{"_id":"626d75b72d79aa412a6d7191","slug":"aligarh-two-dozen-firms-on-radar-now-action-may-be-taken-aligarh-news-ali290503264","type":"story","status":"publish","title_hn":"अलीगढ़ : दो दर्जन फर्में अभी रडार पर, हो सकती है कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अलीगढ़ : दो दर्जन फर्में अभी रडार पर, हो सकती है कार्रवाई
विज्ञापन
शहर की करीब दो दर्जन से अधिक बोगस फर्में जीसएटी की रडार पर हैं। कभी भी इन पर छापा पड़ सकता है। एसआईबी के अधिकारियों ने बताया कि सिंडिकेट बनाकर बड़े स्तर पर आईटीसी का लाभ लिया जा रहा है। जल्द ही कई और फर्मों का भंडाफोड़ होने की आशंका है।
शुक्रवार को एसआईबी की टीम द्वारा प्रदेश में जीएसटी के मामले में दूसरी गिरफ्तारी की गई थी। पहली गिरफ्तारी साढ़े तीन साल पहले अलीगढ़ रेंज ए के डीसी एसआईबी आरपीएस कौंतेय की टीम ने की थी। शुक्रवार को जीएसटी एसआईबी की टीम ने बोगस फर्म खोलकर आठ करोड़ की आईटीसी हजम करने वाली सात फर्मों का पर्दाफाश किया था।
इस मामले में नामजद आरोपी विष्णु प्रताप सहित आधा दर्जन अज्ञात के खिलाफ थाना क्वार्सी में मुकदमा दर्ज कराया गया था। डीसी एसआईबी आरपीएस कौंतेय ने बताया कि 20 नवंबर 2018 में टीम ने प्रदेश में पहली गिरफ्तारी की थी। बोगस फर्म बनाकर करीब 4 करोड़ की आईटीसी का लाभ लेने का मामला था।
विज्ञापन
इस मामले में अंकित गर्ग को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। उन्होंने बताया कि जांच में सामने आया है कि पूर्व में बोगस फर्मों पर की गई कार्रवाई के तार इन फर्मों से जुड़े हैं। 12 फर्मों की जांच के बाद यह खेल पकड़ में आया है। मामले से जुड़े अन्य लोगों की भी ट्रेस किया जा रहा है। पुलिस विवेचना के दौरान अन्य चीजें भी साफ होंगी। कई अन्य लोगों के नाम सामने आना बाकी हैं।
विज्ञापन
शुक्रवार को एसआईबी की टीम द्वारा प्रदेश में जीएसटी के मामले में दूसरी गिरफ्तारी की गई थी। पहली गिरफ्तारी साढ़े तीन साल पहले अलीगढ़ रेंज ए के डीसी एसआईबी आरपीएस कौंतेय की टीम ने की थी। शुक्रवार को जीएसटी एसआईबी की टीम ने बोगस फर्म खोलकर आठ करोड़ की आईटीसी हजम करने वाली सात फर्मों का पर्दाफाश किया था।
विज्ञापन
इस मामले में नामजद आरोपी विष्णु प्रताप सहित आधा दर्जन अज्ञात के खिलाफ थाना क्वार्सी में मुकदमा दर्ज कराया गया था। डीसी एसआईबी आरपीएस कौंतेय ने बताया कि 20 नवंबर 2018 में टीम ने प्रदेश में पहली गिरफ्तारी की थी। बोगस फर्म बनाकर करीब 4 करोड़ की आईटीसी का लाभ लेने का मामला था।
विज्ञापन
इस मामले में अंकित गर्ग को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। उन्होंने बताया कि जांच में सामने आया है कि पूर्व में बोगस फर्मों पर की गई कार्रवाई के तार इन फर्मों से जुड़े हैं। 12 फर्मों की जांच के बाद यह खेल पकड़ में आया है। मामले से जुड़े अन्य लोगों की भी ट्रेस किया जा रहा है। पुलिस विवेचना के दौरान अन्य चीजें भी साफ होंगी। कई अन्य लोगों के नाम सामने आना बाकी हैं।