एएमयू में उर्दू और उसके मकसद का मजाक: उर्दू अकादमी की इमारत पर उर्दू विभाग का कब्जा, चुप है इंतजामिया
यूजीसी ने एएमयू को वर्ष 2006 में उर्दू एकेडमी इमारत के लिए चार करोड़ रुपये दिए थे। वर्ष 2016 में इस इमारत में कला संकाय से उर्दू विभाग स्थानांतरित कर दिया गया, जबकि एकेडमी को बी-टाइप-10 में कागजी औपचारिकताएं पूर्ण किए बगैर स्थानांतरित कर दिया गया।
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में उर्दू और उसके मकसद को लेकर मजाक हो गया है। चार करोड़ की लागत से बनी उर्दू एकेडमी की इमारत पर उर्दू विभाग का कब्जा है, जबकि एकेडमी जीर्ण-शीर्ण भवन में चल रही है। इमारत के लिए यूजीसी ने अनुदान दिया था।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने एएमयू, जामिया मिल्लिया इस्लामिया दिल्ली, मौलाना आजाद राष्ट्रीय विवि हैदराबाद को उर्दू एकेडमी की इमारत के लिए अनुदान दिया था। यूजीसी ने एएमयू को वर्ष 2006 में उर्दू एकेडमी इमारत के लिए चार करोड़ रुपये दिए थे। वर्ष 2016 में इस इमारत में कला संकाय से उर्दू विभाग स्थानांतरित कर दिया गया, जबकि एकेडमी को बी-टाइप-10 में कागजी औपचारिकताएं पूर्ण किए बगैर स्थानांतरित कर दिया गया।
एकेडमी को अनुदान से आए फर्नीचर, कंप्यूटर भी नहीं दिए गए। एकेडमी का मकसद बिहार, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, झारखंड सहित अन्य प्रदेशों के उर्दू और उर्दू माध्यम के विद्यालयों के शिक्षकों में समय के साथ ज्ञान को बढ़ाना था। मगर, सिर्फ दो-तीन बार ही सेमिनार हुआ, जिसमें यूनिवर्सिटी के स्कूल के शिक्षकों को बुलाया गया था। यूजीसी से अनुदान न मिलने की वजह से अन्य प्रदेशों के उर्दू और उर्दू माध्यम के विद्यालयों के शिक्षकों को आमंत्रित नहीं किया जा सका।
एकेडमी को नहीं मिले 9 एसी, 15 कंप्यूटर
उर्दू एकेडमी के उप निदेशक डॉ. जुबैर शादाब ने बताया कि यूजीसी से मिले अनुदान से एकेडमी के लिए फर्नीचर, कंप्यूटर, एसी मिले थे, लेकिन जब एकेडमी को दूसरी इमारत में स्थानांतरित किया गया तो उसे फर्नीचर, कंप्यूटर, एसी नहीं दिए गए। उन्होंने कहा कि सेमिनार के लिए अनुदान की खातिर यूजीसी को कई बार पत्राचार भी किया गया है।
केवल चार मेज, आठ कुर्सिया मिलीं
डॉ. जुबैर ने बताया कि एकेडमी के खाते में केवल चार मेज और आठ कुर्सियां आईं। एकेडमी की लाइब्रेरी, कांफ्रेंस, कंप्यूटर लैब के लिए 15 कंप्यूटर, 65 कुर्सियां, 18 मेज, 33 अलमारी, 9 एसी, सोफा सेट आए थे, जिसे वापस नहीं किया, बल्कि उर्दू विभाग ने अपने कब्जे में ले लिया।