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एएमयू ओल्ड ब्वायज की मीटिंग में जमकर हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 15 May 2016 01:50 AM IST
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एएमयू
- फोटो : अलीगढ़/ब्यूरो
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एएमयू ओल्ड ब्वायज एसोसिएशन की जनरल बॉडी मीटिंग में शनिवार को जमकर हंगामा हुआ। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर जमकर आरोप, प्रत्यारोप लगाए। वरिष्ठ पूर्व छात्रों और पदाधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मामला किसी तरह शांत हुआ। शनिवार को ओल्ड ब्वायज लॉज पर जीबीएम बुलाई गई थी। एक पक्ष का कहना है कि इसमें एक ही मोशन (एएमयू के अल्पसंख्यक स्वरूप और इससे जुड़े विषय) पर चर्चा होनी थी। लेकिन दूसरे पक्ष ने मोशन के साथ इसमें अन्य विषय भी जोड़ दिए। साथ ही आडिट रिपोर्ट भी पेश कर दी। इसी बात पर हंगामा खड़ा हो गया। एक पक्ष ने डायस के पास जाकर कार्यक्रम में व्यवधान पैदा किया। इस दौरान कार्यक्रम में हंगामा हो गया। बेहद वरिष्ठ सदस्य यह देखकर बेहद आहत हुए और उन्होंने यूनिवर्सिटी की रवायत का हवाला दिया जिसमें एएमयू के जूनियर छात्र सीनियर छात्रों के सामने बेहद अनुशासित रहते हैं। बाद में हस्तक्षेप से मामला तो शांत हो गया लेकिन अलग अलग पक्षों के अलग दावे हैं।
‘11 मई को अवैध तरीके से मुझे महासचिव पद से हटाने की कोशिश हुई। मैंने अपना कार्यकाल खत्म होने से एक दिन पहले 14 मई को जनरल बॉडी की मीटिंग बुलाई और इसमें मोशन के साथ ही आडिट रिपोर्ट भी रखी। 12 सदस्यों में से 10 सदस्यों ने उसे पास भी कर दिया। शनिवार की बैठक बुलाने की घोषणा के बाद मुझ पर इसे वापस लेने का दबाव भी डाला गया और डराया धमकाया भी गया। लेकिन मैंने जीबीएम कैंसिल नहीं की। नतीजा यह हुआ कि सभी लोग जीबीएम में आए और यह कामयाब रही। जो लोग बाधा पैदा कर रहे हैं वह चुनावों का सामना करने से डर रहे हैं’
- सैयद साजिद हसन उर्फ जानी, महासचिव, ओल्ड ब्वायज एसोसिएशन
‘शनिवार को जो जीबीएम बुलाई गई है वह अवैध है। तय यह हुआ था कि बैठक में एक मोशन रखा जाएगा उसी पर चर्चा होगी। इन्होंने आडिट रिपोर्ट रखनी शुरू कर दी। जीबीएम में कोई बजट और मोशन पास नहीं हुआ है। नियमों का उल्लंघन किया गया है। हमारी कोशिश नियमों को बचाने की और रवायतों की रक्षा करने की है। जो लोग यह कह रहे हैं कि बिल्डिंग पर कब्जा करने का प्रयास है तो वह जान लें कि हम यहां तीन साल से हैं। हमने 14 साल जिनका कब्जा रहा बिल्डिंग को उनसे मुक्त कराया है’
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- आजम मीर, वरिष्ठ पदाधिकारी, ओल्ड ब्वायज एसोसिएशन
‘जो भी कुछ शनिवार को ओल्ड ब्वायज लॉज पर हुआ है वह सिर्फ एएमयू की करोड़ों रुपये की इमारत पर कब्जा करने, यहां से अपने प्रापर्टी डीलिंग के धंधे चलाने और अपना कब्जा बनाए रखने की कवायद है। इन लोगों का एएमयू के हित, अल्पसंख्यक दर्जा, नीट परीक्षा आदि से कोई लेना देना नहीं है। एएमयू के हितों की चाशनी में यह अपना जहर छुपाने का काम करते हैं’
