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अलीगढ़ : डॉ. कलाम को घर पर देख हो गया था आश्चर्यचकित

Sat, 15 Oct 2022 12:46 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 15 Oct 2022 12:46 AM IST
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Aligarh: Was surprised to see Dr. Kalam at home
हाथरस : मैरिस रोड स्थित आवास पर पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के साथ लक्ष्मण प्रसाद। फाइ? - फोटो : CITY OFFICE
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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‘जो शख्स आपका आदर्श है, वह अचानक आपके सामने आ जाए तो आंखों को भरोसा कर पाना मुश्किल होगा। यही मेरे साथ हुआ था। वर्ष 2000 में विमान में 5-10 मिनट की डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम से मुलाकात हुई थी, लेकिन आठ साल के बाद जब वो अलीगढ़ आए तो उन्हें बिना बताए उनके घर पहुंच गए, यह एक नेक दिल इंसान ही कर सकता है’। यह कहना विज्ञान रत्न लक्ष्मण प्रसाद का है।
लक्ष्मण प्रसाद ने अमर उजाला को बताया कि 15 अक्तूबर को उस शख्स की जयंती है, जो देश को सर्वशक्तिमान बनता देखना चाहता था। उनकी जयंती हमारे लिए बेहद खास है। उन्होंने कहा कि डॉ. कलाम से उनकी मुलाकात वर्ष 2000 में दिल्ली से पुणे जाते वक्त हुई थी। कुछ क्षणों की भेंट ने उनका मुरीद बना दिया। बात करने का अंदाज, विजन का कायल हो गया। बीच-बीच में उनसे मुलाकात होती रहती थी। मैं हमेशा उनसे कहता था, जब भी वह अलीगढ़ आएं तो घर जरूर आएं। खैर, बात आई और गई हो गई।
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17 जून 2008 को पूर्व राष्ट्रपति डॉ. कलाम को एएमयू के दीक्षांत समारोह में आमंत्रित किया गया था। शाम को कैनेडी हॉल में उनका कार्यक्रम था। उनके सचिव का फोन आया कि सर, आपके यहां आ रहे हैं। यह सुनते ही आश्चर्य में पड़ गया। कुछ सूझ नहीं रहा था कि अपने हीरो का स्वागत कैसे करें। बहरहाल, उनका काफिला मैरिस रोड स्थित घर के पास आकर रुक गया। बेटी ने ही इडली व कॉफी तैयार कीं। कलाम साहब ने दो इडली लीं और कॉफी पी। डॉ. कलाम पर लक्ष्मण प्रसाद ने छह पुस्तकें लिखी हैं। इनमें कर्मयोगी डॉ. कलाम काफी चर्चित पुस्तक है।
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कंप्यूटर लैब में डॉ. कलाम का नाम जिंदा
विज्ञान रत्न लक्ष्मण प्रसाद ने बताया कि डॉ. कलाम हमेशा जिंदा रहेंगे। डीएस कॉलेज व लाल बहादुर शास्त्री कन्या महाविद्यालय में गरीब कन्याओं के लिए कंप्यूटर सेंटर चल रहा है, जो डॉ. कलाम के नाम से ही है।

जिले में दो बार हुआ डॉ. कलाम का आगमन
पूर्व राष्ट्रपति डॉ. कलाम पहली बार एएमयू के दीक्षांत समारोह में 17 जून 2008 को आए थे। दूसरी बार 2 नवंबर 2010 को मंगलायतन विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि आए थे। दोनों जगह डॉ. कलाम ने प्रेरणादायक भाषण दिए। वह सीबी गुप्ता सरस्वती विद्यापीठ के कार्यक्रम में भी शामिल हुए थे।
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