यूपीः 10 लाख के लिए दोस्तों ने किया अगवा, फंसने के डर से कर दी हत्या
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महानगर के बन्नादेवी थाना क्षेत्र के त्रिमूर्ति नगर के एक अस्थाई चतुर्थ श्रेणी बैंककर्मी के बेटे को शुक्रवार को उसके दोस्तों ने 10 लाख की फिरौती के लिए अगवा कर मार डाला। शातिर दोस्तों ने किशोर की गला दबाकर हत्या के बाद भी उसे जीवित बताकर पैसे ऐंठने की कोशिश में लगे रहे।
पुलिस ने फिरौती के लिए आए मोबाइल नंबर की मदद से मुख्य आरोपी को दबोच लिया। शनिवार शाम उसकी निशानदेही पर गभाना क्षेत्र में पला सल्लू नहर से शव बरामद कर दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार और एक आरोपी के पिता को हिरासत में ले लिया। सभी के खिलाफ अपहरण-हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इधर, बैंककर्मी के परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
सुरक्षा विहार से सटे त्रिमूर्ति नगर निवासी धर्मेंद्र सिंह पुत्र गोपीचंद बैंक ऑफ बड़ौदा जीटी रोड शाखा में अस्थाई चतुर्थ श्रेणी कर्मी हैं। परिवार में दो बेटी-दो बेटे हैं। बड़ी बेटी से दूसरे नंबर का बेटा 16 वर्षीय अभिषेक सिंह कक्षा 9 का छात्र था।
मां के अनुसार शुक्रवार दोपहर 12 बजे करीब अभिषेक को मोहल्ले के ही शिवम ने फोन कर टिकटॉक वीडियो बनाने के लिए बुला लिया। जाते समय मां ने पूछा तो वह शिवम के साथ फोटो-वीडियो शूट करने के लिए जाने की बात कहकर गया।
थोड़ी देर बाद अभिषेक के पिता धर्मेंद्र सिंह के साथ काम करने वाले बैंक में क्लर्क मयंक अग्रवाल को अभिषेक के नंबर से फोन आया, जिसमें एक युवक ने अभिषेक के अपहरण की बात कहते हुए 10 लाख रुपये की मांग की।
मयंक ने धर्मेंद्र को फोन दिया तो उन्होंने फोनकर्ता की बात को मजाक मानते हुए टाल दिया। इसके बाद कुछ देर बाद करीब 1.10 बजे फोनकर्ता ने फिर फोन किया और अभिषेक से बात कराई तो पिता के होश उड़ गए। वह मयंक अग्रवाल के साथ थाने पहुंचे। यहां पुलिस को पूरा मामला बताया।
पुलिस ने नंबर को सर्विलांस पर लगाते हुए तफ्तीश शुरू कर दी। इसके बाद अपहरणकर्ता ने अपने नंबर से फोन कर सारसौल स्थित राजू ढाबा पर दस लाख रुपये पहुंचाने की बात रखी। परिवार ने इतनी रकम का इंतजाम न होने की बात कही। इस पर अपहरकर्ता ने एक लाख रुपये में सौदा तय कर लिया।
इधर, पुलिस ने ट्रैपिंग का प्लान बना लिया। परिवार पैसे लेकर ढाबे पर गए। मगर, वहां कोई नहीं मिला। इसके बाद अपहरणकर्ताओं ने फिर से फोन कर साईं मंदिर पर पैसे छोड़ने की बात कही। मगर परिवार ने कहा कि एक हाथ बच्चा दो दूसरे हाथ पैसे लो। मगर वहां भी परिवार वाले पहुंचे लेकिन किसी का सुराग नहीं लगा।
इधर, सर्विलांस से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने मोबाइल नंबर ट्रेस होने पर शिवम को दबोच लिया। शिवम पुलिस के डर से टूट गया। उसने अभिषेक केअपहरण की बात कुबूल कर ली। दो अन्य साथी बाबू और अनिकेत निवासीगण बरौला, बन्नादेवी का नाम बता दिया। बाबू और शिवम पॉलिटेक्निक के छात्र हैं। शिवम की निशानदेही पर अभिषेक के शव को पला सल्लू नहर से बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
साथ ही अन्य दोनों आरोपियों को भी दबोच लिया। आरोपी अनिकेत के पिता की भूमिका इस मामले में बेटे द्वारा वारदात बताने के बाद उसे छिपाने की सामने आई है। उसको भी मुकदमे में शामिल किया गया है।
मुख्य आरोपी के तौर पर शिवम सामने आया है। उनका एक साथी दुर्गेश अभी फरार है। पूछताछ में पता लगा कि वह अभिषेक के पिता की बैंक में नौकरी और घर में पल्सर बाइक को देख चकाचौंध हो गए थे। ऐश मौज के लिए पैसे जुटाने के लिए अभिषेक ने अपहरण का प्लान बनाया था। मगर, फिरौती लेने के बाद छोड़ने पर पहचान खुलने के डर से उसे मौत के घाट उतार दिया। फिरौती पाकर वह फरार होने की फिराक में थे।
एक दिन पहले परिवार की सूचना पर पुलिस टीम बनाकर जांच की गई तो किशोर केअपहरण व फिरौती की बात सामने आई थी। मगर पकड़े जाने के भय से आरोपियों ने उसकी हत्या कर दी और फिर भी फिरौती की रकम मांगते रहे। पुलिस टीम ने तीन आरोपियों को दबोच लिया है। एक अभियुक्त अभी फरार है। -अभिषेक एसपी सिटी