फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Aparajita: Games Change life of women

अपराजिताः खेलों ने बदली महिलाओं की तकदीर

Sun, 01 Dec 2019 01:18 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 01 Dec 2019 01:18 AM IST
विज्ञापन
Aparajita: Games Change life of women
तालानगरी स्थित अमर उजाला कार्यालय में अपराजिता के तहत आयोजित कार्यक्रम शामिल अतिथिगण । - फोटो : CITY OFFICE
अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत शनिवार को अमर उजाला कार्यालय तालानगरी में संवाद कार्यक्रम हुआ, जिसका विषय ‘महिला सशक्तीकरण में खेलों की भूमिका’ रहा। कार्यक्रम में शिरकत करने आए खिलाड़ियों व प्रशिक्षकों ने महिला सशक्तीकरण में खेल की भूमिका को महत्वपूर्ण माना। कई उदाहरण भी दिए।
विज्ञापन

यूपी ओलंपिक संघ के सह संयुक्त सचिव मजहर उल कमर ने कहा कि खेलकूद से आत्मविश्वास पैदा होता है, जो महिलाओं के बेहतर है। इस आत्मविश्वास के सहारे उन्हें कहीं भी और किसी भी क्षेत्र में परेशानी नहीं होती है। आत्मविश्वास उन्हें संबल देता है। इसलिए महिला सशक्तीकरण में खेलों की भूमिका काफी खास है। खेल के जरिये महिलाएं उस मुकाम पर पहुंच गईं, जहां उन्होंने कल्पना तक नहीं की थी। इनमें कर्णम मल्लेश्वरी, सानिया मिर्जा, साइना नेहवाल, पीटी ऊषा, पीवी सिंधु सहित कई नाम हैं। कराटे एसोसिएशन से कमल जैन ने कहा कि महिलाओं को कराटे की ट्रेनिंग दी जाए, जिससे वह मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत हो सकें। टेनिस के प्रशिक्षक इश्तियाक अली ने कहा कि महिलाएं खेल में आगे आएं। बच्चों की पहली शिक्षिका मां होती हैं।
विज्ञापन

अगर वह आगे बढ़ेंगी तो निश्चित रूप से उनका बच्चा भी आगे बढ़ेगा। कराटे एसोसिएशन से मिर्जा वसीम बेग ने कहा कि महिलाओं को खेल में ज्यादा से ज्यादा मौका मिले। अगर वह पर्दे में रहकर सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग चाहती हैं तो उन्हें ट्रेनिंग मिलेगी। रस्साकसीसे विनीत कुमार यादव ने कहा कि स्कूल स्तर से ही छात्राओं को खेलों के लिए प्रोत्साहन नीति होनी चाहिए। पढ़ाई और खेलों में तालमेल रखना होगा। कराटे एसोसिएशन से दीपाली जैन ने कहा कि खेलों व महिलाओं का अलग रिश्ता है। अगर महिलाओं को सही दिशा और प्रोत्साहन मिले तो खेलो की सूरत कुछ और हो सकती है। एथलीट हीरा सिंह ने कहा कि हमारी महिला खिलाड़ियों ने देश का नाम रोशन कई बार किया है। अगर सही सुविधा और दिशा निर्देश मिले तस्वीर बदल सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कबड्डी से मोहम्मद अली ने कहा कि महिलाओं को घर से पूरा सहयोग मिलना चाहिए। उनका खानपान ठीक हो। कोच और आने जाने की व्यवस्था ठीक और सुरक्षित होनी चाहिए। हैंडबॉल के सचिव सुधीश कुमार सिंह ने कहा कि महिलाओं को खेल और घर के काम मे संतुलन बनाना होगा। महिलाओं को अधिक से अधिक मौका मिलना चाहिए। बॉडी बिल्ंिडग से मुजाहिद असलम ने कहा कि हमें महिलाओं को कम नहीं समझना होगा। महिलाओं को पर्याप्त मौका मिले, इसकी जिम्मेदारी हम सबकी है। जिला कुश्ती संघ के सचिव भगत सिंह बाबा ने कहा कि गीता फोगाट, बबिता जैसे कई उदाहरण हैं, जिससे हमें पता चलता है महिला पुरुष से कम नहीं है। वालीबाल से प्रेम सिंह व बिट्टू ने कहा कि चाहे खेल हो या घर। अगर महिला इसमें आगे बढ़ेंगी, तभी हम सबकी सफलता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed