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मनकामेश्वर फैक्टरी अग्निकांड: हादसे में एक और मजदूर की मौत, मरने वालों की संख्या हुई पांच, दिए बीस लाख
Thu, 30 May 2024 04:43 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 30 May 2024 04:43 AM IST
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मृतक क्रेन ऑपरेटर धर्मेंद्र
- फोटो : फाइल फोटो
तालानगरी के सेक्टर दो स्थित लोहा गलाने वाली मनकामेश्वर फैक्टरी में हुए हादसे में जख्मी एक और मजदूर की 29 मई को मौत हो गई। उसका दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उपचार चल रहा था। अब हादसे में मृतकों की संख्या पांच हो गई। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव को घर ले आए। जहां अंतिम संस्कार किया गया। इधर, पूरे मामले में डीएम स्तर से जांच के आधार पर दिए गए कार्रवाई के निर्देशों का सभी को इंतजार है।
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शहर के प्रमुख उद्योगपति दुर्गाबाड़ी निवासी बाबूलाल जैन की तालानगरी के सेक्टर-दो में मनकामेश्वर स्टील्स प्राइवेट लिमिटेड यूनिट-द्वितीय के नाम से फैक्टरी है। जिसमें कबाड़ का लोहा गलाकर इंगट यानि लोहे की सिल्ली बनाई जाती हैं। 24 मई शाम करीब 6:35 बजे भट्ठी में लगे बॉयलर में गलाने के लिए स्क्रैप डाला गया था। इसी दौरान विस्फोट होने से भीषण आग लग गई। आग में जलने से मेल्टर सुभाष चौहान, हेल्पर सतीश की मौके पर ही मौत हो गई। हेल्पर हरि सिंह की देर रात अस्पताल में मौत हो गई। चार अन्य जख्मी मजदूर मुकेश उर्फ कालीचरण व धर्मेंद्र का सफदरजंग दिल्ली में और दो का राममनोहर लोहिया अस्पताल में उपचार चल रहा था।
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जिनमें से 27 मई को मुकेश निवासी क्वार्सी की भी मौत हो गई। इसी हादसे में जख्मी क्रेन ऑपरेटर धर्मेंद्र (47) निवासी मोहल्ला जहांगीराबाद हरदुआगंज की 29 मई सुबह 9 बजे सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गई। इस दौरान उनकी देखभाल में पत्नी सरिता देवी, छोटा भाई राम बहादुर समेत परिवार के सात-आठ लोग मौजूद थे।
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अस्पताल प्रशासन ने पोस्टमार्टम के बाद दोपहर में शव परिजनों को सौंप दिया। देर शाम शव घर पहुंचा। इस दौरान फैक्टरी प्रबंधन के लोग भी पहुंच गए और इस परिवार को भी बीस लाख रुपये मुआवजे का चेक देकर शोक संवेदना व्यक्त की। परिवार में पत्नी के अलावा तीन बेटे हैं, जिनमें 19 वर्षीय रजत, उससे छोटा ऋषभ और सबसे छोटा साहिल हैं। खुद धर्मेंद्र तीन भाइयों में मझले थे। बड़े भाई की बीमारी से मौत हो चुकी है, जबकि सबसे छोटा राम बहादुर भी इसी फैक्टरी में क्रेन ऑपरेटर का काम करता है।
छोटा भाई भी इसी फैक्टरी में हुआ जख्मी
इसी फैक्टरी में काम करने वाला छोटा भाई घटना वाले दिन शाम सात बजे से ड्यूटी पर आने वाला था। चेचेरे भाई दीपक चौहान के अनुसार तीन साल पहले राम बहादुर भी खोलते लावे के छींटें पड़ने से झुलस गया था।