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AMU Logo: 74 साल में छह बार बदला एएमयू का लोगो, जानें महारानी विक्टोरिया के ताज से लेकर किताब तक का सफर

Sun, 25 Jun 2023 11:14 PM IST
चमन शर्मा इकराम वारिस, अमर उजाला, अलीगढ़
इकराम वारिस, अमर उजाला, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Sun, 25 Jun 2023 11:14 PM IST
सार

1877 में लोगो में खजूर का पेड़, चांद और महारानी विक्टोरिया का ताज शामिल किया गया था। वर्ष 1920 में कॉलेज अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी बन गया। यूनिवर्सिटी के लोगो में बदलाव किया गया।

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AMU logo changed six times in 74 years
एएमयू के 6 लोगो - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) का लोगो वक्त के साथ स्वरूप बदलता रहा। 74 साल में छह बार लोगो के स्वरूप में बदलाव किया गया। महारानी विक्टोरिया के ताज की जगह किताब को मुकाम मिला।

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एएमयू के संस्थापक सर सैयद अहमद खान ने मदरसातुल उलूम की बुनियाद डाली थी। वर्ष 1877 में मदरसा को मोहम्मडन एंग्लो ओरिएंटल कॉलेज में तब्दील कर दिया था। उन्होंने कॉलेज के लोगो की डिजाइन वर्ष 1877 में की थी। लोगो में खजूर का पेड़, चांद और महारानी विक्टोरिया का ताज शामिल किया गया था। वर्ष 1920 में कॉलेज अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी बन गया। यूनिवर्सिटी के लोगो में बदलाव किया गया। केवल कॉलेज की जगह एएमयू कर दिया गया। खजूर के पेड़ में 10 पत्ते थे। 1947 में भारत अंग्रेजों से आजाद हो गया। 
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वर्ष 1951 में फिर लोगो में तब्दीली की गई। इस बार महारानी विक्टोरिया के ताज की जगह किताब को स्थान दिया गया। लोगो में खजूर के पेड़ में 9 पत्तों के साथ दो तारे हैं। लोगो में कुरान की आयत सूरह-अलख भी है, जो सूरह इल्म भी कहलाता है। “अल्लमल इंसाना मालम यालम” इसका मतलब “अल्लाह ने इंसान को वह इल्म सिखाया जो नहीं जानता है”। वर्ष 1877 से 1951 के बीच छह बार लोगो की डिजाइन बदली गई। वर्ष 1932, वर्ष 1936 व वर्ष 1940 में भी लोगो का स्वरूप बदला गया।
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एएमयू की शुरुआत मदरसातुल उलूम से हुई थी। फिर कॉलेज बना। आज वह यूनिवर्सिटी बन चुकी है। कॉलेज से लेकर यूनिवर्सिटी के लोगो बने। छह बार लोगो के स्वरूप में बदलाव किया गया। नवाब छतारी को जब डॉक्टरेट की उपाधि दी गई, तब जो लोगो उनकी शेरवानी पर लगाई थी, उसमें अरबी भाषा में लिखावट थी। -डॉ. राहत अबरार, पूर्व जनसंपर्क अधिकारी, एएमयू

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