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एएमयू कैंपस में पीएम व भाजपा के खिलाफ नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूूराे
Updated Wed, 07 Dec 2016 02:15 AM IST
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एएमयू कैंपस में पीएम व भाजपा के खिलाफ नारेबाजी
- फोटो : Dig Vishal
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अयोध्या में ढांचा ध्वंस की बरसी छह दिसंबर की तारीख शांतिपूर्ण गुजर गयी। एएमयू कैंपस में छात्रों ने पीएम मोदी व भाजपा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मार्च निकाला। शहर में बाबरी मस्जिद समर्थकों ने राष्ट्रपति को संबोधित कई ज्ञापन प्रशासन को सौंपे, जिसमें बाबरी मस्जिद के पुनर्निर्माण की मांग की गई।
मंगलवार को एएमयू छात्रों का एक समूह मौलाना आजाद लाइब्रेरी पर एकत्र हुआ। यहां से जुलूस आर्ट्स फैकल्टी, वीसी लॉज, स्टाफ क्लब, गेस्ट हाउस होता हुआ बाब ए सैयद पहुंचा। छात्रों ने इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्र की भाजपा सरकार और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मोदी मुर्दाबाद के नारों से कैंपस गूंज गया। बाब ए सैयद पर एसीएम को छात्रों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा, जिसमें कहा गया है कि छह दिसंबर 1992 भारत के इतिहास में एक काला धब्बा है। बाबरी मस्जिद के ढहाने में जो लोग शामिल थे वह बाद में कई अहम सरकारी पदों पर पहुंचे। अल्पसंख्यकों में मुसलमानों की संख्या सबसे अधिक 14 फीसदी है। बाबरी मस्जिद की तामीर प्रत्येक मुसलमान की संवेदना से जुड़ी है। यह प्राकृतिक न्याय का सिद्धांत है कि एक धर्मनिरपेक्ष राज्य में 25 करोड़ की आबादी के हितों का ध्यान रखा जाए। इसके बाद छात्रों ने बाबरी की तामीर के लिए अपनी प्रतिबद्धता जतायी। इस अवसर पर एएमयू छात्रों सहित छात्रों की विभिन्न संस्थाओं से जुड़े पदाधिकारी भी मौजूद थे।
आल इंडिया बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी
आल इंडिया बाबरी मसजिद एक्शन कमेटी ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में कहा गया है कि केंद्र में जबसे भाजपा सरकार ने सत्ता संभाली है। तब से अल्पसंख्यकों, खासतौर से मुसलमानों के खिलाफ नफरत और डर का माहौल पैदा किया जा रहा है। कामन सिविल कोड का रास्ता बनाया जा रहा है। एएमयू के अल्पसंख्यक स्वरूप को मिटाने की कोशिश की जा रही है। इस अवसर पर अध्यक्ष मो. सलीम फारुखी, सह संयोजक बाबर इलियास, मुजफ्फर सईद, प्रवक्ता एसएम कयाम, चौधरी अनवार खां, नासिर मिल्लत, अब्दुल अजीज खां, कयामुद्दीन, मुजाहिद खां शेरवानी, हामिद अली, मिर्जा आकिल बेग, मो. शमशाद, मुकीम इलाहाबादी मौजूद थे।
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आल इंडिया मुस्लिम लीग
आल इंडिया मुस्लिम लीग के एस नदीम अहमद ने राष्ट्रपति को भेजे ज्ञापन में कहा है कि आरएसएस ने आजादी के वक्त तिरंगा जलाया था। महात्मा गांधी की हत्या आरएसएस के नाथूराम गोडसे ने की थी। भारत सरकार ने नोटबंदी करके लोगों को भुखमरी के कगार पर ला दिया है।
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मंगलवार को एएमयू छात्रों का एक समूह मौलाना आजाद लाइब्रेरी पर एकत्र हुआ। यहां से जुलूस आर्ट्स फैकल्टी, वीसी लॉज, स्टाफ क्लब, गेस्ट हाउस होता हुआ बाब ए सैयद पहुंचा। छात्रों ने इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्र की भाजपा सरकार और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मोदी मुर्दाबाद के नारों से कैंपस गूंज गया। बाब ए सैयद पर एसीएम को छात्रों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा, जिसमें कहा गया है कि छह दिसंबर 1992 भारत के इतिहास में एक काला धब्बा है। बाबरी मस्जिद के ढहाने में जो लोग शामिल थे वह बाद में कई अहम सरकारी पदों पर पहुंचे। अल्पसंख्यकों में मुसलमानों की संख्या सबसे अधिक 14 फीसदी है। बाबरी मस्जिद की तामीर प्रत्येक मुसलमान की संवेदना से जुड़ी है। यह प्राकृतिक न्याय का सिद्धांत है कि एक धर्मनिरपेक्ष राज्य में 25 करोड़ की आबादी के हितों का ध्यान रखा जाए। इसके बाद छात्रों ने बाबरी की तामीर के लिए अपनी प्रतिबद्धता जतायी। इस अवसर पर एएमयू छात्रों सहित छात्रों की विभिन्न संस्थाओं से जुड़े पदाधिकारी भी मौजूद थे।
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आल इंडिया बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी
आल इंडिया बाबरी मसजिद एक्शन कमेटी ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में कहा गया है कि केंद्र में जबसे भाजपा सरकार ने सत्ता संभाली है। तब से अल्पसंख्यकों, खासतौर से मुसलमानों के खिलाफ नफरत और डर का माहौल पैदा किया जा रहा है। कामन सिविल कोड का रास्ता बनाया जा रहा है। एएमयू के अल्पसंख्यक स्वरूप को मिटाने की कोशिश की जा रही है। इस अवसर पर अध्यक्ष मो. सलीम फारुखी, सह संयोजक बाबर इलियास, मुजफ्फर सईद, प्रवक्ता एसएम कयाम, चौधरी अनवार खां, नासिर मिल्लत, अब्दुल अजीज खां, कयामुद्दीन, मुजाहिद खां शेरवानी, हामिद अली, मिर्जा आकिल बेग, मो. शमशाद, मुकीम इलाहाबादी मौजूद थे।
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आल इंडिया मुस्लिम लीग
आल इंडिया मुस्लिम लीग के एस नदीम अहमद ने राष्ट्रपति को भेजे ज्ञापन में कहा है कि आरएसएस ने आजादी के वक्त तिरंगा जलाया था। महात्मा गांधी की हत्या आरएसएस के नाथूराम गोडसे ने की थी। भारत सरकार ने नोटबंदी करके लोगों को भुखमरी के कगार पर ला दिया है।