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Aligarh News: कर्जदार ने नहीं जमा किए रुपये, गारंटर का सील हुआ मकान
Wed, 21 Jun 2023 01:27 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
Updated Wed, 21 Jun 2023 01:27 AM IST
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स्थानीय पीएनबी शाखा से लिए गए कर्ज को जमा नहीं करने पर बैंक ने कार्रवाई करते हुए तहसील प्रशासन की मदद से गारंटर के मकान को सील कर दिया। बैंक ने घर पर रखा सारा सामान निकालकर परिवार वालों के सुपुर्द कर दिया। इससे पूरा परिवार सड़क पर आ गया है। घर से निकाले जाने के बाद महिला व उसके बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
कस्बा निवासी मुनेश कुमार ने चार साल पहले पंजाब नेशनल बैंक शाखा से 27 लाख रुपये का कर्ज लिया था। उस वक्त बतौर गारंटर श्रीराम नगर निवासी शीला देवी पत्नी यादराम सिंह का आधार कार्ड व मकान के बैनामा के प्रपत्र लगाए गए थे। चार साल से कर्ज की एक भी किश्त मुनेश कुमार ने नहीं जमा की।
बैंक ने मुनेश व शीला देवी को कई बार नोटिस भेजा, फिर भी धन जमा न करने पर मंगलवार को प्रबंधक ओमविभु, जितेंद्र कौशिक, पुनीत गौड़ सहित नायब तहसीलदार श्वेता झावड़िया के नेतृत्व में पुलिस टीम ने शीला देवी के मकान से सामान निकलवाने के बाद मकान को सील कर दिया।
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धोखे से लिए थे मकान के कागज
सामान निकालकर मकान को सील किए जाने पर शीला देवी फफक-फफक कर रो रही थीं। उन्होंने बताया कि उनके पति यादराम बघेल होमगार्ड में हैं। मुनेश का उनके घर आना-जाना था। चार साल पहले वह उन्हें गुमराह करके बैंक ले गया और आधार कार्ड व मकान के कागज जमा करा दिए। लिए गए कर्ज में उन्हें फूटी कौड़ी तक नहीं मिली। जब पता चला कि उनके मकान के कागज लगाकर बैंक से कर्ज लिया गया है तो कई बार मुनेश से रुपया जमा करने के लिए कहा लेकिन, लेकिन उसने रुपये जमा नहीं किए।
बेटी की विदाई है, 25 तारीख तक रुक जाते साहब
शीला देवी अधिकारियों से बार-बार मिन्नतें कर रही थीं कि बेटी गरिमा की तीन साल पहले शादी हो चुकी है। तीन साल बाद बेटी का गोहना विदाई होनी है। विदाई तक कार्रवाई रोक दो। इसके बाद मकान सील कर लेना, लेकिन अधिकारियों ने कानून के अनुसार सोमवार को ही कार्रवाई करने की बात कहते हुए मकान को सील कर दिया।
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कस्बा निवासी मुनेश कुमार ने चार साल पहले पंजाब नेशनल बैंक शाखा से 27 लाख रुपये का कर्ज लिया था। उस वक्त बतौर गारंटर श्रीराम नगर निवासी शीला देवी पत्नी यादराम सिंह का आधार कार्ड व मकान के बैनामा के प्रपत्र लगाए गए थे। चार साल से कर्ज की एक भी किश्त मुनेश कुमार ने नहीं जमा की।
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बैंक ने मुनेश व शीला देवी को कई बार नोटिस भेजा, फिर भी धन जमा न करने पर मंगलवार को प्रबंधक ओमविभु, जितेंद्र कौशिक, पुनीत गौड़ सहित नायब तहसीलदार श्वेता झावड़िया के नेतृत्व में पुलिस टीम ने शीला देवी के मकान से सामान निकलवाने के बाद मकान को सील कर दिया।
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धोखे से लिए थे मकान के कागज
सामान निकालकर मकान को सील किए जाने पर शीला देवी फफक-फफक कर रो रही थीं। उन्होंने बताया कि उनके पति यादराम बघेल होमगार्ड में हैं। मुनेश का उनके घर आना-जाना था। चार साल पहले वह उन्हें गुमराह करके बैंक ले गया और आधार कार्ड व मकान के कागज जमा करा दिए। लिए गए कर्ज में उन्हें फूटी कौड़ी तक नहीं मिली। जब पता चला कि उनके मकान के कागज लगाकर बैंक से कर्ज लिया गया है तो कई बार मुनेश से रुपया जमा करने के लिए कहा लेकिन, लेकिन उसने रुपये जमा नहीं किए।
बेटी की विदाई है, 25 तारीख तक रुक जाते साहब
शीला देवी अधिकारियों से बार-बार मिन्नतें कर रही थीं कि बेटी गरिमा की तीन साल पहले शादी हो चुकी है। तीन साल बाद बेटी का गोहना विदाई होनी है। विदाई तक कार्रवाई रोक दो। इसके बाद मकान सील कर लेना, लेकिन अधिकारियों ने कानून के अनुसार सोमवार को ही कार्रवाई करने की बात कहते हुए मकान को सील कर दिया।