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अलीगढ़ : वाहनों के साइलेंसर चोरी करने वाले गिरोह के तीन सदस्य दबोचे
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महानगर की क्वार्सी थाना पुलिस ने सोमवार को ईको का साइलेंसर चोरी करने वाले गिरोह से जुड़े तीन सदस्यों को दबोचकर जेल भेजा है। गिरोह के सदस्य भाड़े पर ईको कार तय करके ले जाते थे। फिर चालक को चकमा देकर उसका साइलेंसर निकाल कर ले जाते थे। पुलिस ने शातिर चोरों के पास से चार साइलेंसर बरामद किए हैं। उन्होंने पड़ोसी जिला बुलंदशहर के खुर्जा क्षेत्र में कई वारदातों में शामिल होना स्वीकारा है।
सीओ सिविल लाइंस श्वेताभ पांडेय ने बताया कि क्वार्सी पुलिस ने इलाके की मंजूरगढ़ी से चोरों के गिरोह से जुड़े तीन सदस्यों को दबोचा है। इनमें थाना चंडौस क्षेत्र के गांव रामपुर शाहपुर निवासी मुजाहिद, शाहरुख व गुलफाम शामिल हैं। आरोपियों के कब्जे से वाहनों के चार साइलेंसर बरामद हुए हैं।
आरोपियों ने बताया कि गिरोह से जुड़े दो लोग पहले ईको कार को भाड़े पर बुक करते थे। फिर उसे गभाना या चंडौस क्षेत्र के जंगलों में ले जाते थे। यहां गिरोह के अन्य सदस्य पहले से मौजूद होते थे। जो चालक को चाय- नाश्ता कराने के बहाने ले जाते थे। फिर माल लोड करने के बहाने से कार का साइलेंसर खोलकर ले जाते थे।
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आरोपियों ने बताया कि इस साइलेंसर में एक विशेष किस्म की मिट्टी होती है, जिसकी विदेश में करीब 30 हजार रुपये प्रतिकिलो की कीमत है। इसीलिए वे ईको कार को ही अपना निशाना बनाते थे। सीओ ने बताया कि गिरोह से जुड़े दो सदस्य अभी फरार हैं। इनकी तलाश जारी है। उन्होंने बताया कि शातिरों ने चोरी की एक दर्जन से अधिक वारदातों में शामिल होना स्वीकारा है।
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सीओ सिविल लाइंस श्वेताभ पांडेय ने बताया कि क्वार्सी पुलिस ने इलाके की मंजूरगढ़ी से चोरों के गिरोह से जुड़े तीन सदस्यों को दबोचा है। इनमें थाना चंडौस क्षेत्र के गांव रामपुर शाहपुर निवासी मुजाहिद, शाहरुख व गुलफाम शामिल हैं। आरोपियों के कब्जे से वाहनों के चार साइलेंसर बरामद हुए हैं।
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आरोपियों ने बताया कि गिरोह से जुड़े दो लोग पहले ईको कार को भाड़े पर बुक करते थे। फिर उसे गभाना या चंडौस क्षेत्र के जंगलों में ले जाते थे। यहां गिरोह के अन्य सदस्य पहले से मौजूद होते थे। जो चालक को चाय- नाश्ता कराने के बहाने ले जाते थे। फिर माल लोड करने के बहाने से कार का साइलेंसर खोलकर ले जाते थे।
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आरोपियों ने बताया कि इस साइलेंसर में एक विशेष किस्म की मिट्टी होती है, जिसकी विदेश में करीब 30 हजार रुपये प्रतिकिलो की कीमत है। इसीलिए वे ईको कार को ही अपना निशाना बनाते थे। सीओ ने बताया कि गिरोह से जुड़े दो सदस्य अभी फरार हैं। इनकी तलाश जारी है। उन्होंने बताया कि शातिरों ने चोरी की एक दर्जन से अधिक वारदातों में शामिल होना स्वीकारा है।