- मजहर उल कमर, सदस्य, एएमयू ओल्ड ब्वायज
‘एएमयू ओल्ड ब्वायज की बिल्डिंग को प्रापर्टी डीलिंग का अड्डा बना दिया गया है। शनिवार को बैठक के दौरान सदस्यों से ज्यादा कैसे तत्व वहां मौजूद थे सभी जानते हैं। इन लोगों का एएमयू के मफादात से कोई लेना देना नहीं है। यह लोग एएमयू की छवि को बर्बाद कर देना चाहते हैं। पूरी अलीग बिरादरी को इनसे सावधान रहने की जरूरत है। यह लोग अब बेनकाब हो गए हैं’
- बाबा फरीद आजाद, पार्षद और वरिष्ठ सपा नेता
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‘11 मई को अवैध तरीके से मुझे महासचिव पद से हटाने की कोशिश हुई। मैंने अपना कार्यकाल खत्म होने से एक दिन पहले 14 मई को जनरल बॉडी की मीटिंग बुलाई और इसमें मोशन के साथ ही आडिट रिपोर्ट भी रखी। 12 सदस्यों में से 10 सदस्यों ने उसे पास भी कर दिया। शनिवार की बैठक बुलाने की घोषणा के बाद मुझ पर इसे वापस लेने का दबाव भी डाला गया और डराया धमकाया भी गया। लेकिन मैंने जीबीएम कैंसिल नहीं की। नतीजा यह हुआ कि सभी लोग जीबीएम में आए और यह कामयाब रही। जो लोग बाधा पैदा कर रहे हैं वह चुनावों का सामना करने से डर रहे हैं’
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- सैयद साजिद हसन उर्फ जानी, महासचिव, ओल्ड ब्वायज एसोसिएशन
‘शनिवार को जो जीबीएम बुलाई गई है वह अवैध है। तय यह हुआ था कि बैठक में एक मोशन रखा जाएगा उसी पर चर्चा होगी। इन्होंने आडिट रिपोर्ट रखनी शुरू कर दी। जीबीएम में कोई बजट और मोशन पास नहीं हुआ है। नियमों का उल्लंघन किया गया है। हमारी कोशिश नियमों को बचाने की और रवायतों की रक्षा करने की है। जो लोग यह कह रहे हैं कि बिल्डिंग पर कब्जा करने का प्रयास है तो वह जान लें कि हम यहां तीन साल से हैं। हमने 14 साल जिनका कब्जा रहा बिल्डिंग को उनसे मुक्त कराया है’
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- आजम मीर, वरिष्ठ पदाधिकारी, ओल्ड ब्वायज एसोसिएशन
‘जो भी कुछ शनिवार को ओल्ड ब्वायज लॉज पर हुआ है वह सिर्फ एएमयू की करोड़ों रुपये की इमारत पर कब्जा करने, यहां से अपने प्रापर्टी डीलिंग के धंधे चलाने और अपना कब्जा बनाए रखने की कवायद है। इन लोगों का एएमयू के हित, अल्पसंख्यक दर्जा, नीट परीक्षा आदि से कोई लेना देना नहीं है। एएमयू के हितों की चाशनी में यह अपना जहर छुपाने का काम करते हैं’
- मजहर उल कमर, सदस्य, एएमयू ओल्ड ब्वायज
‘एएमयू ओल्ड ब्वायज की बिल्डिंग को प्रापर्टी डीलिंग का अड्डा बना दिया गया है। शनिवार को बैठक के दौरान सदस्यों से ज्यादा कैसे तत्व वहां मौजूद थे सभी जानते हैं। इन लोगों का एएमयू के मफादात से कोई लेना देना नहीं है। यह लोग एएमयू की छवि को बर्बाद कर देना चाहते हैं। पूरी अलीग बिरादरी को इनसे सावधान रहने की जरूरत है। यह लोग अब बेनकाब हो गए हैं’
- बाबा फरीद आजाद, पार्षद और वरिष्ठ सपा नेता