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शहर में ऑटो, ई-रिक्शा बन रहे यातायात में बाधक, चौराहों पर हर वक्त जाम
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रामघाट रोड पर जाम में फसे वाहन।
- फोटो : CITY OFFICE
शहर में ट्रैफिक सिस्टम लागू होने और जिला प्रशासन की कोशिशों के बाद भी यातायात व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पा रही है। सुबह से लेकर देर रात तक जाम लगा रहने से राहगीरों एवं वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रसलगंज चौराहे के पास एसपी सिटी के दफ्तर और पुलिस चौकी भी है। इसके बाद भी यहां ऑटो, ई- रिक्शा चालक सवारियां भरते हुए देखे जा सकते हैं। इतना ही नीहं ये वाहन बेतरबी से खड़े रहते हैं, जिसके कारण राहगीर अक्सर घंटों जाम में फंसे रहते हैं। यहां लगी ट्रैफिक लाइट की टाइमिंग भी ठीक नहीं है। रसल गंज शहर के प्रमुख चौराहों में शुमार है। इस बाजार से आगे जिला अस्पताल मलखान सिंह भी है। रिंग रोड बनने के बाद भी कानपुर की ओर से दिन में सैंकड़ों बस, कार व अन्य वाहन शहर के अंदर होकर जीटी रोड से गुजरते हैं। जाम का सिलसिला गांधी पार्क से ही शुरू हो जाता है। दुबे का पड़ाव चौराहे पर आकर जाम और विकराल हो जाता है। शैक्षणिक संस्थान बंद होने के बाद भी राहगीर घंटों यहां जाम में फंसे रहते हैं। जब से शहर में ट्रैफिक लाइट का पालन शुरू हुआ है, तब से रामघाट रोड पर जाम अधिक रहने लगा है।
मीनाक्षी पुल से लेकर किशनपुर तिराहे तक फुटपाथ पर लगी ढकेल, वाहन और अतिक्रमण के कारण स्थिति और भी विकराल हो जाती है। इस रोड पर कई व्यवसायिक भवन हैं, मगर पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। इससे आगे निजी स्कूल के सामने स्कूल खुलने से लेकर बंद होने तक जाम लगा रहता है। आगे बढ़ने पर क्वार्सी चौराहे पर ई- रिक्शा और ऑटो को सड़क किनारे खड़ा करने की अपेक्षा सड़क पर ही सवारियां भरते हुए और उताररते हुए देखा जा सकता है। चौराहे पर ही खड़ी रहने वाली निजी बसों के चलते भी दिन भर यहां जाम लगा रहता है।
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शहरवासियों को जाम से निजात दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। ऑटो, ई-रिक्शा आदि वाहनों को खड़ा करने के लिए स्टैंड निर्धारित किए जा रहे हैं। प्रमुख बाजारों में ई-रिक्शा और ऑटो संचालन प्रतिबंधित किया जाएगा।
- मुकेश चंद्र उत्तम, एसपी ट्रैफिक
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रसलगंज चौराहे के पास एसपी सिटी के दफ्तर और पुलिस चौकी भी है। इसके बाद भी यहां ऑटो, ई- रिक्शा चालक सवारियां भरते हुए देखे जा सकते हैं। इतना ही नीहं ये वाहन बेतरबी से खड़े रहते हैं, जिसके कारण राहगीर अक्सर घंटों जाम में फंसे रहते हैं। यहां लगी ट्रैफिक लाइट की टाइमिंग भी ठीक नहीं है। रसल गंज शहर के प्रमुख चौराहों में शुमार है। इस बाजार से आगे जिला अस्पताल मलखान सिंह भी है। रिंग रोड बनने के बाद भी कानपुर की ओर से दिन में सैंकड़ों बस, कार व अन्य वाहन शहर के अंदर होकर जीटी रोड से गुजरते हैं। जाम का सिलसिला गांधी पार्क से ही शुरू हो जाता है। दुबे का पड़ाव चौराहे पर आकर जाम और विकराल हो जाता है। शैक्षणिक संस्थान बंद होने के बाद भी राहगीर घंटों यहां जाम में फंसे रहते हैं। जब से शहर में ट्रैफिक लाइट का पालन शुरू हुआ है, तब से रामघाट रोड पर जाम अधिक रहने लगा है।
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मीनाक्षी पुल से लेकर किशनपुर तिराहे तक फुटपाथ पर लगी ढकेल, वाहन और अतिक्रमण के कारण स्थिति और भी विकराल हो जाती है। इस रोड पर कई व्यवसायिक भवन हैं, मगर पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। इससे आगे निजी स्कूल के सामने स्कूल खुलने से लेकर बंद होने तक जाम लगा रहता है। आगे बढ़ने पर क्वार्सी चौराहे पर ई- रिक्शा और ऑटो को सड़क किनारे खड़ा करने की अपेक्षा सड़क पर ही सवारियां भरते हुए और उताररते हुए देखा जा सकता है। चौराहे पर ही खड़ी रहने वाली निजी बसों के चलते भी दिन भर यहां जाम लगा रहता है।
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शहरवासियों को जाम से निजात दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। ऑटो, ई-रिक्शा आदि वाहनों को खड़ा करने के लिए स्टैंड निर्धारित किए जा रहे हैं। प्रमुख बाजारों में ई-रिक्शा और ऑटो संचालन प्रतिबंधित किया जाएगा।
- मुकेश चंद्र उत्तम, एसपी ट्रैफिक