{"_id":"6905df21b6f9ba8a080a5f61","slug":"all-cases-related-to-the-poisonous-liquor-scandal-in-one-court-2025-11-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"जहरीली शराब कांड: सभी मुकदमों की सुनवाई एक कोर्ट में कराने की तैयारी, तीन कोर्ट में चल रहे 28 मुकदमे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जहरीली शराब कांड: सभी मुकदमों की सुनवाई एक कोर्ट में कराने की तैयारी, तीन कोर्ट में चल रहे 28 मुकदमे
Sat, 01 Nov 2025 03:51 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Sat, 01 Nov 2025 03:51 PM IST
सार
इस मामले में कुल 33 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें से 28 मुकदमे तीन न्यायालयों में विचाराधीन हैं। जिनमें से कुछ गवाही में और कुछ गवाही पूरी होने के बाद बहस आदि की स्थिति में हैं। पिछले दिनों एक मुकदमे में आरोपी बरी भी किए गए हैं।
विज्ञापन
जहरीली शराब (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : ani
विस्तार
अलीगढ़ जिले के बहुचर्चित जहरीली शराब कांड के मुकदमों की सुनवाई के लिए एक बार फिर से एक अदालत तय करने की कवायद हो रही है। अभियोजन पक्ष की ओर से प्रयास हो रहे हैं कि जिला जज से अनुरोध कर सभी मुकदमे किसी एक अदालत में सुनवाई के लिए नियत करा दिए जाएं।
विज्ञापन
जिले में 27 मई 2021 की देर शाम लोधा के गांव करसुआ से जहरीली शराब कांड की नींव रखी गई। जहां से देर रात एक मौत की खबर आई और सुबह होते-होते जहरीली शराब ने जिले में मौत का तांडव मचाना शुरू कर दिया। पुलिस रिपोर्ट में पोस्टमार्टम के अनुसार जरूर जिले भर में एक सप्ताह तक चले क्रम में मौतों की संख्या 106 रही, मगर 126 से अधिक मौत जिले में हुईं। इनमें कुछ मौत ऐसी थीं, जिनके शवों के पोस्टमार्टम नहीं हुए।
विज्ञापन
इस मामले में कुल 33 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें से 28 मुकदमे तीन न्यायालयों में विचाराधीन हैं। जिनमें से कुछ गवाही में और कुछ गवाही पूरी होने के बाद बहस आदि की स्थिति में हैं। पिछले दिनों एक मुकदमे में आरोपी बरी भी किए गए हैं। इसे लेकर शासन स्तर से लगातार मानीटरिंग में सवाल जवाब किए जाते हैं, जिसे लेकर तय किया गया है कि सभी मुकदमे किसी एक न्यायालय में लाकर उनका ट्रायल तेजी सेे पूरा कराया जाए। हालांकि पिछले वर्ष सभी मुकदमे एक न्यायालय में ही नियत किए गए थे। मगर बाद में अलग अलग कारणों से मुकदमे तीन न्यायालयों में पहुंच गए।
विज्ञापन
अब फिर से यह प्रयास तेज हो गए हैं। इसके लिए एडीजे-14 की अदालत नियत करना तय किया गया है। इस प्रक्रिया मेंं जल्द सभी मुकदमे एडीजे-14 की अदालत में पहुंच सकते हैं। इस विषय में एडीजीसी रविकांत शर्मा इतना ही कहते हैं कि अभी उन्हें आदेश नहीं मिला है। मगर यह प्रक्रिया जल्द हो सकती है। तारीखों पर मुकदमे एक ही अदालत में आने की संभावना है।