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बेहतर मतदाता सूची स्वच्छ चुनावों का आधार : लू
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Mon, 15 Oct 2018 01:14 AM IST
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मुख्य निर्वाचन अधिकारी एल बेंकटेश्वर लू
- फोटो : Amar Ujala
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मुख्य निर्वाचन अधिकारी एल बेंकटेश्वर लू ने कहा है कि बेहतर मतदाता सूची स्वच्छ चुनावों का आधार है। मतदाता सूची जितनी शुद्घ व परिष्कृत होगी, उतना ही चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शिता पूर्वक संपन्न कराने में आसानी होगी। इन दिनों चल रहे संक्षिप्त मतदाता सूची के पुनरीक्षण में इसी बात पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
ईपी रेशियो समेत अन्य पैरामीटर्स के अनुपालन पर भी जोर है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनावों में पारदर्शिता के लिए ईवीएम के साथ शत प्रतिशत वीवी पैट मशीनें लगाई जाएंगी। ईवीएम का सार्वजनिक तौर पर रेंडमाइजेशन होगा। ताकि कोई इसकी गुणवत्ता व पारदर्शिता पर अंगुली नहीं उठा सके।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी एल बेंकटेश्वर लू कमिश्नरी सभागार में प्रेस से रूबरू हो रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि कोई भी पात्र मतदाता का नाम सूची से न छूटे। इसके लिए स्वीप समेत अन्य जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश में वर्तमान में 14 करोड़ 20 लाख मतदाता हैं।
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अलीगढ़ मंडल में 58 लाख मतदाता हैं। पुनरीक्षण में सर्वाधिक जोर महिला एवं पुरुषों के ईपी रेशियो को दुरुस्त करना है। अलीगढ़ में 50 मतदान केंद्रों पर ईपी रेशियो काफी कम है। इसे दुरुस्त कराने का काम चल रहा है। पेड न्यूज मामले में उन्होंने कहा कि आयोग इस पर कड़ी नजर रखेगा, यदि कोई भी ऐसी न्यूज जो प्रत्याशी अथवा पार्टी के फायदे के लिए लगती है तो संबंधित न्यूज एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
धन बल व बाहु बल प्रदर्शित करने वाले प्रत्याशियों के जुलूस किसी भी सूरत में नहीं निकलने दिए जाएंगे। परिसीमन के बाद मतदाता का स्थान बदलने तथा जिले में रोरावर क्षेत्र के शहरी क्षेत्र से देहाती क्षेत्र में जाने के उदाहरण के सवाल पर उन्होंने कहा कि पुनरीक्षण के बाद दावे एवं आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी।
इसके बाद मतदाता सूची को सार्वजनिक तौर पर पढ़कर सुनाया जाएगा। इससे लोगों को अपना स्थान बदलने की जानकारी मिल जाएगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने ली अफसरों की क्लास
मुख्य निर्वाचन अधिकारी एल बेंकटेश्वर लू ने रविवार को मंडलीय अफसरों की क्लास ली। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पुनरीक्षण कार्य को गंभीरता से लिया जाय। यह बहुत शर्मनाक है कि आजादी के 71 साल बाद भी हम स्वस्थ्य व पारदर्शी मतदाता सूची तक नहीं बना सके हैं। पढ़े लिखे लोगों को वोट का महत्व नहीं समझा सके हैं।
अक्सर देखा जाता है कि यह लोग जो वास्तव में समस्याओं को समझते हैं, वोट करने नहीं जाते। उन्हें जागरूक करने डीएम समेत अन्य अफसरों को बूथों का निरीक्षण कर समस्याओं को दूर करें। कमिश्नरी हाल में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची में नाम जुड़ने एवं छूटने पर संबंधित कर्मचारी व अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाय।
पात्र व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची में जोड़ने व अपात्रों के नाम हटाने का काम जाति धर्म से ऊपर उठकर पारदर्शिता व जिम्मेदारी से किया जाय। इपिक एवं जेंडर रेशिया पर विशेष ध्यान देते हुए विशेषकर महिला एवं दिव्यांगों के नाम मतदाता सूची से जोड़े जाएं।
इस मौके पर डीएम ने महिला मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में कम दर्ज होने की वजह यह बताई कि ज्यादातर परिवार अपनी 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र की बेटी का नाम मतदाता सूची में यह सोचकर नहीं जुड़वाते हैं कि वह अपनी ससुराल जाएगी तो वहां उसका नाम जुड़ जाएगा।
