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बीफ बिरयानी मामला - हिंदूवादियों में रोष, वीसी की सफाई पर सांसद संतुष्ट

Sun, 21 Feb 2016 01:01 AM IST
अलीगढ़।
अलीगढ़। Updated Sun, 21 Feb 2016 01:01 AM IST
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Beef biryani case - Hinduvadion fury , cleaning VC MP satisfied
इस क्रम में एएमयू कु लपति ने जेएन मेडिकल कॉलेज कैं टीन में भैंसे के गोश्त की उपलब्धता को लेकर भाजपा मेयर शकुंतला भारती के आरोपों को खारिज कर दिया। उन्हाेंने इसे एएमयू की छवि धूमिल करने तथा सांप्रदायिक विद्वेष पैदा करने का प्रयास बताया। उन्हाेंने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय कैंटीन में केवल भैंसे का गोश्त परोसा जाता है। विवि ने कभी राष्ट्रीय भावनाएं आहत करने वाला काम नहीं किया।
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इस मसले पर कुलपति की स्थानीय भाजपा सांसद सतीश गौतम से भी बात हो चुकी है। सांसद ने कुलपति की बात से सहमती जताई है। उन्हाेंने भी विश्वास जताया है कि एएमयू में कभी गोमांस का प्रयोग नहीं हो सकता। ये शहर के माहौल को खराब करने और एएमयू को बदनाम करने का षड़यंत्र है।
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इधर, मेयर शकुंतला भारती ने एसपी सिटी अंशुल गुप्ता से मुलाकात की। अलग बात है कि इस दौरान पुलिस अधिकारी उन्हें  ‘बीफ’ का अर्थ गाय का मांस है या भैंस का, को लेकर संतुष्ट नहीं कर पाए। इसपर महापौर ने उन्हें गूगल और अंग्रेजी डिक्शनरी पढ़ने की सलाह दी। महापौर का आरोप है कि स्थानीय अधिकारी दबाव में आकर अंजान बनने का दिखावा कर रहे हैं। महापौर के साथ भाजपा नेता भी ज्ञापन देने पहुंचे थे। वे पहले एसएसपी से मिलने पहुंचे थे, पर थाना समस्या समाधान दिवस में व्यस्त होने के कारण उनसे मुलाकात नहीं हो सकी।
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इसके बाद उन्हाेंने एसपी सिटी से मुलाकात की। भाजपा  नेता की एएमयू में ‘बीफ’ परोसने वालोंके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग है। इस पर एसपी सिटी ने पहले मामले की जांच करने की बात कही। इस बीच मेयर ने दावा किया कि गूगल सर्चइंजन और शब्द कोश में बीफ का अर्थ गोमांस है। इसके विपरीत एएमयू पीआरओ डॉ. राहत अबरार द्वारा बीफ का अर्थ बफैलो का मांस बताया है।

महापौर के साथ भाजपा के महानगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत, पार्षद ठा. पुष्पेंद्र सिंह जादौन, मानवेंद्र प्रताप, पवन खंडेलवाल, सौरभ माहेश्वरी, राम कुमार आर्य, सुबोध स्वीटी, दीपक मित्तल, अनिल पाराशर आदि मौजूद थे। भाजपा महानगर मीडिया प्रभारी सैयद नासिर अली नकवी और व्यापार प्रकोष्ठ के भूपेंद्र वार्ष्णेय ने कहा कि बीफ ब्रिकी पर प्रतिबंध लगे। भूपेंद्र वार्ष्णेय के कार्यालय में हुई बैठक में राकेश गर्ग, मुकेश शर्मा, काशीनाथ,  संजय नवलानी, अनिल जलाली, राजीव सिंह, दीपक अग्रवाल आदि मौजूद रहे।

कहीं कैंटीन का टेंडर विवाद तो नही ?
जेएन मेडिकल कॉलेज में तीन कैंटीन हैं। पहली आरडीए डूॉक्टरों की, दूसरी यूनिवर्सिटी के टीचर्स की और तीसरी आम लोगों के लिए। तीसरी कैंटीन में पेटीज, चाय सहित साधारण खाने पीने की चीजें मिलती हैं। ‘बीफ बिरयानी’ तो दूर यहां मटन, चिकन बिकना भी मुश्किल है। प्रोक्टोरियल टीम ने जांच पूरी कर ली है। कहीं कोई  आपत्तिजनक चीज नहीं मिली है। यूरोपियन मीनू स्टाइल में बफैलो मीट की जगह कामन वर्ड बीफ का प्रयोग होता है। इसलिए बोर्ड पर इसे लिखा गया था। प्रॉपर्टी डिपार्टमेंट इस कैंटीन का नया टेंडर 23 फरवरी को निकालेगा। इस बार मीनू को भी दुरुस्त करने पर विचार हो रहा हैै। ये कहने में गुरेज नहीं कि कैंटीन के टेंडर को लेकर ‘बीफ बिरयानी’ की साजिश रची गई।  -डा. राहत अबरार, जनसंपर्क अधिकारी।

टेंडर के लिए मीनू में बीफ का जिक्र जरूरी
मूलत: बिहार के बेगूसराय जिले का निवासी हूं। वर्ष 1993 में अलीगढ़ आया। साल 1999-2000 में एएमयू से बीकॉम किया। बाहर नौकरी करने गया, पर बात नहीं बनी। वापस अलीगढ़ कर एएमयू में इंटरनल कम्प्यूटर जॉब वर्क करने लगा। साल 2014-15 तक यह काम किया। वर्ष 2015 में मेडिकल कालेज की मस्जिद के पास वाली कैंटीन का टेंडर मिला। 40 हजार रुपये महीने तय हुआ कैंटीन का किराया। बाद में इसे बढ़ा कर 46 हजार रुपये महीने कर दिया गया। टेंडर लेते वक्त कैंटीन के मीनू में सभी चीजों का जिक्र करना होता है। तभी टेंडर मिलता है। इसलिए बीफ बिरयानी का जिक्र किया गया था, जिसका जिक्र बोर्ड पर करना भी अनिवार्य है। एक साल से बोर्ड लगा हुआ था। अस्पताल का माहौल होने के कारण अंडा करी के अलावा मटन और चिकन तक यहां नहीं बिकता। इसलिए बोर्ड पर लिखी खानेपीने की सभी चीजें नहीं बनती थीं। पेटीज चाय सहित अन्य चीजें ज्यादा बिकती थीं। कैंटीन का ठेका 23 फरवरी को समाप्त हो रहा है। उन्हें 22 फरवरी 2015 को कैंटीन हस्तांतरित की गई थी। उसकी मरम्मत आदि कराने के बाद उन्होंने 23 अप्रैल 2015 को काम चालू किया था। सुबह 3 से रात 11 बजे तक चलाने के बाद भी इससे बहुत फायदा नहीं होता था।

-इकबाल अहमद, कैंटीन संचालक।

जांच में नहीं मिला कुछ
जिला प्रशासन के निर्देश पर जांच की गई,ा लेकिन मेडिकल कॉलेज की कैंटीन में कहीं भी कोई आपत्तिजनक खाद्य पदार्थ नहीं मिला। बीफ शब्द के अर्थ पर भी लोग एकमत नहीं हैं। कैंटीन में सब कुछ सामान्य मिला। वहां के लोगों से बातचीत में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है।   
-सूर्यकांत द्विवेदी, इंस्पेक्टर सिविल लाइंस।
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