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Aligarh News: एएमयू ने माना..दाखिले के लिए शहबाज ने किया फर्जीवाड़ा, परिसर में प्रवेश पर रोक
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एएमयू।
- फोटो : samvad
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ने एमसीए द्वितीय छात्र शहबाज को निलंबित करते हुए यह माना है उसने एएमयू में दाखिले के लिए दस्तावेजों का फर्जीवाड़ा किया है। इसी आधार पर अपराध में संलिप्त छात्र को निलंबित करने के साथ-साथ उसके कैंपस में प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगाया है। बाकी उसके पास से मिले फर्जी दस्तावेजों की बोर्ड से जांच कराई जाएगी। ताकि सच सामने आ सके। इसके बाद आगे कार्रवाई तय होगी। इसी जांच के आधार पर उसके अन्य साथी छात्रों पर कार्रवाई तय होगी।
एफएम टावर पर फायरिंग की घटना में पुलिस ने सुलेमान हॉल में रहने वाले बुलंदशहर छतारी के अशरफ सहित तीन आरोपी जेल भेजे थे। उनसे पूछताछ व सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एएमयू छात्र शहबाज की पहचान हुई। उसकी तलाश में पुलिस एस-जैड हॉल के जिस कमरे में पहुंची। वहां काफी कुछ आपत्तिजनक मिला। इसी मामले में एक और एफआईआर दर्ज की गई है। एएमयू इंतजामिया ने इसी आधार पर शहबाज को निलंबित कर दिया है।
प्रॉक्टर की ओर से जारी निलंबन आदेश में स्पष्ट उल्लेख है कि शहबाज अपराध में संलिप्त पाया गया है। वह साथियों संग अन्य छात्रों को आवंटित हॉस्टल के कमरे में अवैध रूप से रह रहा था। तलाशी में कारतूस-मैग्जीन, नकली नोटों के अलावा जो फर्जी प्रपत्र मिले हैं, उनसे स्पष्ट हुआ है कि उसने एएमयू में सत्र 2018-19 में नामांकन संख्या जीके-8980 पर मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिप्लोमा कार्यक्रम में प्रवेश लिया था। इसके बाद उसने धोखाधड़ी से 2024 में एक बाहरी उम्मीदवार के रूप में एमसीए में नए नामांकन संख्या जीक्यू-3492 से प्रवेश लिया है।
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इसके लिए उसने फर्जी प्रपत्रों के आधार पर साजिशन विश्वविद्यालय को गुमराह किया है। इस तरह प्रपत्रों की यूपी बोर्ड व अरुणाचल विश्वविद्यालय से जांच कराई जाएगी। जांच के आधार पर आगे कार्रवाई तय होगी। तब तक निलंबन के साथ उसका एएमयू परिसर में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। जांच के आधार पर उसके साथियों पर कार्रवाई तय होगी। प्रॉक्टर प्रो. नवेद खां ने निलंबन की पुष्टि करते हुए बताया कि उसके अन्य साथियों की भूमिका को लेकर जांच चल रही है।
चार साल पहले दर्ज हुआ था शहबाज व साथियों पर हमले का अपराध
एएमयू प्रॉक्टर की ओर से निलंबन आदेश में यह भी उल्लेख है कि शहबाज पर एक अपराध 2022 में भी दर्ज है। यह अपराध एएमयू के बीए के छात्र कासिफ की ओर से कराया गया था। जिसमें एएमयू के कला संकाय के पास मारपीट, फायरिंग का आरोप था। इस अपराध में शहबाज के साथ एएमयू छात्र महताब, अशरफ व आतिफ व फरहान भी आरोपी बनाए थे।
बजरंग बल ने की सीबीआई जांच की मांग
अलीगढ़। इस मामले में बजरंग बल ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता कर सीबीआई जांच की मांग की है। बजरंग बल के संयोजक गौरव शर्मा व अशोक चौधरी ने प्रेसवार्ता में कहा कि एएमयू में अक्सर इस तरह के अपराधियों को शरण मिलती है। उसका पुलिस दबिश के दौरान भागना एएमयू इंतजामिया की भूमिका पर सवाल उठाता है।
