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अलीगढ़ : ‘नाराज’ जाटलैंड में 73 हजार की जीत का अनूप को इनाम

Fri, 25 Mar 2022 11:12 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 25 Mar 2022 11:12 PM IST
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Anoop Pradhan Anoop became minister
अनूप प्रधान के राज्यमंत्री बनने पर उनकी पत्नी लक्ष्मी प्रधान को मिठाई खिलाकर बधाई देतीं महिलाएं - फोटो : PISAWA
अभिषेक शर्मा
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किसान आंदोलन और जाटों की नाराजगी के बीच प्रधानी सियासी की एबीसीडी सीखने वाले अनूप प्रधान की जाटों के बीच पैंठ बरकरार रही। उन्होंने 2017 का परिणाम 2022 में दोहराते हुए अपनी जीत का अंतर 70 हजार के स्थान पर 73 हजार रखा। संगठन ने उन्हें इसी का इनाम देकर मंत्री पद का इनाम दिया है। दूसरी बड़ी वजह इकलौते वाल्मीकि विधायक होना भी माना जा रहा है। अनूप के मंत्री बनने पर सबसे अधिक खुशी सांसद खेमे में है, क्योंकि वे शुरुआत से सांसद के करीबी माने जाते हैं और खुद सांसद व उनके पूरे खेमे ने चुनाव में वहां एड़ी चोटी का जोर लगाए रखा। इधर, पार्टी से मिले इस इनाम पर अनूप की पत्नी बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा है कि कभी सपने में भी न सोचा था कि पति एक दिन मंत्री बनेंगे।
अनूप के सियासी सफर पर गौर करें तो मूल रूप से पिसावा के गांव रकराना निवासी 40 वर्षीय अनूप ने 2005 में जिला पंचायत का चुनाव लड़ा। मगर हार गए। प्रॉपर्टी व कपड़ों का व्यापार करते हुए 2009 में टप्पल के किसान आंदोलन में उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई। भाजपा के चेहरे के रूप में किसानों के बीच सक्रिय रहे। इसी का परिणाम रहा कि वे 2010 के चुनाव में धर्मपुर-रकराना पंचायत से प्रधान बने। हमेशा सौम्य व सरल व्यवहार के लिए पहचाने जाने वाले अनूप को क्षेत्र में इसी सक्रियता का इनाम 2012 में भाजपा से खैर पर टिकट के रूप में मिला। मगर दुर्भाग्यवश 26609 वोट पाकर वे तीसरे स्थान पर रहे। हालांकि हार के बाद उन्होंने हार नहीं मानी। पार्टी ने उन्हें अनुसूचित मोर्चा का जिलाध्यक्ष बनाया और 2017 के चुनाव में फिर टिकट लेकर वे 70 हजार वोटों से मोदी लहर में चुनाव जीते। इसके बाद वे मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में भी शामिल हुए। इधर, 2022 में फिर टिकट लाए। मगर किसान आंदोलन और जाटों की नाराजगी के चलते वे खुद चुनाव में बेहद परेशान रहे। हालांकि वे खुद और उनके साथ चुनाव प्रचार में सर्वाधिक सक्रिय रहे सांसद सतीश गौतम और खैर क्षेत्र के जाट नेताओं ने एड़ी चोटी का जोर लगाया। इसी का परिणाम रहा कि वे पहले से ज्यादा यानी 73 हजार वोटों से जीते। पार्टी ने उन्हें इसी का इनाम दिया।
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पत्नी बेहद खुश, ससुराल-बहनों के घर में भी खुशी
अनूप की पत्नी लक्ष्मी देवी बताती हैं कि उनकी शादी नवंबर 2000 में हुई। मूल रूप से इगलास के गांव ताहरपुर की लक्ष्मी बताती हैं कि कभी उन्होंने सपने में न सोचा था कि उनके पति विधायक या फिर अब मंत्री बनेंगे। जब विवाह हुआ तो पति प्रॉपर्टी का व्यापार करते थे। दो बेटियों व एक बेटे की मां लक्ष्मी बताती हैं कि उनकी बड़ी बेटी ग्रेजुएशन, दूसरी 11वीं और बेटा आठवीं की पढ़ाई कर रहा है। वे बच्चों को लेकर दिल्ली रहती हैं। अनूप तीन बहनों में सबसे छोटे हैं। एक बहन कुटवारा, एक भोले भाई व तीसरी जेवर में हैं। अनूप के मंत्री बनने की खबर पर खुद परिवार के अलावा ससुराल व बहनों के घर में बेहद खुशी है। गांव में भी जशभन का माहौल है। पत्नी कहती हैं कि लंबे समय से उनके पति जनता की सेवा कर रहे हैं। अब मंत्री बनकर जनता की सेवा करेंगे।
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बरौली और खैर छोड़ सभी का घटा जीत का अंतर
2017 और 2022 के परिणामों पर गौर करें तो बरौली पर पार्टी ने इस बार प्रत्याशी बदला था। यहां से निवर्तमान विधायक ठा.दलवीर सिंह के स्थान पर जयवीर सिंह को टिकट दिया। जयवीर सिंह ने 90 हजार के अंतर से जीत दर्ज की। इसके अलावा इगलास, छर्रा, अतरौली, शहर व कोल पर जीत का अंतर घटा। सबसे कमजोर जीत कोल सीट पर हुई।
- पार्टी ने मुझ जैसे छोटे से कार्यकर्ता को मंत्री बनाकर जो सम्मान दिया है। उसका मैं आजीवन ऋणी रहुंगा । खैर की जनता ने प्यार देकर मुझे दूसरी बार जिताया। अब पार्टी नेतृत्व ने प्रदेश में काम करने का मौका दिया है। इस जिम्मेदारी को मैं बखूबी निभाऊंगा। इस जिम्मेदारी के लिए सभी बधाई के पात्र हैं।
- अनूप प्रधान, राज्य मंत्री प्रदेश सरकार
अतरौली विधायक को तीसरी बार मिला मंत्रालय
प्रदेश की सियासत में वीआईपी सीट के रूप में शामिल अतरौली को प्रदेश सरकार में तीसरी बार मंत्रालय मिला है। इससे पहले खुद स्व. कल्याण सिंह एक बार मंत्री और उन्हीं की विरासत संभाल रहे उनके पौत्र को दूसरी बार मंत्रालय मिला है। संदीप को पिछले अनुभव के आधार पर इस बार प्रमोशन दिया गया है।
अतरौली से सियासत करने वाले स्व. कल्याण सिंह भाजपा संस्थापकों में शामिल रहे। वे उस दौर में जनसंघ से इकलौते विधायक बने, जब कांग्रेस का राज चला करता था। इसके बाद भाजपा की स्थापना में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। भाजपा के शीर्ष नेताओं में शामिल कल्याण सिंह के देहांत के बाद से लगातार पार्टी उनको व उनके परिवार को सम्मान दे रही है। खुद कल्याण सिंह को मृत्यु परांत पद्म सम्मान दिया गया। उनके पुत्र एटा सांसद को पार्टी ने चुनाव में स्टार प्रचारक बनाकर प्रदेश में प्रचार कराया। संदीप को इस बार प्रमोशन देकर और ज्यादा महत्व दिया गया है। इसे लेकर उनके समर्थकों व अतरौली वासियों में खुशी की लहर है।

सांसद व समर्थकों ने दी बधाई
संदीप सिंह व अनूप प्रधान को मंत्री बनाए जाने पर सांसद सतीश गौतम, जिला उपाध्यक्ष गौरव शर्मा, चंद्रमणी कौशिक, मनोज कुमार गौतम, मुकेश लोधी आदि ने बधाई दी है। लखनऊ में मौजूद गौरव शर्मा व चंद्रमणी कौशिक ने अनूप का स्वागत किया।
-- जीत का अंतर--
विधानसभा 2017 2022
खैर 70721 73521
बरौली 38763 90281
अतरौली 50697 39338
छर्रा 56134 24448
कोल 50963 5527
शहर 15440 12818
इगलास 74800 58926

राज्यमंत्री की शपथ लेते खैर विधायक अनूप प्रधान।

राज्यमंत्री की शपथ लेते खैर विधायक अनूप प्रधान।- फोटो : PISAWA

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