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अलीगढ़ः साढे़ तीन साल में सिर्फ 2.95 लाख हो सके आयुष्मान 

Sat, 16 Apr 2022 12:56 AM IST
राजेश सिंह न्यूूज डेस्क, कौशल कुमार ओझा , अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, कौशल कुमार ओझा , अलीगढ़। Published by: राजेश सिंह Updated Sat, 16 Apr 2022 12:56 AM IST
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Ayushman could become only 2.95 lakh in three and a half years
बंटी, दीनदयाल अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत चल रहा उपचार। - फोटो : neeraj
जिले में आयुष्मान योजना की रफ्तार बेहद सुस्त है। साढ़े तीन साल में 12.20 लाख पात्र व्यक्तियों में से सिर्फ 2.95 लाख के ही आयुष्मान कार्ड बन पाए हैं। अभी भी 9.25 लाख से अधिक पात्र आयुष्मान कार्ड से वंचित हैं।
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योजना के तहत निर्धन परिवार को प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती है लेकिन आयुष्मान कार्ड न बनने से बड़ी संख्या में लोग योजना से वंचित हैं। सितंबर 2018 में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का शुभारंभ हुआ था।
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इसका उद्देश्य निर्धन परिवार के लोगों को पांच लाख रुपये तक का नि:शुल्क उपचार उपलब्ध कराकर सशक्त बनाना था। 2011 की जनगणना के आधार पर जनपद में 2.35 लाख परिवारों के 12.20 लाख व्यक्ति इस योजना के लिए पात्र माने गए थे। चिंता की बात यह है कि अधिकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना को गंभीरता से नहीं लिया। वह भी उस परिस्थिति में जब प्रदेश में अंत्योदय की बात करने वाली भाजपा की सरकार है।
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ये है स्थिति 
- जनपद में 12,20,145 व्यक्ति आयुष्मान कार्ड के लिए पात्र हैं। 
- अब तक 2,95000 व्यक्तियों के कार्ड बने हैं (1.8 लाख परिवार)।
- अंत्योदय कार्ड धारक भी आयुष्मान योजना कार्ड के हकदार हैं।
- साढ़े तीन साल में 46270 लोग हुए हैं लाभान्वित। 



जनपद में करीब 60 अस्पताल सूचीबद्ध 
आयुष्मान योजना से जुड़े मरीजों के उपचार के लिए जनपद में 60 सरकारी एवं प्राइवेट अस्पताल सूचीबद्ध हैं। इनमें पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय, मलखान सिंह जिला चिकित्सालय, मोहनलाल गौतम महिला चिकित्सालय के अतिरिक्त अधिकतर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। इसके अतिरिक्त गांधी आई हॉस्पिटल ट्रस्ट एवं कई प्रमुख प्राइवेट हॉस्पिटल भी हैं।



कार्ड बनाने में दिलचस्पी नहीं लेते अस्पताल
आयुष्मान कार्ड बनाने में सूचीबद्ध अस्पताल दिलचस्पी नहीं लेते, इसकी वजह से भी दिक्कत हो रही है। आरोग्य मित्र (आयुष्मान मित्र) की भी कमी है। प्रमुख अस्पतालों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक पर आरोग्य मित्र नहीं हैं।   


केस 1
एटा चुंगी विकासनगर की कमलेश कुमारी शर्मा सीने में दर्द से पीड़ित हैं। चार दिन पहले उनकी ईसीजी एवं अन्य जांचें र्हुइं। अब उनकी तबियत पहले से कुछ ठीक है। पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में आयुष्मान योजना के तहत उनका उपचार चल रहा है। 
केस  2
गभाना के दौरऊ चांदपुर के बंटी के पैर में प्लास्टर हुआ है। पांच दिन पहले उनके पैर में फ्रैक्चर हुआ था। दीनदयाल चिकित्सालय में चार दिन से भर्ती हैं। उनका उपचार चल रहा है। बंटी के पिता दलवीर कहते हैं कि अभी तक एक पैसा खर्च नहीं हुआ है। आयुष्मान मित्र सहयोग करते हैं। 


पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाने का प्रयास किया जा रहा है। 24 अप्रैल तक 15 लोगों की नियुक्ति जिला अस्पताल के साथ ही सभी 12 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर होने की उम्मीद है। इनकी तैनाती के बाद आयुष्मान कार्ड बनवाने के कार्य में तेजी आने की उम्मीद है। शत-प्रतिशत लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाने की कोशिश होगी। 

- डॉ. नीरज त्यागी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी 



बीमारी का उपचार कराने में लोगों के घर-जमीन तक बिक जाते हैं। आयुष्मान योजना से लोगों को काफी लाभ मिल रहा है। पात्र लोगों को इस योजना का लाभ मिले, इसके लिए समाज के सभी घटकों को आगे आना चाहिए। राजनीतिक दल, गैर सरकारी संगठन, धार्मिक-सामाजिक संगठन से जुड़े लोग आगे आएं तो सभी पात्र लोगों के कार्ड जल्दी बन जाएंगे। 
- डॉ. वीके सिंह, संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य, अलीगढ़ मंडल


ये भी जानें 
- व्यक्तिगत पहचान के लिए आधार कार्ड अनिवार्य।  
- परिवार की पहचान के लिए राशन कार्ड, प्रधानमंत्री का पत्र, परिवार रजिस्टर की नकल अनिवार्य। 
- सूचीबद्ध अस्पतालों एवं जन सेवा केंद्रों पर आयुष्मान कार्ड नि:शुल्क बनाए जाते हैं।
- पात्रता जानने व नि:शुल्क इलाज के लिए हेल्पलाइन नंबर 180018004444 पर कॉल करें 
- नजदीकी सूचीबद्ध अस्पताल में आरोग्य मित्र से मिलें। 
- नजदीकी जन सेवा केंद्र पर जाएं।  

ये है सुविधा 
- प्रति परिवार प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक की नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा। 
- केवल भर्ती मरीजों को ही नि:शुल्क उपचार की सुविधा।
- गंभीर बीमारियों जैसे हृदय रोग, किडनी रोग, घुटना प्रत्यारोपण, कैंसर, मोतियाबिंद एवं सर्जरी आदि के उपचार की सुविधा।
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