इस मामले में उन्होंने पुराने घटनाक्रमों का उल्लेख करते हुए गृह मंत्री को मांग पत्र भेजा है। जिसमें इस मामले की सीबीआई जांच कराने, छात्रावासों को प्रशासन के कब्जे में लेकर उनकी तलाशी कराने, उनमें रहने वालों का रिकार्ड बनाने, कानून व्यवस्था के लिए एएमयू में आईएएस व आईपीएस अफसरों की तैनाती करने, एएमयू के निकटवर्ती क्षेत्रों में अलग से दो थाने बनाने, इलाके में सघन जांच कराने, एएमयू में आरक्षण व्यवस्था लागू करने व एएमयू में अधिकारियों व छात्रों के बीच गुप्त जांच कराकर उन पर कार्रवाई करने की मांग की है।
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एफएम टावर पर फायरिंग की घटना में पुलिस ने सुलेमान हॉल में रहने वाले बुलंदशहर छतारी के अशरफ सहित तीन आरोपी जेल भेजे थे। उनसे पूछताछ व सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एएमयू छात्र शहबाज की पहचान हुई। उसकी तलाश में पुलिस एस-जैड हॉल के जिस कमरे में पहुंची। वहां काफी कुछ आपत्तिजनक मिला। इसी मामले में एक और एफआईआर दर्ज की गई है। एएमयू इंतजामिया ने इसी आधार पर शहबाज को निलंबित कर दिया है।
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प्रॉक्टर की ओर से जारी निलंबन आदेश में स्पष्ट उल्लेख है कि शहबाज अपराध में संलिप्त पाया गया है। वह साथियों संग अन्य छात्रों को आवंटित हॉस्टल के कमरे में अवैध रूप से रह रहा था। तलाशी में कारतूस-मैग्जीन, नकली नोटों के अलावा जो फर्जी प्रपत्र मिले हैं, उनसे स्पष्ट हुआ है कि उसने एएमयू में सत्र 2018-19 में नामांकन संख्या जीके-8980 पर मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिप्लोमा कार्यक्रम में प्रवेश लिया था। इसके बाद उसने धोखाधड़ी से 2024 में एक बाहरी उम्मीदवार के रूप में एमसीए में नए नामांकन संख्या जीक्यू-3492 से प्रवेश लिया है।
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इसके लिए उसने फर्जी प्रपत्रों के आधार पर साजिशन विश्वविद्यालय को गुमराह किया है। इस तरह प्रपत्रों की यूपी बोर्ड व अरुणाचल विश्वविद्यालय से जांच कराई जाएगी। जांच के आधार पर आगे कार्रवाई तय होगी। तब तक निलंबन के साथ उसका एएमयू परिसर में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। जांच के आधार पर उसके साथियों पर कार्रवाई तय होगी। प्रॉक्टर प्रो. नवेद खां ने निलंबन की पुष्टि करते हुए बताया कि उसके अन्य साथियों की भूमिका को लेकर जांच चल रही है।
चार साल पहले दर्ज हुआ था शहबाज व साथियों पर हमले का अपराध
एएमयू प्रॉक्टर की ओर से निलंबन आदेश में यह भी उल्लेख है कि शहबाज पर एक अपराध 2022 में भी दर्ज है। यह अपराध एएमयू के बीए के छात्र कासिफ की ओर से कराया गया था। जिसमें एएमयू के कला संकाय के पास मारपीट, फायरिंग का आरोप था। इस अपराध में शहबाज के साथ एएमयू छात्र महताब, अशरफ व आतिफ व फरहान भी आरोपी बनाए थे।
बजरंग बल ने की सीबीआई जांच की मांग
अलीगढ़। इस मामले में बजरंग बल ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता कर सीबीआई जांच की मांग की है। बजरंग बल के संयोजक गौरव शर्मा व अशोक चौधरी ने प्रेसवार्ता में कहा कि एएमयू में अक्सर इस तरह के अपराधियों को शरण मिलती है। उसका पुलिस दबिश के दौरान भागना एएमयू इंतजामिया की भूमिका पर सवाल उठाता है।
इस मामले में उन्होंने पुराने घटनाक्रमों का उल्लेख करते हुए गृह मंत्री को मांग पत्र भेजा है। जिसमें इस मामले की सीबीआई जांच कराने, छात्रावासों को प्रशासन के कब्जे में लेकर उनकी तलाशी कराने, उनमें रहने वालों का रिकार्ड बनाने, कानून व्यवस्था के लिए एएमयू में आईएएस व आईपीएस अफसरों की तैनाती करने, एएमयू के निकटवर्ती क्षेत्रों में अलग से दो थाने बनाने, इलाके में सघन जांच कराने, एएमयू में आरक्षण व्यवस्था लागू करने व एएमयू में अधिकारियों व छात्रों के बीच गुप्त जांच कराकर उन पर कार्रवाई करने की मांग की है।