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AMU: कुलपति सर, इम्तिहान देने पर भी नहीं मिला अंक पत्र, भटक रहा दिव्यांग विधि छात्र, वीसी से लगाई गुहार
Mon, 08 Apr 2024 01:13 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Mon, 08 Apr 2024 01:13 PM IST
सार
एएमयू का विधि छात्र अंकपत्र न मिलने के कारण परेशान होकर इधर से उधर घूम रहा है। छात्र आतिफ ने कहा कि एक दिन में अलग-अलग सेमेस्टर परीक्षा दे चुके हैं। उनका भविष्य बर्बाद हो रहा है, कोई उनकी सुनवाई नहीं कर रहा है। अंक पत्र नहीं मिला है।
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एएमयू
- फोटो : संवाद
विस्तार
एएमयू का विधि विभाग किसी न किसी वजहों से चर्चा में है। एक ऐसा ही मामला दिव्यांग छात्र मोहम्मद आतिफ का भी सामने आया, जो कई बार सेमेस्टर का इम्तिहान दे चुके हैं, लेकिन उन्हें कोई अंक पत्र नहीं मिला है। अब उन्होंने कुलपति से भी गुहार लगाई है।
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छात्र मोहम्मद आतिफ (दृष्टिहीन) ने बताया कि दिव्यांग कोटे से बीएएलएलबी प्रथम सेमेस्टर-2021-22 में प्रवेश देने के लिए समिति ने मंजूरी दी थी। प्रवेश परीक्षा में उनकी दो रैंक दी थी, लेकिन तकनीकी दिक्कतें आने के चलते उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया। इसके बाद वह परीक्षा नियंत्रक के पास गए। उन्होंने कहा कि प्रवेश हो जाएगा, लेकिन थोड़ा समय लगेगा। इस बीच प्रवेश प्रक्रिया का समय निकल गया।
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फिर उन्होंने संबंधित लोगों से संपर्क भी किया, लेकिन कोई सकारात्मक परिणाम नहीं मिला। फिर उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर दी। उच्च न्यायालय का आदेश होने के बाद उनका प्रवेश ले लिया। जब प्रवेश लिया था, तब प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा पूर्ण हो चुकी थी और दूसरे सेमेस्टर में 25 जुलाई 2022 में उनका प्रवेश हुआ।
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आतिफ ने कहा कि जब उन्होंने विभागाध्यक्ष से प्रश्न किया कि प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा कैसे हो गई, तब वह बोले, इसकी चिंता न करो, क्योंकि कोरोना काल में प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा ऑनलाइन हुई थी। बाकी सेमेस्टर के साथ प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा देते रहना। प्रथम सेमेस्टर के मध्य टर्म की परीक्षा ऑनलाइन हो गई, लेकिन आखिरी टर्म की परीक्षा नहीं ली। जब वह तीसरे सेमेस्टर में आए तब कहा, उनकी प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा कराई जाए, क्योंकि उनका अंक पत्र नहीं बन पा रहा है।
प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा पूर्ण होने के बाद ही अंक पत्र बनेगा। आतिफ ने कहा कि एक दिन में अलग-अलग सेमेस्टर परीक्षा दे चुके हैं। उनका भविष्य बर्बाद हो रहा है, कोई उनकी सुनवाई नहीं कर रहा है। अब अपने साथियों के साथ प्राॅक्टर से मुलाकात करके अपनी समस्या बताएंगे। इस संबंध में प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद वसीम अली ने बताया कि छात्र आतिफ की हरसंभव मदद की जाएगी। वह मुश्किल दौर से गुजर रहा है।