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बोहरा धर्मगुरु सैयदना फिर बने एएमयू के कुलाधिपति
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Mon, 03 Dec 2018 02:22 AM IST
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- फोटो : file photo
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बोहरा समुदाय के धर्मगुरु डॉ. सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन रविवार को लगातार दूसरी बार अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलाधिपति (चांसलर) चुन लिए गए। नवाब छतारी इब्ने सईद खां भी फिर सह कुलाधिपति चुन लिए गए हैं। वहीं इब्ने सीना अकादमी के अध्यक्ष एवं यूनानी चिकित्सा के प्रख्यात विद्वान पद्मश्री प्रो. सैयद जिल्लुर रहमान को विश्वविद्यालय का मानद कोषाध्यक्ष चुना गए हैं। 50 सालों में पहली बार तीनों प्रतिष्ठित पदों पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ है।
एएमयू कोर्ट की विशेष बैठक रविवार को सुबह एनआरएससी क्लब में आयोजित की गई। करीब डेढ़ सौ सदस्यों में से 103 ही इसमें शामिल हुए। मुख्य चुनाव अधिकारी प्रो. जहीरउद्दीन ने चुनाव परिणाम की घोषणा की। तीनों पदाधिकारियों का कार्यकाल तीन वर्ष के लिए होगा। कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने कहा कि विश्वविद्यालय के अति महत्वपूर्ण पदों पर संस्था के हमदर्द, अनुभव रखने वाली महान विभूतियों के चुनाव से विश्वविद्यालय को लाभ पहुंचेगा तथा संस्था विकास के पथ पर अग्रसर होगी। बैठक में कोर्ट सदस्य एवं भाजपा के सांसदों सतीश गौतम, राजवीर सिंह राजू भैया, कुंवर भारतेंद्र, भोला सिंह आदि में से कोई शामिल नहीं हुआ। छात्र नेताओं ने भी एलान किया था कि कोर्ट की बैठक में आने पर सांसद सतीश गौतम का विरोध करेंगे।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व 2015 में एएमयू के कुलपति रह चुके पद्मश्री महमूद उर रहमान को पराजित कर डॉ. सैयदना कुलाधिपति निर्वाचित हुए थे। एएमयू पीआरओ आफिस के एमआईसी प्रो. शाफे किदवई ने बताया कि 50 साल में पहली बार ऐसा हुआ है कि तीनों पदों पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ है।
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एएमयू कोर्ट की विशेष बैठक रविवार को सुबह एनआरएससी क्लब में आयोजित की गई। करीब डेढ़ सौ सदस्यों में से 103 ही इसमें शामिल हुए। मुख्य चुनाव अधिकारी प्रो. जहीरउद्दीन ने चुनाव परिणाम की घोषणा की। तीनों पदाधिकारियों का कार्यकाल तीन वर्ष के लिए होगा। कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने कहा कि विश्वविद्यालय के अति महत्वपूर्ण पदों पर संस्था के हमदर्द, अनुभव रखने वाली महान विभूतियों के चुनाव से विश्वविद्यालय को लाभ पहुंचेगा तथा संस्था विकास के पथ पर अग्रसर होगी। बैठक में कोर्ट सदस्य एवं भाजपा के सांसदों सतीश गौतम, राजवीर सिंह राजू भैया, कुंवर भारतेंद्र, भोला सिंह आदि में से कोई शामिल नहीं हुआ। छात्र नेताओं ने भी एलान किया था कि कोर्ट की बैठक में आने पर सांसद सतीश गौतम का विरोध करेंगे।
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उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व 2015 में एएमयू के कुलपति रह चुके पद्मश्री महमूद उर रहमान को पराजित कर डॉ. सैयदना कुलाधिपति निर्वाचित हुए थे। एएमयू पीआरओ आफिस के एमआईसी प्रो. शाफे किदवई ने बताया कि 50 साल में पहली बार ऐसा हुआ है कि तीनों पदों पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ है।
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