निर्वाचन अधिकारी ने इस समस्या को जागरूकता से समाप्त करने पर जोर दिया। इस मौके पर उन्होंने शनिवार को महिला एवं दिव्यांगों के लिए चले विशेष अभियान की रिपोर्ट भी ली। इस मौके पर कमिश्नर अजय दीप सिंह, डीएम चंद्रभूषण सिंह समेत अन्य जिलों के डीएम एवं निर्वाचन से जुड़े अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे। ब्यूरो
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ईपी रेशियो समेत अन्य पैरामीटर्स के अनुपालन पर भी जोर है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनावों में पारदर्शिता के लिए ईवीएम के साथ शत प्रतिशत वीवी पैट मशीनें लगाई जाएंगी। ईवीएम का सार्वजनिक तौर पर रेंडमाइजेशन होगा। ताकि कोई इसकी गुणवत्ता व पारदर्शिता पर अंगुली नहीं उठा सके।
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मुख्य निर्वाचन अधिकारी एल बेंकटेश्वर लू कमिश्नरी सभागार में प्रेस से रूबरू हो रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि कोई भी पात्र मतदाता का नाम सूची से न छूटे। इसके लिए स्वीप समेत अन्य जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश में वर्तमान में 14 करोड़ 20 लाख मतदाता हैं।
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अलीगढ़ मंडल में 58 लाख मतदाता हैं। पुनरीक्षण में सर्वाधिक जोर महिला एवं पुरुषों के ईपी रेशियो को दुरुस्त करना है। अलीगढ़ में 50 मतदान केंद्रों पर ईपी रेशियो काफी कम है। इसे दुरुस्त कराने का काम चल रहा है। पेड न्यूज मामले में उन्होंने कहा कि आयोग इस पर कड़ी नजर रखेगा, यदि कोई भी ऐसी न्यूज जो प्रत्याशी अथवा पार्टी के फायदे के लिए लगती है तो संबंधित न्यूज एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
धन बल व बाहु बल प्रदर्शित करने वाले प्रत्याशियों के जुलूस किसी भी सूरत में नहीं निकलने दिए जाएंगे। परिसीमन के बाद मतदाता का स्थान बदलने तथा जिले में रोरावर क्षेत्र के शहरी क्षेत्र से देहाती क्षेत्र में जाने के उदाहरण के सवाल पर उन्होंने कहा कि पुनरीक्षण के बाद दावे एवं आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी।
इसके बाद मतदाता सूची को सार्वजनिक तौर पर पढ़कर सुनाया जाएगा। इससे लोगों को अपना स्थान बदलने की जानकारी मिल जाएगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने ली अफसरों की क्लास
मुख्य निर्वाचन अधिकारी एल बेंकटेश्वर लू ने रविवार को मंडलीय अफसरों की क्लास ली। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पुनरीक्षण कार्य को गंभीरता से लिया जाय। यह बहुत शर्मनाक है कि आजादी के 71 साल बाद भी हम स्वस्थ्य व पारदर्शी मतदाता सूची तक नहीं बना सके हैं। पढ़े लिखे लोगों को वोट का महत्व नहीं समझा सके हैं।
अक्सर देखा जाता है कि यह लोग जो वास्तव में समस्याओं को समझते हैं, वोट करने नहीं जाते। उन्हें जागरूक करने डीएम समेत अन्य अफसरों को बूथों का निरीक्षण कर समस्याओं को दूर करें। कमिश्नरी हाल में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची में नाम जुड़ने एवं छूटने पर संबंधित कर्मचारी व अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाय।
पात्र व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची में जोड़ने व अपात्रों के नाम हटाने का काम जाति धर्म से ऊपर उठकर पारदर्शिता व जिम्मेदारी से किया जाय। इपिक एवं जेंडर रेशिया पर विशेष ध्यान देते हुए विशेषकर महिला एवं दिव्यांगों के नाम मतदाता सूची से जोड़े जाएं।
इस मौके पर डीएम ने महिला मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में कम दर्ज होने की वजह यह बताई कि ज्यादातर परिवार अपनी 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र की बेटी का नाम मतदाता सूची में यह सोचकर नहीं जुड़वाते हैं कि वह अपनी ससुराल जाएगी तो वहां उसका नाम जुड़ जाएगा।
निर्वाचन अधिकारी ने इस समस्या को जागरूकता से समाप्त करने पर जोर दिया। इस मौके पर उन्होंने शनिवार को महिला एवं दिव्यांगों के लिए चले विशेष अभियान की रिपोर्ट भी ली। इस मौके पर कमिश्नर अजय दीप सिंह, डीएम चंद्रभूषण सिंह समेत अन्य जिलों के डीएम एवं निर्वाचन से जुड़े अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे। ब्यूरो