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अलीगढ़ मंडल का पहला मॉडल गांव बना भरतपुर
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स्वच्छ भारत मिशन के तहत टप्पल के गांव भरतपुर को अलीगढ़ मंडल के पहले मॉडल गांव का दर्जा मिल गया है। यूनिसेफ के सहयोग से ओडीएफ प्लस होने के साथ ही इस गांव में ठोस व दृव्य अपशिष्ट प्रबंधन एवं रेन वाटर हॉर्वेस्टिंग सिस्टम लगाया गया है। गीले व सूखे कूड़े का अलग-अलग एकत्रीकरण के साथ ही निस्तारण भी होता है। जैविक खाद भी गांव के बाहर तैयार होती है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिला ओडीएफ घोषित होने के बाद अब ग्राम पंचायतों को ओडीएफ प्लस बनाने की तैयारी चल रही है। इसी क्रम में टप्पल ब्लॉक की ग्राम पंचायत भरतपुर ने बाजी मार ली है। यह गांव अब अलीगढ़ मंडल का पहला मॉडल गांव बन गया है। बताते चलें कि यूनिसेफ ने भरतपुर गांव को गोद लेकर ओडीएफ प्लस गांव बनाने का निर्णय लिया था।
जिला पंचायत राज अधिकारी धनंजय जायसवाल ने बताया कि यूनिसेफ की ओर से साढ़े चार लाख रुपये का विशेष बजट भी जारी किया गया था। गांव में हैंडवाश यूनिट लगाई गई। सोख्ता भी बनाए गए। आरआरसी के शेड बन चुके हैं। वर्मी कंपोस्ट पिट यानि केंचुआ द्वारा जैविक खाद तैयार करने के लिए गड्ढे खोदे गए हैं। सिल्ट को एकत्रित करने के लिए फिल्टर चैंबर बनाए गए हैं। सर्वेक्षण में छूटे परिवारों के लिए शौचालयों निर्माण कराया जा रहा है। धार्मिक स्थल, स्कूल, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र, चौराहों और दीवारों पर स्वच्छता से संबंधित पेंटिंग बनाई जा रही हैं। सूखा व गीला कूड़ा अलग-अलग एकत्रित करने की भी व्यवस्था की जा रही हैं।
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104 अन्य ग्राम पंचायतों में काम शुरू
अलीगढ़। जिला पंचायत राज अधिकारी ने बताया कि भरतपुर के बाद जिले की 104 अन्य ग्राम पंचायतों को भी ओडीएफ प्लस एवं मॉडल ग्राम पंचायतों में तब्दील करने का काम शुरू हो गया है। यहां सालिड एवं लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट से लेकर अन्य काम कराए जा रहे हैं। इन पंचायतों के बाद अन्य पंचायतों को भी मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा।
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स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिला ओडीएफ घोषित होने के बाद अब ग्राम पंचायतों को ओडीएफ प्लस बनाने की तैयारी चल रही है। इसी क्रम में टप्पल ब्लॉक की ग्राम पंचायत भरतपुर ने बाजी मार ली है। यह गांव अब अलीगढ़ मंडल का पहला मॉडल गांव बन गया है। बताते चलें कि यूनिसेफ ने भरतपुर गांव को गोद लेकर ओडीएफ प्लस गांव बनाने का निर्णय लिया था।
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जिला पंचायत राज अधिकारी धनंजय जायसवाल ने बताया कि यूनिसेफ की ओर से साढ़े चार लाख रुपये का विशेष बजट भी जारी किया गया था। गांव में हैंडवाश यूनिट लगाई गई। सोख्ता भी बनाए गए। आरआरसी के शेड बन चुके हैं। वर्मी कंपोस्ट पिट यानि केंचुआ द्वारा जैविक खाद तैयार करने के लिए गड्ढे खोदे गए हैं। सिल्ट को एकत्रित करने के लिए फिल्टर चैंबर बनाए गए हैं। सर्वेक्षण में छूटे परिवारों के लिए शौचालयों निर्माण कराया जा रहा है। धार्मिक स्थल, स्कूल, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र, चौराहों और दीवारों पर स्वच्छता से संबंधित पेंटिंग बनाई जा रही हैं। सूखा व गीला कूड़ा अलग-अलग एकत्रित करने की भी व्यवस्था की जा रही हैं।
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104 अन्य ग्राम पंचायतों में काम शुरू
अलीगढ़। जिला पंचायत राज अधिकारी ने बताया कि भरतपुर के बाद जिले की 104 अन्य ग्राम पंचायतों को भी ओडीएफ प्लस एवं मॉडल ग्राम पंचायतों में तब्दील करने का काम शुरू हो गया है। यहां सालिड एवं लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट से लेकर अन्य काम कराए जा रहे हैं। इन पंचायतों के बाद अन्य पंचायतों को भी मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा।