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अलीगढ़ : फीफा विश्वकप में जाकिर नाईक को नहीं देनी चाहिए तकरीर : मुफ्ती जाहिद

Thu, 24 Nov 2022 07:00 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 24 Nov 2022 07:00 AM IST
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Aligarh: Zakir Naik should not be given a speech in the FIFA World Cup: Mufti Zahid
अलीगढ़ : मुफ्ती जाहिद। - फोटो : CITY OFFICE
कतर में हो रहे फुटबाल विश्वकप के उद्घाटन समारोह में जाकिर नाईक के मजहबी तकरीर पर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) सुन्नी थियोलॉजी के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रोफेसर मुफ्ती जाहिद अली खान ने सवाल खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि जाकिर नाईक को मजहबी तकरीर नहीं देनी चाहिए। इससे परहेज करना चाहिए। साथ ही कतर हुकूमत को भी मजहबी तकरीर नहीं करानी चाहिए, क्योंकि यह खेल का मंच है।
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मुफ्ती जाहिद ने कहा कि दर्शकों के अर्द्ध नग्न कपड़ों पर कतर हुकूमत ने पाबंदी लगाई है, जो ठीक है। दरअसल, अर्द्ध नग्नता को रोकना न केवल मजहब से, बल्कि इंसानियत से भी संबंधित है। रही बात शराब पर पाबंदी की, तो वह मुसलमानों के लिए ठीक है, लेकिन गैर मुसलमानों पर पाबंदी ठीक नहीं है, क्योंकि शराब उनके यहां जायज है। इस्लाम भी कहता है कि जिसके मजहब में जो जायज है, उस पर रोक नहीं लगानी चाहिए।
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कतर हुकूमत को गैर मुस्लिमों को शराब पीने की अनुमति देनी चाहिए, लेकिन मुसलमानों पर पाबंदी लगी रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जाकिर नाईक ने खेल के उद्घाटन में मजहबी तकरीर दी, वह ठीक नहीं है। खेल और मजहब दोनों अलग-अलग हैं। मजहबी तकरीर के लिए न तो मौका था और न ही दस्तूर। मुफ्ती जाहिद ने जाकिर नाईक भगोड़ा घोषित किए जाने के सवाल पर कहा, सरकार ने भगोड़ा घोषित किया, अदालत ने नहीं। इसलिए कतर हुकूमत ने उन्हें उद्घाटन समारोह में बुलाया था।
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खाड़ी देशों में दोबारा विश्वकप जैसे लेकर सोचेगा फीफा : पवन
पूर्व राष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी पवन सिंह जादौन ने कहा कि फीफा विश्वकप में खिलाड़ियों को आनंद लेने में दिक्कतें आ रही हैं, क्योंकि आयोजक देश कतर हुकूमत ने कई स्थानों और अलग अलग समय पर शराब पर पाबंदी लगा दी है। ऐसे में अब फीफा खाड़ी देशों में दोबारा विश्वकप के आयोजन कराने को लेकर सोचेगा। उन्होंने कहा कि शराब पर पाबंदी लगाना गलत है, लेकिन कतर एक मुस्लिम देश है, जिसके अपने कानून-कायदे हैं, वहां उसी का पालन हो रहा है, लेकिन दर्शकों को इससे परेशानी हो रही है।
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