Aligarh News: बढ़ता जा रहा रसोई का बजट, अरहर की दाल और छौंका दोनों हुआ महंगा
अरहर की कीमतें पिछले दो महीने में ही 10 से लेकर 20 रुपये प्रति किलोग्राम तक की वृद्धि हो गई है। दाल और साग में तड़का लगाने वाले जीरे की कीमतें भी आसमान छू रही हैं। बाजार में जीरे की कीमत सीधे 300 से 400 हो गई है। सौंफ की कीमत 150 के पार हो गई है।
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एक तरफ अरहर की दाल की जमाखोरी रोकने के लिए केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को जमाखोरों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। वहीं दूसरी ओर बाजार में अरहर की कीमतें पिछले दो महीने में ही 10 से लेकर 20 रुपये प्रति किलोग्राम तक की वृद्धि हो गई है। जिससे रसोई का बजट बढ़ता जा रहा है।
दाल और साग में तड़का लगाने वाले जीरे की कीमतें भी आसमान छू रही हैं। बाजार में जीरे की कीमत सीधे 300 से 400 हो गई है। सौंफ की कीमत 150 के पार हो गई है। फुटकर बाजार में अरहर की दाल की कीमत पिछले महीने तक 110 से 120 रुपये प्रति किलोग्राम थी, जो इस महीने 120 से 130 रुपये तक पहुंच गई। दुकानदारों का कहना है कि अरहर की नई फसल आने में हो रही देरी से कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।
होली पर जीरे का भाव 300 रुपये प्रति किलो, जो अब 400 रुपये तक पहुंच गया है। सौंफ पहले 120 रुपये किलो तक थी, अब 150 के पार पहुंच गई है। दुकानदारों का कहना है कि गुजरात और राजस्थान में बारिश होने से फसल खराब हुई है। जिससे जीरा और सौंफ का उत्पादन कम हुआ है। इसी वजह से दोनों मसालों की कीमतें बढ़ गई है। गुजरात देश का सबसे बड़ा जीरा और सौंफ का उत्पादक राज्य है। इसके बाद राजस्थान का नंबर आता है। दोनों ही जगह बारिश के चलते जीरा और सौंफ की फसल खराब हुई है। इसलिए बाजार में इनकी आवक कम हो गई है, जिससे रेट बढ़ा है।
रसोई की हर चीज महंगी होती जा रही है। महंगाई से बजट लगातार गड़बड़ा रहा है। -पूनम, ज्ञान सरोवर कॉलोनी
रसोई गैस से लेकर दाल, जीरा, सौंफ आदि की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। इससे थाली से दो वक्त की रोटी भी प्रभावित हो रही है। -भारती गुप्ता, विष्णुपुरी