानदार तो आधे से ज्यादा शटर गिराकर दुकान के बाहर कुर्सी डालकर बैठ गए। ग्राहक कोई सामान मांगता, वैसे ही जल्दी से अंदर से एक लड़का सामान पकड़ा देता।
वहीं, रेलवे रोड पर कुछ दुकानें ऐसी भी थीं, जिन पर ताला लगा हुआ था। ग्राहक आता तो दुकानदार और उसके यहां काम करने वाले लड़के पूछ लेते कि क्या चाहिए। ग्राहक अपना सामान बताता तो दुकान खोलकर ग्राहक को अंदर कर दिया जाता और शटर पूरी गिरा दी जाती।
दोपहर तक अधिकांश दुकानों पर यही खेल चलता रहा। इससे साफ कहा जा सकता है कि व्यापारी बाजार बंदी के पक्ष में बिल्कुल नहीं हैं। वहीं, ग्राहक भी औने-पौने दामों में मिल रहे सामान को खरीदने के लिए मजबूर रहे। मोलभाव तो काफी दूर की बात है। दोपहर को कालोनी, गली-मोहल्ले में सन्नाटा पसरा रहा तो शाम को लोग टहलने के लिए निकले। इसके अलावा शहर के प्रमुख मार्गों पर दिनभर यातायात दौड़ता रहा।