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एएमयू: परीक्षाओं के बहिष्कार के बीच कक्षाएं शुरू होने का दावा
Fri, 31 Jan 2020 12:31 AM IST
राजेश सिंह
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Published by: राजेश सिंह
Updated Fri, 31 Jan 2020 12:31 AM IST
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में नागरिकता संशोधन कानून सहित कुलपति और रजिस्ट्रार के इस्तीफे की मांग को लेकर पिछले 19 दिनों से एएमयू में चल रहे कक्षाओं और परीक्षाओं के बहिष्कार के क्रम में बृहस्पतिवार को दावा किया गया कि इंजीनियरिंग सहित कुछ संकायों में कक्षाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, विधि संकाय में एलएलएम की परीक्षा का छात्रों ने बायकाट किया।
साथ ही कैंपस में धरना-प्रदर्शन का दौर भी चलता रहा। इससे पहले कुलपति ने छात्रों के नाम पत्र लिखकर आखिरी अपील जारी की थी कि अगर 30 जनवरी तक कैंपस में कक्षाएं शुरू नहीं हुई तो वह विश्वविद्यालय को बंद भी कर सकते हैं।
बृहस्पतिवार की सुबह इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. एमएम सूफियान बेग की ओर से पत्र जारी करके कहा गया कि छात्रों की मांगें मान ली गई हैं। दावा किया गया कि इसके बाद कक्षाएं शुरू हो गई। हालांकि छात्रों के एक गुट का कहना था कि कक्षाओं के शुरू होने को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया है। कुछ छात्र कक्षाओं में पहुंचे जरूर हैं। लेकिन अधिकांश छात्र कक्षाओं में नहीं पहुंचे।
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दावा किया गया कि सोशल साइंस, पालीटेक्निक में भी कक्षाएं चली हैं। यूनानी मेडिसिन और मेडिसिन फैकल्टी में कक्षाएं पहले से ही चल रही हैं। छात्रों का कहना है कि आर्ट्स, साइंस और विधि संकाय में कोई कक्षा नहीं चली है। बृहस्पतिवार को एलएलएम की परीक्षा थी लेकिन छात्रों ने उसका बायकाट किया।
विधि संकाय में आज बन सकती है टकराव की स्थिति
अलीगढ़। परीक्षाओं में शामिल होने व नहीं होने को लेकर सबसे ज्यादा मुश्किल स्थिति विधि संकाय में बनी हुई है। बृहस्पतिवार को एलएलएम की परीक्षा का छात्रों ने बायकाट किया। शुक्रवार को बीएएलएलबी पंचम वर्ष की परीक्षा का आयोजन होना है। कुछ छात्र हैं, जो परीक्षा देना चाहते हैं। लेकिन कुछ छात्र हैं जो नहीं चाहते परीक्षा का आयोजन हो।
ये मांगें मानी गईं
- छात्रों पर दर्ज की गई एफआईआर को रद कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, साक्ष्य छात्रों को दिखाए जाएंगे।
- स्थानीय खुफिया निकाय या पुलिस को छात्रों से जुड़ी कोई भी जानकारी नहीं दी जाएगी।
- इंजीनियरिंग कालेज के बाहर धरने पर बैठे छात्रों पर किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
- पुलिस द्वारा किसी भी छात्र को कहीं से बंदी बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
- 29 जनवरी को इंजीनियरिंग कालेज के सामने धरने पर बैठे छात्रों के साथ हुई धमकाने की घटना की जांच शुरू की जाएगी।
- भविष्य में कभी भी पुलिस को कैंपस में इजाजत की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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साथ ही कैंपस में धरना-प्रदर्शन का दौर भी चलता रहा। इससे पहले कुलपति ने छात्रों के नाम पत्र लिखकर आखिरी अपील जारी की थी कि अगर 30 जनवरी तक कैंपस में कक्षाएं शुरू नहीं हुई तो वह विश्वविद्यालय को बंद भी कर सकते हैं।
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बृहस्पतिवार की सुबह इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. एमएम सूफियान बेग की ओर से पत्र जारी करके कहा गया कि छात्रों की मांगें मान ली गई हैं। दावा किया गया कि इसके बाद कक्षाएं शुरू हो गई। हालांकि छात्रों के एक गुट का कहना था कि कक्षाओं के शुरू होने को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया है। कुछ छात्र कक्षाओं में पहुंचे जरूर हैं। लेकिन अधिकांश छात्र कक्षाओं में नहीं पहुंचे।
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दावा किया गया कि सोशल साइंस, पालीटेक्निक में भी कक्षाएं चली हैं। यूनानी मेडिसिन और मेडिसिन फैकल्टी में कक्षाएं पहले से ही चल रही हैं। छात्रों का कहना है कि आर्ट्स, साइंस और विधि संकाय में कोई कक्षा नहीं चली है। बृहस्पतिवार को एलएलएम की परीक्षा थी लेकिन छात्रों ने उसका बायकाट किया।
विधि संकाय में आज बन सकती है टकराव की स्थिति
अलीगढ़। परीक्षाओं में शामिल होने व नहीं होने को लेकर सबसे ज्यादा मुश्किल स्थिति विधि संकाय में बनी हुई है। बृहस्पतिवार को एलएलएम की परीक्षा का छात्रों ने बायकाट किया। शुक्रवार को बीएएलएलबी पंचम वर्ष की परीक्षा का आयोजन होना है। कुछ छात्र हैं, जो परीक्षा देना चाहते हैं। लेकिन कुछ छात्र हैं जो नहीं चाहते परीक्षा का आयोजन हो।
ये मांगें मानी गईं
- छात्रों पर दर्ज की गई एफआईआर को रद कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, साक्ष्य छात्रों को दिखाए जाएंगे।
- स्थानीय खुफिया निकाय या पुलिस को छात्रों से जुड़ी कोई भी जानकारी नहीं दी जाएगी।
- इंजीनियरिंग कालेज के बाहर धरने पर बैठे छात्रों पर किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
- पुलिस द्वारा किसी भी छात्र को कहीं से बंदी बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
- 29 जनवरी को इंजीनियरिंग कालेज के सामने धरने पर बैठे छात्रों के साथ हुई धमकाने की घटना की जांच शुरू की जाएगी।
- भविष्य में कभी भी पुलिस को कैंपस में इजाजत की अनुमति नहीं दी जाएगी।