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अलीगढ़ : बिजली, पानी और स्वास्थ्य केंद्रों पर डाक्टरों की तैनाती न होने पर हंगामा
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जिला पंचायत परिसर में जिला पंचायत की बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष विजय सिंह के सामने क्षेत्र की स
- फोटो : CITY OFFICE
जिला पंचायत बोर्ड बैठक में सदस्यों ने बिजली, पानी और स्वास्थ्य केंद्रों पर डाक्टरों की तैनाती न होने पर हंगामा किया। इस दौरान सांसद और विधायकों से कहा कि यदि जनता की समस्याओं का इस मंच के माध्यम से समाधान नहीं होगा तो हम कहां जाए।
बैठक में सांसद सतीश गौतम ने मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी के बैठक से अनुपस्थित होने पर नाराजगी व्यक्त की । उन्होंने कहा कि जिला पंचायत इन अधिकारियों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास करे और उपस्थित न होने के बारे में नोटिस भी जारी किया जाए।
जिला पंचायत परिसर में बृहस्पतिवार दोपहर 12 बजे से बोर्ड बैठक शुरू हुई जो कि डेढ़ बजे तक चली। जिसमें सांसद सतीश गौतम ने कहा कि बड़े अधिकारियों के उपस्थित न होने के कारण इस बैठक का कोई औचित्य नहीं है। जनप्रतिनिधियों की जो समस्याएं हैं उनको ब्लाक और जिला स्तर के सामान्य अधिकारियों के माध्यम से हल नहीं कराया जा सकता। इन अधिकारियों को तो कहीं भी बुला लिया जाए लेकिन यह नीतिगत निर्णय लेने में सक्षम नहीं है। इसलिए जिला पंचायत के मुख्य अधिकारी होने के नाते सीडीओ को उपस्थित होना आवश्यक था।
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बैठक के दौरान अकराबाद के सदस्य बिजेंद्र सिंह ने कहा कि लंबे समय से स्वास्थ्य केंद्र पर डाक्टरों तथा अन्य स्टाफ की कमी है। अकराबाद में 400 केवीए का बिजली घर बन चुका है लेकिन उसे चालू नहीं किया गया है। जिसके कारण इलाके में बिजली का संकट है। इन दिनों ग्रामीण इलाकों में पेयजल संकट बना हुआ है, जिसके समाधान के लिए अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। महिला सदस्य दुर्गेश ने अतरौली इलाके में सड़क और पेयजल का मुद्दा उठाया। कई और सदस्यों ने पेयजल, बिजली तथा स्वास्थ्य केंद्रों पर डाक्टर तथा अन्य स्टाफ की कमी के मामले उठाए।
जिले में 49.16 करोड़ से सड़क, बिजली और नालों के निर्माण को मिली मंजूरी
जिला पंचायत अध्यक्ष विजय सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक के दौरान 2022-23 के लिए 49.16 करोड़ रुपयों से निर्माण और विकास कार्य कराने के लिए प्रस्ताव पास किए गए। इसमें सर्वाधिक 23 करोड़ रुपये का भारी भरकम बजट तारकोल और सीमेंटेड सड़कों के निर्माण के लिए प्रस्तावित किया गया है।
जिला पंचायत की परिसंपत्तियों पर हो रहे अवैध कब्जों को मुक्त कराए जाने का भी प्रस्ताव पारित हुआ। जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि ठा. श्यैराज सिंह ने आगामी कार्ययोजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
बैठक में एमएलसी चौधरी ऋषि पाल सिंह, डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह, शहर विधायक मुक्ता राजा, छर्रा रवेंद्रपाल सिंह, इगलास राजकुमार सहयोगी, पूर्व विधायक संजीव राजा, ब्लॉक प्रमुख खैर प्रतिनिधि दिवाकर गौड़, अतरौली प्रतिनिधि केहरी सिंह, लोधा हरेंद्र सिंह, अकराबाद राहुल सिंह, जवां हरेंद्र सिंह, चंडौस रेशमपाल सिंह, बिजौली उमेश यादव, गोंडा नरेंद्र चौधरी, प्रवीण राज सिंह, गौरव कुमार आदि मौजूद थे।
अनदेखी पर की नारेबाजी
