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भोले के भक्तों ने किया जलाभिषेक
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Mon, 30 Jul 2018 01:06 AM IST
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भोले के भक्तों ने किया जलाभिषेक
- फोटो : Rupesh
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सावन के पहले सोमवार पर भक्तों ने शहर के प्रसिद्ध मंदिरों में रात 12 बजे के बाद जलाभिषेक प्रारंभ कर दिया। इस दौरान शिव भक्त बम-बम भोले, जय भोले भंडारी के जयकारे लगाते हुए मंदिर में प्रवेश कर रहे थे। सबसे ज्यादा भीड़ अचलेश्वर तथा खेरेश्वर धाम में रही। लंबी-लंबी कतारों के माध्यम से भक्तों ने भोले बाबा की पूजा कर अपनी मनोकामना रखीं। इसी के साथ जयगंज स्थित मंदिर पर भी भक्त जल चढ़ाने के लिए पहुंचे।
वहीं घंटे, घड़ियाल और शंखों के ध्वनि के बीच भोलेनाथ की आरती की गई। श्रद्धालुओं ने दीप, धूप दिखाते हुए भोग लगाया। दर्शन करने के बाद श्रद्धालुओं ने अपना व्रत भी शुरू किया। कुछ लोगों ने तो सावन के सोमवार के व्रत रखे। वहीं कुछ श्रद्धालु ऐसे भी थे जो आज से 16 सोमवार तक व्रत का अनुष्ठान रखा। पूरी रात रामघाट रोड से खैर रोड तक श्रद्धालुओं का मंदिर में जाने के लिए जत्था दिखाई दे रहा था। इस दौरान शिवालयों में अधिक भीड़ के मद्देजनर प्रशासन द्वारा ने पर्याप्त पुलिस फोर्स के इंतजाम किए गए थे।
रविवार को मंदिरों में चलती रहीं तैयारियां
रविवार को मंदिरों में सावन के पहले सोमवार के मद्देनजर तैयारियां चलती रहीं। खेरेश्वर धाम में सजावट, मंदिर परिसर में लगे मेले में लाइटें, कैमरे, आदि की व्यवस्था दिन भर मंदिर कमेटी के पदाधिकारी कराते रहे। वहीं अचलेश्वर महादेव मंदिर में दिन भर साफ-सफाई, झालर, फूलों के बंदरवार आदि टांगे गए। इसी के साथ जयगंज स्थित मंगलेश्वर महादेव मंदिर में रविवार को श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए व्यापक तैयारियों की चर्चा कमेटी पदाधिकारियों में हुईं। इसके अलावा शहर भर के अन्य शिव मंदिरों को भी साफ-सफाई करते हुए प्रबंध कमेटियों ने लाइटों, झालरों से सजाया। वहीं अधिकतर गली-मोहल्लों की गलियों में स्थापित छोटे-छोटे मंदिरों में भी रौनक दिखाई दी।
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खेरेश्वर मंदिर में भीड़ के चलते सुरक्षा के हैं पुख्ता इंतजाम
खेरेश्वर मंदिर में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ सबसे अधिक संख्या में पहुंचती है। वहीं सोमवार को पूरे दिनभर मेला भी लगता है। इस मंदिर पर ही पूरे शहर के मंदिरों से सबसे अधिक चहल-पहल होती है। इसी कारण किसी भी अनहोनी के चलते मंदिर कमेटी ने कमर कस रखी है। मंदिर कमेटी अध्यक्ष ठा. सत्यपाल सिंह ने बताया कि कमेटी द्वारा निजी 150 से 200 सेवादार भीड़ को संभालने तथा अन्य व्यवस्थाओं के चलते लगाए गए हैं। वहीं पुलिस फोर्स के भी प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। इसके अलावा सादावर्दी में भी पुलिसकर्मी जेबकतरों, मनचलों, चेन स्नेचरों के लिए पूरे मेला परिसर में मौजूद हैं। वहीं मंदिर में 24 कैमरों से श्रद्धालुओं पर नजर रखी जाएगी। यहां महिला-पुरुषों की लाइन के लिए अलग से बेरीकेडिंग है। वहीं अगर कांवड़िए अधिक संख्या में पहुंचते हैं तो उनके लिए भी एक लाइन अलग से लगाई जाएगी। वहीं 36 लोगों ने रविवार शाम तक खेरेश्वर मंदिर में भंडारे का प्रसाद बांटने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। यह संख्या आज दिन में और भी बढ़ सकती है।
फूलों की मांग बढ़ी
शहर में भगवान भोलेनाथ पर चढ़ाने के लिए फूलों की डिमांड बढ़ गई है। डिमांड बढ़ने से फूलों के रेट में दस से बीस रुपये का अंतर थोक तथा फुटकर बिक्री में बढ़ गया है। इसी के साथ तीन पत्तियों वाले बिल्पपत्र के 11 जोड़े पांच रुपये से रविवार को बिकते रहे। उधर, हिंदू मान्यता के अनुसार भगवान शिव को अन्य सामग्रियों के अलावा धतूरा भी अत्यंत प्रिय है, लेकिन धतूरा शहर में नहीं मिल रहा है। रविवार को डिमांड बढ़ने पर धतूरा दस रुपये प्रति फल तक बिका। वहीं सोमवार को यदि शहर में देहात क्षेत्रों से धतूरे की आवक नहीं होती है या कम होती है, तो स्टॉक रखने वाले दुकानदारों की चांदी कटेगी।
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वहीं घंटे, घड़ियाल और शंखों के ध्वनि के बीच भोलेनाथ की आरती की गई। श्रद्धालुओं ने दीप, धूप दिखाते हुए भोग लगाया। दर्शन करने के बाद श्रद्धालुओं ने अपना व्रत भी शुरू किया। कुछ लोगों ने तो सावन के सोमवार के व्रत रखे। वहीं कुछ श्रद्धालु ऐसे भी थे जो आज से 16 सोमवार तक व्रत का अनुष्ठान रखा। पूरी रात रामघाट रोड से खैर रोड तक श्रद्धालुओं का मंदिर में जाने के लिए जत्था दिखाई दे रहा था। इस दौरान शिवालयों में अधिक भीड़ के मद्देजनर प्रशासन द्वारा ने पर्याप्त पुलिस फोर्स के इंतजाम किए गए थे।
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रविवार को मंदिरों में चलती रहीं तैयारियां
रविवार को मंदिरों में सावन के पहले सोमवार के मद्देनजर तैयारियां चलती रहीं। खेरेश्वर धाम में सजावट, मंदिर परिसर में लगे मेले में लाइटें, कैमरे, आदि की व्यवस्था दिन भर मंदिर कमेटी के पदाधिकारी कराते रहे। वहीं अचलेश्वर महादेव मंदिर में दिन भर साफ-सफाई, झालर, फूलों के बंदरवार आदि टांगे गए। इसी के साथ जयगंज स्थित मंगलेश्वर महादेव मंदिर में रविवार को श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए व्यापक तैयारियों की चर्चा कमेटी पदाधिकारियों में हुईं। इसके अलावा शहर भर के अन्य शिव मंदिरों को भी साफ-सफाई करते हुए प्रबंध कमेटियों ने लाइटों, झालरों से सजाया। वहीं अधिकतर गली-मोहल्लों की गलियों में स्थापित छोटे-छोटे मंदिरों में भी रौनक दिखाई दी।
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खेरेश्वर मंदिर में भीड़ के चलते सुरक्षा के हैं पुख्ता इंतजाम
खेरेश्वर मंदिर में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ सबसे अधिक संख्या में पहुंचती है। वहीं सोमवार को पूरे दिनभर मेला भी लगता है। इस मंदिर पर ही पूरे शहर के मंदिरों से सबसे अधिक चहल-पहल होती है। इसी कारण किसी भी अनहोनी के चलते मंदिर कमेटी ने कमर कस रखी है। मंदिर कमेटी अध्यक्ष ठा. सत्यपाल सिंह ने बताया कि कमेटी द्वारा निजी 150 से 200 सेवादार भीड़ को संभालने तथा अन्य व्यवस्थाओं के चलते लगाए गए हैं। वहीं पुलिस फोर्स के भी प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। इसके अलावा सादावर्दी में भी पुलिसकर्मी जेबकतरों, मनचलों, चेन स्नेचरों के लिए पूरे मेला परिसर में मौजूद हैं। वहीं मंदिर में 24 कैमरों से श्रद्धालुओं पर नजर रखी जाएगी। यहां महिला-पुरुषों की लाइन के लिए अलग से बेरीकेडिंग है। वहीं अगर कांवड़िए अधिक संख्या में पहुंचते हैं तो उनके लिए भी एक लाइन अलग से लगाई जाएगी। वहीं 36 लोगों ने रविवार शाम तक खेरेश्वर मंदिर में भंडारे का प्रसाद बांटने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। यह संख्या आज दिन में और भी बढ़ सकती है।
फूलों की मांग बढ़ी
शहर में भगवान भोलेनाथ पर चढ़ाने के लिए फूलों की डिमांड बढ़ गई है। डिमांड बढ़ने से फूलों के रेट में दस से बीस रुपये का अंतर थोक तथा फुटकर बिक्री में बढ़ गया है। इसी के साथ तीन पत्तियों वाले बिल्पपत्र के 11 जोड़े पांच रुपये से रविवार को बिकते रहे। उधर, हिंदू मान्यता के अनुसार भगवान शिव को अन्य सामग्रियों के अलावा धतूरा भी अत्यंत प्रिय है, लेकिन धतूरा शहर में नहीं मिल रहा है। रविवार को डिमांड बढ़ने पर धतूरा दस रुपये प्रति फल तक बिका। वहीं सोमवार को यदि शहर में देहात क्षेत्रों से धतूरे की आवक नहीं होती है या कम होती है, तो स्टॉक रखने वाले दुकानदारों की चांदी कटेगी।