अलीगढ़ के अरबपति: कारोबार के आसमान पर छोड़ रहे अमिट निशान, देश और दुनिया में बनाई अपनी पहचान
अलीगढ़ के विजय शेखर शर्मा पेटीएम संस्थापक, लिंक लॉक के स्वामी, अल हम्द फूड एग्रो के हाजी जहीर और एलडी गोयल स्टील्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक के सोमदत्त गोयल ने देश-विदेश में अलग पहचान बनाई है।
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ताला और तालीम के बाद उत्तर प्रदेश का जिला अलीगढ़ अब अपने अरबपतियों के लिए भी जाना जाता है। यह 21 वीं सदी के अलीगढ़ की नई पहचान है। पारंपरिक ताला उद्योग से लेकर डिजिटल पेमेंट और सॉफ्टवेयर की दुनिया में यहां के कारोबारियों ने देश और दुनिया में अपनी पहचान बनाई है। आइए जानते हैं इनके बारे में ...
विजय शेखर शर्मा : संस्थापक पेटीएम
अलीगढ़ के नौरंगाबाद क्षेत्र के रहने वाले और 1978 में जन्मे विजय शेखर के पिता सुलोम प्रकाश शर्मा हरदुआगंज के अग्रसेन इंटर कॉलेज में प्रिंसिपल थे। विजय ने इंटरमीडिएट इसी कॉलेज से किया। बीटेक में एएमयू में एडमिशन नहीं मिला तो दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से बीटेक किया।
कॉलेज में पढ़ाई के दौरान ही शर्मा ने 1997 में इंडियासाइट नेट नाम से वेबसाइट बनाई । दो साल बाद इसे 1 मिलियन डॉलर में बेच दिया। 2000 में, उन्होंने वननाइनसेवन की स्थापना की और 2010 में डिजिटल पेमेंट प्लेटफार्म पेटीएम लांच किया। जो जल्द ही भारत में डिजिटल भुगतान का पर्याय बन गया। 2018 में, पेटीएम ने वारेन बफे की बर्कशायर हैथवे से 300 मिलियन डॉलर का निवेश प्राप्त किया। 2022 में विजय का नाम फोर्ब्स की सूची में शामिल किया गया। 2017 में टाइम मैगज़ीन के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों में भी नामित किया गया। फोर्ब्स के मुताबिक उनकी कुल संपत्ति 10 हजार करोड़ रुपये है।
जफर आलम: देश को दिया भरोसे का लिंक
अलीगढ़ के पुराने मोहल्ले ऊपर कोट में 1944 को पैदा हुए जफर आलम ने अलीगढ़़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग की। इसके बाद खुद का एक छोटा सा कारखाना खोला। कुछ सालों बाद जफर ने लिंक लॉक की स्थापना करके जफर आलम ने अलीगढ़ की पहचान बने ताला बनाने के पारंपरिक शिल्प को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्थानीय अर्थव्यवस्था के साथ लोगों को रोजगार देने में योगदान दिया। ताला कारोबार में उन्होंने दुनिया में नाम कमाया। पूरी दुनिया में ताले निर्यात करते हैं। कारोबारी बुलंदी हासिल करने के बाद सियासत में भी दांव आजमाया और सन 2012 में शहर विधानसभा सीट से सपा की सीट पर विधायक चुने गए।
हाजी जहीर : दुनिया को एग्रो प्रोडक्ट का निर्यात
सराय मियां की तंग गलियों से निकल कर मीट निर्यात के दम पर वह हुरून रिच लिस्ट 2024 में अरबपतियों में शामिल हैं। उनकी कुल संपत्ति करीब 2400 करोड़ रुपये है। सन 2018 से वह अलीगढ़ में सबसे ज्यादा आयकर देने वाले टॉप-10 की सूची में शामिल हैं। 2005 में अपने मीट का कारोबार शुरू करने वाले हाजी जहीर ने अलीगढ़ में अल हम्द फूड एग्रो नाम से प्लांट लगाया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार मीट की पैकेजिंग, प्रोसेसिंग करके उसको दुनिया के साथ खाड़ी देशों में निर्यात किया और वहां बेहद पसंद किया गया। 2012 में उन्होंने दिल्ली के कारोबारी कामिल चौधरी से अलदुआ मीट एक्सपोर्ट कंपनी खरीद ली। वह लगातार कारोबार को विस्तार कर रहे हैं साथ ही सामाजिक कामों में भी सक्रिय हैं।
अलीगढ़ के स्टील किंग : सोनू भैया
अलीगढ़ के स्टील किंग कहे जाने वाले सोमदत्त गोयल एलडी गोयल स्टील्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक हैं। स्नेह से लोग इनको सोनू भैया भी कहते हैं। इनकी कंपनी अलीगढ़ के ताला नगरी में स्थित है। एलडी गोयल स्टील्स की स्थापना 2004 में सोमदत्त गोयल ने अपने पिता लोकामन गोयल के साथ मिलकर की थी। कंपनी स्टील के एंगल और चैनल बनाती है। सोमदत्त गोयल का स्टील का कारोबार पुश्तैनी है, जिसे उनके दादा झम्मनलाल गोयल ने 1964 में शुरू किया था। इनके नाम पर बस हुआ झम्मनलाल कंपाउंड आज भी है। जो अलीगढ़ की एक पहचान है।