{"_id":"57deeed94f1c1b1d0aa8297d","slug":"btech-in-children-half-years-on-child-care-leave","type":"story","status":"publish","title_hn":"बच्चे बीटेक में, डेढ़ साल से चाइल्ड केयर लीव पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बच्चे बीटेक में, डेढ़ साल से चाइल्ड केयर लीव पर
अमर उजाला, अलीगढ़
Updated Mon, 19 Sep 2016 01:21 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मातृत्व अवकाश और बच्चों की देखभाल के लिए महिलाओं को शिक्षा विभाग में दिया जाने वाला अवकाश (चाइल्ड केयर लीव) का कुछ शिक्षिकाओं द्वारा दुरुपयोग किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। जिले में कुछ स्कूलों की शिक्षिकाओं ने इस लीव के आधार पर पिछले एक डेढ़ सालों से छुट्टी ले रखी है।
सामाजिक कार्यकर्ता नरेश निराला ने ऐसे ही कुछ स्कूलों में तैनात शिक्षिकाओं की सूची बनाकर पत्र सहित जिलाधिकारी कार्यालय को भेजी है। पत्र में सीएलएल अवकाश के दुरुपयोग की जांच करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
नरेश निराला ने पत्र में कहा है कि जिले में अतरौली, इगलास, खैर, गभाना क्षेत्र में कुछ प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूल स्कूल ऐसे हैं, जहां पर कुछ संपन्न घरों की शिक्षिकाओं ने विभागीय अधिकारियों से मिलकर सीएलएल के आधार पर लंबा अवकाश ले रखा है। एक डेढ़ वर्ष से यह लगातार अवकाश पर हैं।
विज्ञापन
(तीन महीने का अवकाश लिया। कुछ दिन काम किया और फिर अवकाश ले लिया) जबकि कुछ शिक्षिकाओं के बच्चे बीटेक, बीएससी, एमबीए आदि पाठ्यक्रमों में पढ़ रहे हैं। अगर इन शिक्षिकाओं के अवकाश की अवधि और इनके बच्चों की स्कूल की हाजिरी मिला ली जाए तो तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी।
इसके अलावा यह अवकाश छोटे बच्चों की देखभाल के लिए है न कि वयस्क बच्चों के लिए। इस संबंध में एबीएसए मो. जाकिर ने कहा कि इस संबंध में कोई शिकायत हुई है तो इसकी जानकारी नहीं है, लेकिन अतरौली के एक स्कूल में जो छुट्टी की बात कही जा रही है वह मातृत्व अवकाश पर नहीं हैं।
वह शिक्षिका चाइल्ड केयर लीव पर हैं। इससे अधिक कुछ कहने की स्थिति नहीं है।
विज्ञापन
सामाजिक कार्यकर्ता नरेश निराला ने ऐसे ही कुछ स्कूलों में तैनात शिक्षिकाओं की सूची बनाकर पत्र सहित जिलाधिकारी कार्यालय को भेजी है। पत्र में सीएलएल अवकाश के दुरुपयोग की जांच करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन
नरेश निराला ने पत्र में कहा है कि जिले में अतरौली, इगलास, खैर, गभाना क्षेत्र में कुछ प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूल स्कूल ऐसे हैं, जहां पर कुछ संपन्न घरों की शिक्षिकाओं ने विभागीय अधिकारियों से मिलकर सीएलएल के आधार पर लंबा अवकाश ले रखा है। एक डेढ़ वर्ष से यह लगातार अवकाश पर हैं।
विज्ञापन
(तीन महीने का अवकाश लिया। कुछ दिन काम किया और फिर अवकाश ले लिया) जबकि कुछ शिक्षिकाओं के बच्चे बीटेक, बीएससी, एमबीए आदि पाठ्यक्रमों में पढ़ रहे हैं। अगर इन शिक्षिकाओं के अवकाश की अवधि और इनके बच्चों की स्कूल की हाजिरी मिला ली जाए तो तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी।
इसके अलावा यह अवकाश छोटे बच्चों की देखभाल के लिए है न कि वयस्क बच्चों के लिए। इस संबंध में एबीएसए मो. जाकिर ने कहा कि इस संबंध में कोई शिकायत हुई है तो इसकी जानकारी नहीं है, लेकिन अतरौली के एक स्कूल में जो छुट्टी की बात कही जा रही है वह मातृत्व अवकाश पर नहीं हैं।
वह शिक्षिका चाइल्ड केयर लीव पर हैं। इससे अधिक कुछ कहने की स्थिति नहीं है।