बैठक के दौरान अतरौली के सदस्य पुष्पेंद्र लोधी ने बहरावद पुलिया पर पानी की टंकी की समस्या, मढ़ौली व इज्जतपुर के पास से सर्विस लेन के न बनने का मुद्दा उठाया। इस मामले को अमर उजाला में अभियान के तहत प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। अभियान की प्रकाशित खबरों की प्रतियों को बैठक के दौरान लहराया और अफसरों पर समस्याओं को नजरंदाज करने का भी आरोप लगाया।
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बैठक में सांसद सतीश गौतम ने मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी के बैठक से अनुपस्थित होने पर नाराजगी व्यक्त की । उन्होंने कहा कि जिला पंचायत इन अधिकारियों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास करे और उपस्थित न होने के बारे में नोटिस भी जारी किया जाए।
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जिला पंचायत परिसर में बृहस्पतिवार दोपहर 12 बजे से बोर्ड बैठक शुरू हुई जो कि डेढ़ बजे तक चली। जिसमें सांसद सतीश गौतम ने कहा कि बड़े अधिकारियों के उपस्थित न होने के कारण इस बैठक का कोई औचित्य नहीं है। जनप्रतिनिधियों की जो समस्याएं हैं उनको ब्लाक और जिला स्तर के सामान्य अधिकारियों के माध्यम से हल नहीं कराया जा सकता। इन अधिकारियों को तो कहीं भी बुला लिया जाए लेकिन यह नीतिगत निर्णय लेने में सक्षम नहीं है। इसलिए जिला पंचायत के मुख्य अधिकारी होने के नाते सीडीओ को उपस्थित होना आवश्यक था।
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बैठक के दौरान अकराबाद के सदस्य बिजेंद्र सिंह ने कहा कि लंबे समय से स्वास्थ्य केंद्र पर डाक्टरों तथा अन्य स्टाफ की कमी है। अकराबाद में 400 केवीए का बिजली घर बन चुका है लेकिन उसे चालू नहीं किया गया है। जिसके कारण इलाके में बिजली का संकट है। इन दिनों ग्रामीण इलाकों में पेयजल संकट बना हुआ है, जिसके समाधान के लिए अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। महिला सदस्य दुर्गेश ने अतरौली इलाके में सड़क और पेयजल का मुद्दा उठाया। कई और सदस्यों ने पेयजल, बिजली तथा स्वास्थ्य केंद्रों पर डाक्टर तथा अन्य स्टाफ की कमी के मामले उठाए।
जिले में 49.16 करोड़ से सड़क, बिजली और नालों के निर्माण को मिली मंजूरी
जिला पंचायत अध्यक्ष विजय सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक के दौरान 2022-23 के लिए 49.16 करोड़ रुपयों से निर्माण और विकास कार्य कराने के लिए प्रस्ताव पास किए गए। इसमें सर्वाधिक 23 करोड़ रुपये का भारी भरकम बजट तारकोल और सीमेंटेड सड़कों के निर्माण के लिए प्रस्तावित किया गया है।
जिला पंचायत की परिसंपत्तियों पर हो रहे अवैध कब्जों को मुक्त कराए जाने का भी प्रस्ताव पारित हुआ। जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि ठा. श्यैराज सिंह ने आगामी कार्ययोजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
बैठक में एमएलसी चौधरी ऋषि पाल सिंह, डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह, शहर विधायक मुक्ता राजा, छर्रा रवेंद्रपाल सिंह, इगलास राजकुमार सहयोगी, पूर्व विधायक संजीव राजा, ब्लॉक प्रमुख खैर प्रतिनिधि दिवाकर गौड़, अतरौली प्रतिनिधि केहरी सिंह, लोधा हरेंद्र सिंह, अकराबाद राहुल सिंह, जवां हरेंद्र सिंह, चंडौस रेशमपाल सिंह, बिजौली उमेश यादव, गोंडा नरेंद्र चौधरी, प्रवीण राज सिंह, गौरव कुमार आदि मौजूद थे।
अनदेखी पर की नारेबाजी
बैठक के दौरान अतरौली के सदस्य पुष्पेंद्र लोधी ने बहरावद पुलिया पर पानी की टंकी की समस्या, मढ़ौली व इज्जतपुर के पास से सर्विस लेन के न बनने का मुद्दा उठाया। इस मामले को अमर उजाला में अभियान के तहत प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। अभियान की प्रकाशित खबरों की प्रतियों को बैठक के दौरान लहराया और अफसरों पर समस्याओं को नजरंदाज करने का भी आरोप लगाया।