फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Business being done in the name of agriculture, the government is facing losses

कृषि के नाम पर हो रहा कारोबार, घाटा झेल रही है सरकार

Fri, 09 Jul 2021 12:54 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 09 Jul 2021 12:54 AM IST
विज्ञापन
Business being done in the name of agriculture, the government is facing losses
दीपक शर्मा
विज्ञापन

कृषि कार्य में पंजीकृत ट्रैक्टर-ट्रॉली का व्यवसाय कार्यों में हो रहे उपयोग से एक ओर जहां संभागीय परिवहन विभाग को राजस्व का चूना लग रहा है, वहीं शहर के ट्रांसपोर्टर भी अपने व्यापार के प्रभावित होने की बात कह रहे हैं।
यह ट्रैक्टर-ट्रॉली सीमेंट, भवन निर्माण सामग्री, कारखानों में इस्तेमाल होने वाला स्क्रैप, तैयार माल आदि की ढुलाई में लगे हुए हैं। संभागीय परिवहन विभाग के मुताबिक उनके यहां पर कुल 52813 ट्रैक्टर अलीगढ़ जनपद में पंजीकृत हैं। इनमें से लगभग 5200 व्यावसायिक श्रेणी में पंजीकृत हैं बाकी अन्य कृषि कार्य के लिए उपयोग में आने की बात ट्रैक्टर मालिक द्वारा दर्शाई गई है। इसके अलावा क्षेत्र के जानकार कहते हैं कि अनुमान के मुताबिक 4000 से अधिक छोटे और बड़े अवैध ट्रैक्टर भी जिले में दौड़ रहे हैं। समय-समय पर विभाग द्वारा अभियान चलाया जाता है, लेकिन इस समस्या पर पूरी तरह रोक नहीं लग सकी है।
विज्ञापन

इस समय शहर में छोटे ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ चल रहे हैं और वह सब्जियां, फल, कारखानों की स्क्रैप, तैयार माल, गते के डिब्बे, ताले, किराने की दुकान का सामान, प्लाईवुड, बिल्डिंग मटेरियल आदि की ढुलाई कर रहे हैं। मंडी से सामान बाजार में पहुंचा रहे हैं। इस तरह छोटे मालवाहक वाहन चलाने वाले ट्रांसपोर्टर नुकसान झेल रहे हैं। महामारी ने पहले से ही उनकी हालत खराब कर रखी है। क्योंकि यह लोग पंजीकरण, फिटनेस, परमिट आदि का पैसा बचा लेते हैं। जिससे यह हमारे भाड़े के रेट खराब करते हैं
विज्ञापन
विज्ञापन

-वीके तिवारी, ट्रांसपोर्ट व्यापारी
कृषि कार्य में उपयोग होने वाले ट्रैक्टर को पंजीकरण से लेकर टैक्स में कई प्रकार की छूट दी गई है। जब व्यावसायिक श्रेणी में ट्रैक्टर के साथ-साथ ट्रॉली की भी फिटनेस और पंजीकरण कराना होता है। ट्रॉली पर उसके आकार और वजन के अनुसार टैक्स लगाया जाता है, लेकिन इसका पालन बहुत कम ट्रैक्टर-ट्रॉली मालिक करते हैं।
- प्रतीक चौधरी, एडवोकेट, मोटर वाहन एक्ट
गलत तरीके से व्यावसायिक कार्य के लिए उपयोग में लाए जा रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़कों पर राहगीरों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बनते हैं। दुर्घटना होने के बाद जब बीमा का क्लेम लेने की बात आती है तब दुर्घटना में ट्रैक्टर के शामिल होने का पता चलने पर कई प्रकार की समस्याएं आती हैं।

-शरद बंसल, वाहन बीमा विशेषज्ञ
ट्रैक्टर-ट्रॉली का गलत तरीके से व्यावसायिक कार्य के लिए उपयोग और इनका अवैध संचालन होने की जानकारी विभाग को है। विभाग समय-समय पर इनके खिलाफ कार्रवाई भी करता है, लेकिन यह बात सही है कि इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। जल्द ही इनके खिलाफ एक व्यापक अभियान चलाए जाने की तैयारी चल रही है।
-फरीदुद्दीन, एआरटीओ प्रवर्तन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed