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AMU: किसान को कीटनाशक छिड़कते देखा परेशान, एएमयू छात्र ने बना दिया सस्ता ड्रोन, उठा सकता है एक किलो वजन

Thu, 17 Jul 2025 05:01 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Thu, 17 Jul 2025 05:01 PM IST
सार

इसकी कीमत इसी श्रेणी के अन्य ड्रोन के मुकाबले 60 फीसदी तक कम है। यह ड्रोन 400 फीट तक की ऊंचाई पर एक किलो भार तक लेकर फ्लाई कर सकता है। इस ड्रोन का उपयोग खेतों में कीटनाशक छिड़काव से लेकर घरों तक दवा पहुंचाने, दुर्गम इलाकों में खाना, दवा, रक्त आदि को  आसानी से भेजने में किया जा सकता है। 

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AMU student made a cheap drone
एएमयू में बनाया ड्रोन - फोटो : संवाद

विस्तार

एएमयू के इंजीनियर के छात्र मो. उजैर आलम ने दो साल पहले एक किसान को कीटनाशक छिड़कते हुए बेहद परेशानी में देखा। उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। किसान की इसी तकलीफ को कम करने के लिए उजैर ने एक ऐसा ड्रोन बनाने की ठानी जिसे आसानी से इस्तेमाल में लाया जा सके और कीमत भी कम हो।दो साल की मेहनत के बाद अब ऐसा ही ड्रोन तैयार कर लिया है। 

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इसकी कीमत इसी श्रेणी के अन्य ड्रोन के मुकाबले 60 फीसदी तक कम है। यह ड्रोन 400 फीट तक की ऊंचाई पर एक किलो भार तक लेकर फ्लाई कर सकता है। इस ड्रोन का उपयोग खेतों में कीटनाशक छिड़काव से लेकर घरों तक दवा पहुंचाने, दुर्गम इलाकों में खाना, दवा, रक्त, जरूरी संसाधन पहुंचाने जैसी सेवाओं के लिए आसानी से किया जा सकता है। 
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मोहम्मद उजैर आलम एएमयू के जाकिर हुसैन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के मैकेनिकल इंजीनियरिंग के तृतीय वर्ष के छात्र हैं। वह कहते हैं कि किसान की तकलीफ को देखते हुए वह इसी कोशिश में लगे थे कि किस तरह ड्रोन की कीमत में कमी लाई जाए। इस दिशा में अहम मुकाम साबित हुआ गाजियाबाद के हिंडन में लगा ड्रोन एक्सपो। यहां पर उन्हें आधुनिक तकनीक का पता चला जिससे कीमत में कमी लाई जा सकती है। इसके बाद एएमयू आकर काम किया। एएमयू में विज्ञान और प्रौद्योगिकी भारत सरकार की मदद से इन्क्यूबशन सेंटर की स्थापना की गई है। इस सेंटर में विद्यार्थियों के नए-नए विचार को पंख दिए जा रहे हैं।

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ड्रोन टेक्नोलॉजी के विभिन्न पहलुओं जैसे डिजाइन, नेविगेशन सिस्टम, पेलोड डिलीवरी मैकेनिज्म और ऑटोमैशन पर शोध कर रहे हैं। मौजूदा ड्रोन लॉजिस्टिक है। अभी हम जेएन मेडिकल कॉलेज में मरीजों तक दवा पहुंचाने के लिए भी इसका प्रयोग कर रहे हैं। आगे इसकी कीमत में में भी और भी कमी लाने का प्रयास है।-उजैर आलम, छात्र, एएमयू

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