{"_id":"5df2a1ed8ebc3e87fe107550","slug":"bjp-leader-accused-for-tripal-talaq-aligarh-news-ali2212932114","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाजपा नेता तीन तलाक के आरोप में फंसे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाजपा नेता तीन तलाक के आरोप में फंसे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कस्बा हरदुआगंज के चर्चित भाजपा नेता व पूर्व में भाजपा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ में जिला उपाध्यक्ष का दायित्व संभाल चुके अब्दुल रहीस के खिलाफ उनकी पत्नी ने तीन तलाक, दहेज उत्पीड़न व धोखाधड़ी आदि धाराओं का मुकदमा दर्ज कराया है। यह मुकदमा मंडलायुक्त को दी गई शिकायत पर हुई जांच के बाद दर्ज हुआ है। सिविल लाइंस पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता रफत जहां निवासी 4/42 सलीम मंजिल पान वाली कोठी सिविल लाइंस ने कहा कि उनका निकाह 26 जनवरी 2013 को अब्दुल रहीस पुत्र अब्दुल मजीद उर्फ नवाब खां निवासी मुहम्मद नगर एमएल हादी हाईस्कूल कस्बा हरदुआगंज के साथ हुआ था। शादी के कुछ माह बाद ही पति ने यह कहते हुए दहेज में कार व 20 लाख की मांग शुरू कर दी कि तुम्हारा भाई सऊदी अरब में नौकरी करता है। वहां से रुपये मंगा लो। मांग पूरी न होने पर 4 अगस्त 2018 को उसे मारपीट कर घर से भगा दिया। साथ में धमकी दी कि दहेज बिना मत लौटना। तब से वह अपने मायके में रह रही है। इसके बाद पति ने देहली गेट की महिला से निकाह कर लिया।
आरोप है कि हाल ही में पीड़ित के भाई ने एसएसपी कार्यालय में खुद की सुरक्षा को लेकर एक शिकायती पत्र दिया था, जिसकी जांच के लिए हरदुआगंज पुलिस आरोपी के घर गई तो वहां आरोपी ने एक फर्जी कूटरचित तीन तलाक समझौता पत्र पुलिस को दिखाया। इसके पीछे मंशा है कि दहेज में दिया गया सामान वापस न देना पड़े और मेहर का भुगतान भी न करना पड़े। साथ में पीड़ित का पासपोर्ट व अन्य दस्तावेज भी आरोपी के पास हैं। इस मामले में शिकायत मंडलायुक्त से की गई तो सिविल लाइंस में तीन तलाक, धोखाधड़ी व दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज किया गया है। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस अमित कुमार ने मुकदमे की पुष्टि की है। इधर, भाजपा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष अख्तर पहलवान के अनुसार कमेटी भंग होने के कारण अब अब्दुल रहीस किसी पद पर नहीं हैं। पूर्व में जिला उपाध्यक्ष रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
पीड़िता रफत जहां निवासी 4/42 सलीम मंजिल पान वाली कोठी सिविल लाइंस ने कहा कि उनका निकाह 26 जनवरी 2013 को अब्दुल रहीस पुत्र अब्दुल मजीद उर्फ नवाब खां निवासी मुहम्मद नगर एमएल हादी हाईस्कूल कस्बा हरदुआगंज के साथ हुआ था। शादी के कुछ माह बाद ही पति ने यह कहते हुए दहेज में कार व 20 लाख की मांग शुरू कर दी कि तुम्हारा भाई सऊदी अरब में नौकरी करता है। वहां से रुपये मंगा लो। मांग पूरी न होने पर 4 अगस्त 2018 को उसे मारपीट कर घर से भगा दिया। साथ में धमकी दी कि दहेज बिना मत लौटना। तब से वह अपने मायके में रह रही है। इसके बाद पति ने देहली गेट की महिला से निकाह कर लिया।
विज्ञापन
आरोप है कि हाल ही में पीड़ित के भाई ने एसएसपी कार्यालय में खुद की सुरक्षा को लेकर एक शिकायती पत्र दिया था, जिसकी जांच के लिए हरदुआगंज पुलिस आरोपी के घर गई तो वहां आरोपी ने एक फर्जी कूटरचित तीन तलाक समझौता पत्र पुलिस को दिखाया। इसके पीछे मंशा है कि दहेज में दिया गया सामान वापस न देना पड़े और मेहर का भुगतान भी न करना पड़े। साथ में पीड़ित का पासपोर्ट व अन्य दस्तावेज भी आरोपी के पास हैं। इस मामले में शिकायत मंडलायुक्त से की गई तो सिविल लाइंस में तीन तलाक, धोखाधड़ी व दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज किया गया है। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस अमित कुमार ने मुकदमे की पुष्टि की है। इधर, भाजपा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष अख्तर पहलवान के अनुसार कमेटी भंग होने के कारण अब अब्दुल रहीस किसी पद पर नहीं हैं। पूर्व में जिला उपाध्यक्ष रहे हैं।
विज्ञापन