प्रो. रेजावी का दावा: फतेहपुर सीकरी के महल की दीवारों पर श्रीराम और हनुमान जी की मूर्तियां, जल्द आएगी किताब
प्रो. नदीम रेजावी ने बताया कि अकबर के समग्र संस्कृति के आदर्श फतेहपुर सीकरी की कला और वास्तुकला में प्रतीकात्मक रूप से प्रकट होते हैं, जहां श्रीराम और हनुमान जी की मूर्तियां महल की दीवारों पर दिखाई देती हैं।
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के इतिहास विभाग के शिक्षक और मुगलों के अधीन रहे शहरों पर शोध करने वाले प्रो. नदीम रेजावी ने कहा कि फतेहपुर सीकरी के महल की दीवारों पर श्रीराम और हनुमान जी की मूर्तियां दिखाई देती हैं। वह बृहस्पतिवार को यूनिवर्सिटी की अलीगढ़ सोसायटी ऑफ हिस्ट्री एंड आर्कियोलॉजी (एएसएचए) के तत्वावधान में सम्राट अकबर की जयंती पर “अकबर की समकालीन भारत में प्रासंगिकता” विषय पर आयोजित संगोष्ठी में बोल रहे थे।
उन्होंने अकबर की सत्य की खोज में अंतरधार्मिक संवाद और विभिन्न परंपराओं के बीच समझ बढ़ाने के प्रयासों को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि अकबर के समग्र संस्कृति के आदर्श फतेहपुर सीकरी की कला और वास्तुकला में प्रतीकात्मक रूप से प्रकट होते हैं, जहां श्रीराम और हनुमान जी की मूर्तियां महल की दीवारों पर दिखाई देती हैं।
प्रो. शीरीं मूसवी ने कहा कि अशोक, अकबर और नेहरू जैसे तीन दूरदर्शी शासकों ने भारत की समावेशी पहचान को आकार देने में निर्णायक भूमिका निभाई। प्रो. रेजावी ने अकबर की धार्मिक नीति को उजागर किया, जिसमें उन्होंने कई हिंदुओं को साम्राज्य सेवा में शामिल किया।