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बैंक का गेट तोड़ा, बोर्ड उखाड़े, और क्या सहना पड़ेगा...!
अमर उजाला ब्यूूराे
Updated Thu, 08 Dec 2016 01:32 AM IST
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बैंक का गेट तोड़ा, बोर्ड उखाड़े, और क्या सहना पड़ेगा...!
- फोटो : Dig Vishal
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साहब खैर रोड शाखा का मेन गेट तोड़ दिया, जट्टारी शाखा के नो कैश के साथ बैंक का मेन साइन बोर्ड उखाड़ डाला, आगे पता नहीं क्या-क्या सहना पड़ेगा। रिजर्व बैंक को पिछले माह 600 करोड़ की डिमांड भेजी थी, मिला था मात्र 30 करोड़। इस बार 400 करोड़ की डिमांड भेजी है। अब तो कोई रिप्लाई ही नहीं मिल रहा है। बैंक में कैश निल हो गया है। ग्राहक जो थोड़ा बहुत जमा करा रहा है, उसे दूसरे ग्राहकों को थोड़ा बहुत देकर काम चला रहे हैं। पता नहीं क्या होगा।
महानगर की नामचीन बैंक के वरिष्ठ अधिकारी के यह शब्द नकदी की कमी से जूझ रहे बैंकों की स्थिति बयां करने के लिए काफी हैं। बैंकों में नकदी के हालात बुधवार को इस कदर विकट हो गए कि मंगलवार के अवकाश के बाद शाखाएं खुली और उनमें पिछले एक माह की तरह सुबह से ही लाइनें लग गई। घंटे दो घंटे बाद भीड़ छंट गई। कारण बैंक कर्मियाें ने कैश न होने की बात बताते हुए नो कैश के बोर्ड लगा दिए। मजबूरन ग्राहक मायूस होकर लौट गए।
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिले में 33 बैंकों की 300 से अधिक शाखाओं में लगभग शत प्रतिशत बैंकों में कैश लगभग खत्म हो गया। एटीएम की स्थिति पर नजर डालें तो जिले में विभिन्न बैंकों के 277 एटीएम हैं। इनमें महानगर में ही करीब 200 एटीएम हैं। इन सभी में इक्का-दुक्का को छोड़कर सभी में कैश खत्म होने के चलते अधिकांश के शटर गिरे नजर आए। एसबीआई के प्रबंधक राजीव मिश्रा ने स्वीकार किया कि बैंकों में नकदी लगभग खत्म हो गई है। मात्र ग्राहकों द्वारा जमा कराए गए पैसे से ट्रांजेक्शन हो रहा है। रिजर्व बैंक वाले फोन नहीं उठा रहे। ऐसे में गुरुवार को भी नकदी आ पाएगी, इसमें संदेह ही है।
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पेट्रोल पंपों पर भी व्यवस्था फेल
अलीगढ़। बैंकों से लोड कम करने को पेट्रोल पंपों से दो हजार रुपया स्वैप मशीन द्वारा निकालने की व्यवस्था भी फेल हो गई है। जिले में अधिकृत आठ पेट्रोल पंपाें में से अतरौली वाले एक पंप ने दो दिन पहले तक पैसा उगला था। अन्य तो नकदी, ओवरलोड के चलते सर्वर हैंग होने जैसी समस्याओं के चलते शुरुआती एक दो दिन चलकर फेल हो गए। पेट्रोल पंप एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय मंगल गुप्ता ने स्वीकार किया कि अतरौली को छोड़कर अन्य में सेवाएं एक आध दिन चलकर ठप हो गईं। बताते चलें कि अतरौली में दो, सूत मिल चौराहा स्थित एक, जीटी रोड बौनेर में एक तथा इगलास में एक समेत कुल आठ पंपों पर नकदी निकलने की व्यवस्था थी।
दर्जनभर से अधिक एटीएम का तो शटर तक नहीं खुला
