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भाजपा की बी टीम बनी बसपा, इसलिए हारे चुनाव : जमीरउल्लाह
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धनीपुर मंडी में मतगणना के दौरान सपा मेयर प्रत्याशी जमीर उल्लाह और भाजपा मेयर प्रत्याशी प्रशांत
- फोटो : samvad
नगर निगम में महापौर पद पर भाजपा के प्रशांत सिंघल से चुनाव हारने वाले पूर्व विधायक और सपा के मेयर प्रत्याशी जमीरउल्लाह खां ने कहा कि बसपा ही भाजपा की बी टीम है। इसलिए मुस्लिम मतों का बिखराव करने के लिए बसपा सपा के मुकाबले में मुस्लिम प्रत्याशी उतारती है। जिसका सीधा फायदा भाजपा को मिलता है। इस चुनाव में भी यही हुआ है। उन्होंने मुस्लिम इलाकों की मतदाता सूची से मतदाताओं के नाम गायब करने को हार की दूसरी बड़ी वजह बताया।
जमीरउल्लाह ने बसपा के मेयर प्रत्याशी सलमान शाहिद के एक बयान पर तंज कसते हुए कहा कि जिसको (जमीरउल्लाह) 1,32,755 वोट मिले हैं, उसे बसपा की हार की वजह बताया जा रहा है, जबकि बसपा प्रत्याशी को महज 47065 वोट मिले और उनकी जमानत तक जब्त हो गई है। पूर्व विधायक ने कहा कि 1.32 लाख मतों के रूप में लोगों का उनसे भावनात्मक जुड़ाव हुआ है, इसके लिए वह जनता को तहेदिल से धन्यवाद देते हैं। उन्होंने कहा कि बसपा प्रमुख मायावती हमेशा भाजपा की मदद करती हैं।
इसके लिए मुस्लिमों का वोट काटती हैं, जिसका लाभ भाजपा को मिलता है। जहां-जहां मुस्लिम प्रत्याशी मजबूत थे, वहां-वहां बसपा ने मुस्लिम प्रत्याशी उतारकर मतों का बिखराव किया और भाजपा को जिताने का काम किया है। हार का दूसरा बड़ा कारण प्रशासन द्वारा भाजपा के इशारे पर मुस्लिम इलाकों में वोट काटना रहा है। पूर्व विधायक ने कहा कि उन्हें 2023 की वोटर लिस्ट दी गई और बूथ पर पुरानी लिस्ट से मतदान कराया गया है। इसकी शिकायत नामांकन के दिन से की जाती रही है, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने मतगणना में किसी भी तरह की गड़बड़ी को नकार दिया। आगे कहा कि वे जिस तरह से जनता के मुद्दों पर लड़ते आए हैं, भविष्य में भी लड़ते रहेंगे। उन्हें सर्व समाज का वोट मिला है। ब्यूरो
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जमीरउल्लाह ने बसपा के मेयर प्रत्याशी सलमान शाहिद के एक बयान पर तंज कसते हुए कहा कि जिसको (जमीरउल्लाह) 1,32,755 वोट मिले हैं, उसे बसपा की हार की वजह बताया जा रहा है, जबकि बसपा प्रत्याशी को महज 47065 वोट मिले और उनकी जमानत तक जब्त हो गई है। पूर्व विधायक ने कहा कि 1.32 लाख मतों के रूप में लोगों का उनसे भावनात्मक जुड़ाव हुआ है, इसके लिए वह जनता को तहेदिल से धन्यवाद देते हैं। उन्होंने कहा कि बसपा प्रमुख मायावती हमेशा भाजपा की मदद करती हैं।
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इसके लिए मुस्लिमों का वोट काटती हैं, जिसका लाभ भाजपा को मिलता है। जहां-जहां मुस्लिम प्रत्याशी मजबूत थे, वहां-वहां बसपा ने मुस्लिम प्रत्याशी उतारकर मतों का बिखराव किया और भाजपा को जिताने का काम किया है। हार का दूसरा बड़ा कारण प्रशासन द्वारा भाजपा के इशारे पर मुस्लिम इलाकों में वोट काटना रहा है। पूर्व विधायक ने कहा कि उन्हें 2023 की वोटर लिस्ट दी गई और बूथ पर पुरानी लिस्ट से मतदान कराया गया है। इसकी शिकायत नामांकन के दिन से की जाती रही है, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने मतगणना में किसी भी तरह की गड़बड़ी को नकार दिया। आगे कहा कि वे जिस तरह से जनता के मुद्दों पर लड़ते आए हैं, भविष्य में भी लड़ते रहेंगे। उन्हें सर्व समाज का वोट मिला है। ब्यूरो
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