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अशोक का शोक हरने आगे आए देश- विदेश से कई लोग

Thu, 21 Apr 2016 01:49 AM IST
दीपक शर्मा
दीपक शर्मा Updated Thu, 21 Apr 2016 01:49 AM IST
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Ashok came to take away the grief of many of national and international
अशाोक
 मुंह के कैंसर से पीड़ित नगला तिकौना के सूर्य नगर निवासी अशोक कश्यप के संबंध में अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद शहर और विदेशों से भी परोपकारी सज्जन उसकी मदद के लिए आगे आए हैं।
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कनाडा के शहर वेनक्योवर में रह रहे योगेश भाटिया ने अलीगढ़ में काम कर रही संस्था उड़ान सोसायटी के ज्ञानेंद्र मिश्रा के माध्यम से 11 हजार रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता की है। साथ ही अमर उजाला से हुई बातचीत में योगेश भाटिया ने कहा कि वह दो दिन बाद अमेरिका के शहर ह्यूस्टन जा रहे हैं।
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वहां पर कैंसर का सबसे बड़ा अस्पताल एमडी एंडरसन है। वहां के डाक्टरों से वह अशोक कश्यप का केस भी डिस्कस करेंगे। इसके लिए योगेश भाटिया ने उड़ान सोसायटी के माध्यम से ही अशोक कश्यप की मेडिकल हिस्ट्री मंगवाई है। संभव होगा तो एंडरसन हॉस्पिटल से जुड़े दिल्ली में रहने वाले डाक्टरों से अशोक कश्यप को चिकित्सकीय सहायता भी दिलवाएंगे।
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इसी के साथ हांगकांग में रह रहीं लेखिका संध्या जेन ने भी खबर पढ़कर आर्थिक तंगी में डूबे अशोक कश्यप के परिवार को एक वर्ष तक 3500 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक मदद दिए जाने की घोषणा की है। पिछले दो दशकों में संध्या अमेरिका और हांगकंाग के कई बड़े संस्थाों में काम कर चुकी हैं। वह हांगकांग में अपने बेटे और पति के साथ रह रही हैं। तकनीकी मैनेजमेंट पर वह मोटिवेशनल कंटेंट लगातार लिखती रही हैं।  
अलीगढ़ भी मदद के लिए आगे आया
अलीगढ़ में भी अशोक की मदद के लिए हाथ बढ़े हैं। न्याय संस्था के सरदार मुकेश सैनी एडवोकेट और उनके साथी राका जौहरी आदि ने व्यक्तिगत रूप से सात हजार रुपये की मदद अशोक के परिवार को दी है। अशोक नगर, गूलर रोड के निवासी कपिल शर्मा उर्फ सोनी बाबू ने भी अशोक के परिवार की ढाई हजार रुपये की आर्थिक सहायता की है।

उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष और दवा कारोबारी भूपेंद्र वार्ष्णेय व्यक्तिगत रूप से अशोक के घर दो हजार रुपये देने बुधवार की शाम को पहुंचे। करीब डेढ़ वर्ष पहले मुंह के कैंसर की चपेट में आने के बाद अशोक का परिवार भयंकर आर्थिक संकट की चपेट में आ चुका है। डेढ़ वर्ष से मकान का किराया नहीं दिया है। साथ ही इलाज में पैसा खर्च हो जाने के चलते परिवार में भुखमरी का संकट आ गया है। 

 
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