अलीगढ़। नोटबंदी के बाद से महानगर में कैश की कमी के चलते दर्जनभर एटीएम का शटर भी नहीं खुला है। इनमें रामघाट रोड पर ही तालानगरी स्थित एक बैंक, ग्रेट वैल्यु माल से आगे की एक बैंक, एडीए मार्केट के पास की दो बैंक, गांधी आई के पास के दो एटीएम, सासनीगेट इलाके की दो बैंक शाखाओं के एक-एक एटीएम, रेलवे रोड इलाके की एक बैंक का एटीएम समेत अन्य शामिल हैं।
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महानगर की नामचीन बैंक के वरिष्ठ अधिकारी के यह शब्द नकदी की कमी से जूझ रहे बैंकों की स्थिति बयां करने के लिए काफी हैं। बैंकों में नकदी के हालात बुधवार को इस कदर विकट हो गए कि मंगलवार के अवकाश के बाद शाखाएं खुली और उनमें पिछले एक माह की तरह सुबह से ही लाइनें लग गई। घंटे दो घंटे बाद भीड़ छंट गई। कारण बैंक कर्मियाें ने कैश न होने की बात बताते हुए नो कैश के बोर्ड लगा दिए। मजबूरन ग्राहक मायूस होकर लौट गए।
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स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिले में 33 बैंकों की 300 से अधिक शाखाओं में लगभग शत प्रतिशत बैंकों में कैश लगभग खत्म हो गया। एटीएम की स्थिति पर नजर डालें तो जिले में विभिन्न बैंकों के 277 एटीएम हैं। इनमें महानगर में ही करीब 200 एटीएम हैं। इन सभी में इक्का-दुक्का को छोड़कर सभी में कैश खत्म होने के चलते अधिकांश के शटर गिरे नजर आए। एसबीआई के प्रबंधक राजीव मिश्रा ने स्वीकार किया कि बैंकों में नकदी लगभग खत्म हो गई है। मात्र ग्राहकों द्वारा जमा कराए गए पैसे से ट्रांजेक्शन हो रहा है। रिजर्व बैंक वाले फोन नहीं उठा रहे। ऐसे में गुरुवार को भी नकदी आ पाएगी, इसमें संदेह ही है।
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पेट्रोल पंपों पर भी व्यवस्था फेल
अलीगढ़। बैंकों से लोड कम करने को पेट्रोल पंपों से दो हजार रुपया स्वैप मशीन द्वारा निकालने की व्यवस्था भी फेल हो गई है। जिले में अधिकृत आठ पेट्रोल पंपाें में से अतरौली वाले एक पंप ने दो दिन पहले तक पैसा उगला था। अन्य तो नकदी, ओवरलोड के चलते सर्वर हैंग होने जैसी समस्याओं के चलते शुरुआती एक दो दिन चलकर फेल हो गए। पेट्रोल पंप एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय मंगल गुप्ता ने स्वीकार किया कि अतरौली को छोड़कर अन्य में सेवाएं एक आध दिन चलकर ठप हो गईं। बताते चलें कि अतरौली में दो, सूत मिल चौराहा स्थित एक, जीटी रोड बौनेर में एक तथा इगलास में एक समेत कुल आठ पंपों पर नकदी निकलने की व्यवस्था थी।
दर्जनभर से अधिक एटीएम का तो शटर तक नहीं खुला
अलीगढ़। नोटबंदी के बाद से महानगर में कैश की कमी के चलते दर्जनभर एटीएम का शटर भी नहीं खुला है। इनमें रामघाट रोड पर ही तालानगरी स्थित एक बैंक, ग्रेट वैल्यु माल से आगे की एक बैंक, एडीए मार्केट के पास की दो बैंक, गांधी आई के पास के दो एटीएम, सासनीगेट इलाके की दो बैंक शाखाओं के एक-एक एटीएम, रेलवे रोड इलाके की एक बैंक का एटीएम समेत अन्य शामिल हैं।