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अलीगढ़ : जिसे करनी थी सफाई, उसकी मरहम-पट्टी में ड्यूटी लगाई
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जिला अस्पताल की इमरजेंसी में सफाई कर्मचारी द्वारा मरीजों की मरहम पट्टी और टांके लगाने का वीडियो वायरल हुआ है। यह वीडियो बृहस्पतिवार रात का है। जिसके वायरल होने के बाद महकमे की फजीहत बढ़ गई। मामले में संज्ञान लेते हुए सीएमएस ने जांच कराने की बात कही है। कहा है कि ऐसा किन परिस्थितियों में हुआ। यह देखने के बाद ही कार्रवाई तय होगी।
बृहस्पतिवार देर रात कुछ लोग मारपीट की घटना में जख्मी होने पर इलाज के लिए मलखान सिंह जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे। इनमें गांधीपार्क की बाबा कालोनी के गोविंद, कुंवरपाल व रमन शामिल थे। इन्हें थाना पुलिस मेडिकल परीक्षण व उपचार के लिए लाई थी।
जहां डॉक्टर, सर्जन या नर्सिंग स्टाफ की ओर से इलाज दिया जाना था। लेकिन उस समय वहां एक डॉक्टर व कुछ इंटर्न मौजूद थे। इसी दौरान इमरजेंसी में मौजूद सफाईकर्मी घायलों की मरहम पट्टी करते व टांके लगाते हुए मोबाइल के वीडियो में कैद हो गया। वीडियो जब सोशल मीडिया पर आया तो सभी हैरान रह गए और व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे।
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मामले में सीएमएस डॉ. ईश्वर देवी बत्रा का कहना है कि अस्पताल इन दिनों डॉक्टर और स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। कई बार जब इमरजेंसी में अधिकभार होता है तो कर्मचारी खुद ही सहयोग में लग जाते हैं। मगर अप्रशिक्षित कर्मचारी द्वारा इस तरह मरहम पट्टी व टांके लगाना गंभीर विषय है।
इसकी जांच कराई जाएगी कि ऐसा क्यों और किस परिस्थिति में हुआ, आगे से ऐसा नहीं होगा। इसका भी ध्यान रखा जाएगा। रहा सवाल डॉक्टर व स्टाफ की कमी का तो इसके लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है। अगर पर्याप्त स्टाफ मिले तो इस तरह की घटनाएं न हों।
अस्पताल में सर्जन नहीं
मलखान सिंह जिला अस्पताल के सात डॉक्टरों का हाल ही में तबादला हुआ है। इमरजेंसी का आलम यह है कि वहां सर्जन हैं ही नहीं। जिसके चलते अस्पताल की इमरजेंसी में ये स्थिति रहती है।
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बृहस्पतिवार देर रात कुछ लोग मारपीट की घटना में जख्मी होने पर इलाज के लिए मलखान सिंह जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे। इनमें गांधीपार्क की बाबा कालोनी के गोविंद, कुंवरपाल व रमन शामिल थे। इन्हें थाना पुलिस मेडिकल परीक्षण व उपचार के लिए लाई थी।
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जहां डॉक्टर, सर्जन या नर्सिंग स्टाफ की ओर से इलाज दिया जाना था। लेकिन उस समय वहां एक डॉक्टर व कुछ इंटर्न मौजूद थे। इसी दौरान इमरजेंसी में मौजूद सफाईकर्मी घायलों की मरहम पट्टी करते व टांके लगाते हुए मोबाइल के वीडियो में कैद हो गया। वीडियो जब सोशल मीडिया पर आया तो सभी हैरान रह गए और व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे।
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मामले में सीएमएस डॉ. ईश्वर देवी बत्रा का कहना है कि अस्पताल इन दिनों डॉक्टर और स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। कई बार जब इमरजेंसी में अधिकभार होता है तो कर्मचारी खुद ही सहयोग में लग जाते हैं। मगर अप्रशिक्षित कर्मचारी द्वारा इस तरह मरहम पट्टी व टांके लगाना गंभीर विषय है।
इसकी जांच कराई जाएगी कि ऐसा क्यों और किस परिस्थिति में हुआ, आगे से ऐसा नहीं होगा। इसका भी ध्यान रखा जाएगा। रहा सवाल डॉक्टर व स्टाफ की कमी का तो इसके लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है। अगर पर्याप्त स्टाफ मिले तो इस तरह की घटनाएं न हों।
अस्पताल में सर्जन नहीं
मलखान सिंह जिला अस्पताल के सात डॉक्टरों का हाल ही में तबादला हुआ है। इमरजेंसी का आलम यह है कि वहां सर्जन हैं ही नहीं। जिसके चलते अस्पताल की इमरजेंसी में ये स्थिति रहती है।