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हत्या के मुकदमे में फर्जी दस्तावेजों से जमानत, जांच में खुलासा
सार
सासनी गेट क्षेत्र के एक हत्यारोपी की जमानत में फर्जी सत्यापन के आधार पर दस्तावेजों के प्रयोग का मामला सामने आया है।तहसीलदार की ओर से स्पष्ट रिपोर्ट दी गई कि यह सत्यापन आख्या फर्जी है।
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विस्तार
सासनी गेट क्षेत्र के एक हत्यारोपी की जमानत में फर्जी सत्यापन के आधार पर दस्तावेजों के प्रयोग का मामला सामने आया है। जांच में यह खुलासा होने पर न्यायालय के आदेश पर जमानतदारों व आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। सिविल लाइंस पुलिस ने मुकदमे के आधार पर विवेचना शुरू कर दी है। साथ में आरोपियों की तलाश भी शुरू कर दी है।
यह मुकदमा एडीजे-16 की अदालत के लिपिक प्रशांत माहेश्वरी की ओर से दर्ज कराया गया है। मुकदमे के अनुसार सासनी गेट के हत्या से संबंधित मुकदमा अपराध संख्या 337/2017 के आरोपी सासनी गेट सराय गढ़ी के विनोद की जमानत 16 जून 2022 को एडीजे-16 की अदालत से मंजूर की गई।
इसके जमानती के रूप में लोधा असनेता के विनोद व उसके भाई मिट्ठन पेश हुए और उनके दस्तावेज पेश किए गए। इनमें विनोद की कृषि भूमि व मिट्ठन की कृषि भूमि के प्रपत्र लगाए गए, जिन पर तहसीलदार कोल, लेखपाल व उपनिरीक्षक की सत्यापन रिपोर्ट थी। मगर विनोद के दस्तावेजों में दर्ज जमीन के कीमत मूल्यांकन पर कुछ संदेह हुआ।
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इस संदेह के आधार पर तहसीलदार कोल से स्पष्टीकरण तलब किया गया। तहसीलदार की ओर से स्पष्ट रिपोर्ट दी गई कि यह सत्यापन आख्या फर्जी है। न तो तहसील में कभी हरिओम नाम का लेखपाल रहा है और न उपनिरीक्षक रहा, जिसकी ओर से रिपोर्ट लगाना दिखाया गया है। इसी तरह तहसीलदार कोल की मोहर व हस्ताक्षर भी फर्जी बताए गए।
इसके अलावा यह भी बताया कि दोनों भाई पेशेवर जमानती हैं। इन्होंने 16 अगस्त 2022 को नोएडा में भी जमानत ली है। इनके द्वारा पूर्व में विभिन्न न्यायालयों में अपनी जमानतें प्रस्तुत की हैं, जबकि न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत शपथपत्र में इनके द्वारा यह उल्लेखित किया गया है कि उनकी संपत्ति किसी अन्य जमानतनामे में दर्ज नहीं है।
इस रिपोर्ट के आदेश पर अदालत ने एसएसपी आदि को आदेश किया। जिसके आधार पर आरोपी विनोद के अलावा जमानती विनोद व मिट्ठन पर मुकदमा दर्ज कराया है। इंस्पेक्टर प्रवेश राणा ने मुकदमे की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले में आरोपियों की तलाश कराई जा रही है।
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यह मुकदमा एडीजे-16 की अदालत के लिपिक प्रशांत माहेश्वरी की ओर से दर्ज कराया गया है। मुकदमे के अनुसार सासनी गेट के हत्या से संबंधित मुकदमा अपराध संख्या 337/2017 के आरोपी सासनी गेट सराय गढ़ी के विनोद की जमानत 16 जून 2022 को एडीजे-16 की अदालत से मंजूर की गई।
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इसके जमानती के रूप में लोधा असनेता के विनोद व उसके भाई मिट्ठन पेश हुए और उनके दस्तावेज पेश किए गए। इनमें विनोद की कृषि भूमि व मिट्ठन की कृषि भूमि के प्रपत्र लगाए गए, जिन पर तहसीलदार कोल, लेखपाल व उपनिरीक्षक की सत्यापन रिपोर्ट थी। मगर विनोद के दस्तावेजों में दर्ज जमीन के कीमत मूल्यांकन पर कुछ संदेह हुआ।
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इस संदेह के आधार पर तहसीलदार कोल से स्पष्टीकरण तलब किया गया। तहसीलदार की ओर से स्पष्ट रिपोर्ट दी गई कि यह सत्यापन आख्या फर्जी है। न तो तहसील में कभी हरिओम नाम का लेखपाल रहा है और न उपनिरीक्षक रहा, जिसकी ओर से रिपोर्ट लगाना दिखाया गया है। इसी तरह तहसीलदार कोल की मोहर व हस्ताक्षर भी फर्जी बताए गए।
इसके अलावा यह भी बताया कि दोनों भाई पेशेवर जमानती हैं। इन्होंने 16 अगस्त 2022 को नोएडा में भी जमानत ली है। इनके द्वारा पूर्व में विभिन्न न्यायालयों में अपनी जमानतें प्रस्तुत की हैं, जबकि न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत शपथपत्र में इनके द्वारा यह उल्लेखित किया गया है कि उनकी संपत्ति किसी अन्य जमानतनामे में दर्ज नहीं है।
इस रिपोर्ट के आदेश पर अदालत ने एसएसपी आदि को आदेश किया। जिसके आधार पर आरोपी विनोद के अलावा जमानती विनोद व मिट्ठन पर मुकदमा दर्ज कराया है। इंस्पेक्टर प्रवेश राणा ने मुकदमे की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले में आरोपियों की तलाश कराई जा रही है।