Aligarh: समाधान दिवस में डीएम-एसएसपी और सांसद, भाकियू नेता ने की आत्मदाह की कोशिश
एसडीएम शाश्वत त्रिपुरारी का कहना है कि इस संबंध में क्षेत्रीय लेखपाल व राजस्व निरीक्षक ने रिपोर्ट दी है कि कुर्क जमीन में गाटा संख्या तीन व चार को लेकर कोर्ट में विवाद है। विवाद तय होने पर समाधान कराया जाएगा।
विस्तार
संपूर्ण समाधान दिवस में खेती की जमीन के विवाद का समाधान न होने पर भाकियू की ब्लॉक इकाई के अध्यक्ष भगवान सिंह ने अपने ऊपर केरोसिन उडे़लकर आत्मदाह की कोशिश की। वह आग लगा पाते इससे पहले ही पुलिस कर्मियों ने दबोच लिया और पकड़कर थाने ले गए। देर शाम उनके भावावेश में यह कदम उठाने और कोर्ट का निर्णय मानने का लिखित आश्वासन देने पर छोड़ा।
इगलास तहसील के सभागार में 19 अप्रैल की दोपहर करीब एक बजे यह घटना हुई। उस समय संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम संजीव रंजन, एसएसपी संजीव सुमन, सांसद हाथरस अनूप प्रधान, इगलास विधायक राजकुमार सहयोगी मौजूद थे। भगवान सिंह का कहना है कि उनकी लगभग 18 बीघा कृषि भूमि पर राजस्व और सिविल कोर्ट में मुकदमे चल रहे हैं। वर्ष 2017 में तत्कालीन एसडीएम ने पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर धारा 145 (146) के तहत जमीन को कुर्क कर लिया था।
दरअसल, भगवान सिंह की मां सावित्री देवी पत्नी अंगद सिंह ने अपने हिस्से की जमीन के एक बटा दो भाग का बैनामा रीतिराम पुत्र नंदराम को कर दिया था। रीतिराम ने प्रेमवती पत्नी जनक सिंह निवासी शहबाजगढ़ी एत्मादपुर आगरा को और प्रेमवती ने राजवती पत्नी लखमी सिंह निवासी नगला जुझार को यह जमीन बेच दी।
बाद में सावित्री देवी ने बैनामा के निरस्तीकरण का मुकदमा सिविल कोर्ट में दायर कर दिया, जो विचाराधीन है। वर्ष 2017 से जमीन कुर्क होने के चलते बंजर हो गई है। भगवान सिंह का कहना है कि उन्होंने तहसील दिवस, थाना दिवस व अन्य मौके पर प्रार्थनापत्र दिए, लेकिन उन पर कोई सुनवाई नहीं हुई। इसी के चलते उन्होंने यह कदम उठाया। इनकी मांग की है कि उन्हें इस जमीन पर खेती करने दी जाए। वहीं इनके भाई मां की मृत्यु के पश्चात वसीयत बनाकर जमीन को अपने हक में करने का प्रयास करने के आरोप लगा रहे हैं।
एसडीएम शाश्वत त्रिपुरारी का कहना है कि इस संबंध में क्षेत्रीय लेखपाल व राजस्व निरीक्षक ने रिपोर्ट दी है कि कुर्क जमीन में गाटा संख्या तीन व चार को लेकर कोर्ट में विवाद है। विवाद तय होने पर समाधान कराया जाएगा।