'कैंपस के दरवाजे खोल दो, हम सामूहिक गिरफ्तारी देंगे', रिपोर्ट दर्ज होने के बाद बोले एएमयू के छात्र
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नागरिकता कानून के विरोध में शनिवार को एएमयू कैंपस में अलग-अलग तरह से विरोध प्रदर्शन किया गया। एएमयू छात्र संघ के निवर्तमान अध्यक्ष सलमान इम्तियाज ने अपनी फेसबुक वाल के माध्यम से एलान किया है कि कृपया, कैंपस के दरवाजे खोल दें। 10 हजार पर रिपोर्ट दर्ज होने के बाद हम लोग बड़े स्तर पर गिरफ्तारी देने को तैयार हैं।
इसी के साथ हैशटैग डिटेंशन सेंटर भी नीचे लिख दिया है। वहीं, छात्राओं का और आरडीए का एक घंटा प्रतिदिन का प्रदर्शन जारी रहा। शनिवार को तीन बजे यूनिवर्सिटी लाइब्रेरी के पीछे जनरल बाडी की मीटिंग बुलाई गई थी। कहा गया था कि नागरिकता कानून के विरोध में आगे आंदोलन क्या रहेगा, इसकी रणनीति पर चर्चा होनी थी।
लेकिन बाद में मीटिंग तो स्थगित हो गई लेकिन कुछ छात्रों ने आपस में विचार विमर्श करके तय किया कि आंदोलन को किसी न किसी रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा शनिवार को निवर्तमान छात्र संघ अध्यक्ष ने अपनी फेसबुक वॉल पर एलान किया कि 10 हजार छात्रों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। कैंपस के दरवाजे खोल दिए जाएं हम समूह स्तर पर गिरफ्तारी देने को तैयार हैं।
हालांकि 15 दिसंबर के बवाल में आरएएफ की ओर से की गई शिकायत के बारे में पहले जानकारी मिली थी कि 10 हजार अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।लेकिन बाद में इस गलती को सुधारा गया। इस संबंध में एसएसपी अलीगढ़ ने जानकारी देते हुए बताया कि मानवीय भूल के कारण जिन छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है उनकी संख्या 1000 की जगह 10000 बता दी गई थी।
बाटला हाउस जैसे हालात हो रहे हैं अलीगढ़ में
वहीं एएमयू छात्र संघ के निवर्तमान अध्यक्ष सलमान इम्तियाज ने एक वीडियो जारी करके कहा है कि नागरिकता संशोधन कानून का विरोध करने वाले एएमयू छात्रों को डराया धमकाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बाटला हाउस जैसे हालात अगर अलीगढ़ में पैदा किए गए तो स्थिति बेहद दुर्भाग्यपूर्ण होगी। छात्रों को डरा कर कहा जा रहा है कि तुम्हारा एनकाउंटर कर दिया जाएगा। लापता कर दिया जाएगा।
इस समय एकजुटता से काम लेने की जरूरत है। यहां के जो छात्र हैं, उन्हें डरने की जरूरत नहीं है। छात्रों ने हमेशा देश को जोड़ने की बात कही है। हम पर हिंसा थोपी गई है। हमने इस काले कानून का विरोध किया था और करते रहेंगे। हमारी सभी स्टाफ, शिक्षकों आदि से अपील है कि हमारे साथ आएं। पुलिस ने बर्बरता की है।