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हजरत अली की शिक्षाओं को आत्मसात करें : रिजवी
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हजरत अली की यौम-ए-पैदाइश पर मस्जिद फातिमा शिया टनटनपाड़ा में खुशी मनाते लोग।
- फोटो : CITY OFFICE
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इस्लामिक शिया इस्रा अशरी जमात टोरंटो के मौलाना सैयद मोहम्मद रिजवी ने कहा कि हजरत अली को पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा माना जाता है। उनकी शिक्षाओं को आत्मसात करना चाहिए। ये बातें उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में अली सोसाइटी की ओर से हजरत अली की जयंती पर आयोजित ऑनलाइन कार्यक्रम में कहीं।
इमाम अली ने कहा था ‘ज्ञान आपकी रक्षा करता है, जबकि आपको धन की रक्षा करनी होती है। खर्च करने से धन घटता है, जबकि खर्च करने से ज्ञान बढ़ता है। ज्ञान शासक है, जबकि धन पर शासन किया जाता है’। एएमयू के कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने कहा कि हजरत अली की शिक्षाओं की तरह एएमयू देश में उच्च शिक्षा के लिए सबसे अच्छे केंद्रों में से एक के रूप में प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि हजरत अली ने विनम्रता का जीवन जिया। उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए और उसे आत्मसात करना चाहिए।
यूएई के कवि सैयद अमान हैदर जैदी ने हजरत अली के जीवन पर आधारित मनकबत (कविता) प्रस्तुत की। स्वागत भाषण शिया धर्मशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो. तैयब रजा ने कहा कि इमाम अली को आज तक उनके ज्ञान, पैगंबर मोहम्मद साहब के प्रति वफादारी सभी लोगों के लिए उनके समान व्यवहार और पराजित शत्रुओं को क्षमा करने में उनकी उदारता के लिए जाना जाता है। अली सोसाइटी के अध्यक्ष प्रो. आबिद अली खान ने धन्यवाद ज्ञापित किया। ऑनलाइन कार्यक्रम में प्राक्टर प्रो. मोहम्मद वसीम अली, यूनानी चिकित्सा संकाय के डीन एफएस शीरानी, डॉ. सैयद अली नवाज जैदी आदि मौजूद रहे।
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हजरत अली की पैदाइश पर बांटी मिठाई
हजरत अली की यौमे पैदाइश पर मस्जिद फातिमा शिया जामा मस्जिद टनटनपाड़ा में महफिल हुई। महफिल में हजरत अली के अनुयायियों ने इमाम अली की शान में कसीदे पढ़े। इस दौरान एक-दूसरे को मिठाई खिलाई गई। अध्यक्षता मस्जिद के इमाम मौलाना कसीम जाफर ने की। इस अवसर पर शमीम अख्तर (बॉबी), शीलू, ताज हुसैन, जाफर ईरानी, शोएब रजा आदि मौजूद रहे। ब्यूरो
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इमाम अली ने कहा था ‘ज्ञान आपकी रक्षा करता है, जबकि आपको धन की रक्षा करनी होती है। खर्च करने से धन घटता है, जबकि खर्च करने से ज्ञान बढ़ता है। ज्ञान शासक है, जबकि धन पर शासन किया जाता है’। एएमयू के कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने कहा कि हजरत अली की शिक्षाओं की तरह एएमयू देश में उच्च शिक्षा के लिए सबसे अच्छे केंद्रों में से एक के रूप में प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि हजरत अली ने विनम्रता का जीवन जिया। उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए और उसे आत्मसात करना चाहिए।
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यूएई के कवि सैयद अमान हैदर जैदी ने हजरत अली के जीवन पर आधारित मनकबत (कविता) प्रस्तुत की। स्वागत भाषण शिया धर्मशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो. तैयब रजा ने कहा कि इमाम अली को आज तक उनके ज्ञान, पैगंबर मोहम्मद साहब के प्रति वफादारी सभी लोगों के लिए उनके समान व्यवहार और पराजित शत्रुओं को क्षमा करने में उनकी उदारता के लिए जाना जाता है। अली सोसाइटी के अध्यक्ष प्रो. आबिद अली खान ने धन्यवाद ज्ञापित किया। ऑनलाइन कार्यक्रम में प्राक्टर प्रो. मोहम्मद वसीम अली, यूनानी चिकित्सा संकाय के डीन एफएस शीरानी, डॉ. सैयद अली नवाज जैदी आदि मौजूद रहे।
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हजरत अली की पैदाइश पर बांटी मिठाई
हजरत अली की यौमे पैदाइश पर मस्जिद फातिमा शिया जामा मस्जिद टनटनपाड़ा में महफिल हुई। महफिल में हजरत अली के अनुयायियों ने इमाम अली की शान में कसीदे पढ़े। इस दौरान एक-दूसरे को मिठाई खिलाई गई। अध्यक्षता मस्जिद के इमाम मौलाना कसीम जाफर ने की। इस अवसर पर शमीम अख्तर (बॉबी), शीलू, ताज हुसैन, जाफर ईरानी, शोएब रजा आदि मौजूद रहे। ब्यूरो