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अलीगढ़ : अपहरण-मारपीट में शामिल सिपाही पुलिस सेवा से बर्खास्त
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अपहरण कर फिरौती वसूली और मारपीट जैसे संगीन अपराधों में आरोपी जिला पुलिस के सिपाही पवनेश कुमार को एसएसपी कलानिधि नैथानी ने पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया है। उस पर पुलिस सेवा से खिलवाड़ करने तक का गंभीर आरोप है, क्योंकि अपराध में जेल से रिहा होने के बाद भी सुधार न होने और लगातार 396 दिन गैर हाजिर रहने पर उसे सीओ प्रथम की जांच रिपोर्ट के आधार पर बर्खास्त किया गया है।
मूल रूप से मैनपुरी के औछा निवासी पवनेश कुमार पर वर्ष 2019 में अतरौली थाने में तैनाती के दौरान वह बिना अनुमति गैर हाजिर हो गया। इसी दौरान उस पर एक व्यक्ति को अगवा कर पांच लाख रुपये मांगने का आरोप लगा। इस संबंध में तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर उसे व उसके साथियों को जेल भेजा गया।
जमानत पर रिहा होने के बाद वह लाइन में आमद कराकर फिर बार-बार अनधिकृत रूप से 396 दिन अनुपस्थित रहा। इससे पहले 2016 में उस पर मडराक थाने में गाली गलौज करने, मारपीट करने व सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसकी चार्जशीट न्यायालय में भेजी गई है।
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इस तरह के अवैधानिक कार्यों संबंधी मामलों की जांच एसएसपी स्तर से सीओ प्रथम राघवेंद्र सिंह को सौंपी गई। सीओ की जांच रिपोर्ट में पाया गया कि आरक्षी द्वारा कर्तव्यों से हटकर अवैधानिक कार्य कर पुलिस की छवि धूमिल की जा रही है। इस पर उसे पुलिस सेवा से बृहस्पतिवार को बर्खास्त कर दिया गया।
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मूल रूप से मैनपुरी के औछा निवासी पवनेश कुमार पर वर्ष 2019 में अतरौली थाने में तैनाती के दौरान वह बिना अनुमति गैर हाजिर हो गया। इसी दौरान उस पर एक व्यक्ति को अगवा कर पांच लाख रुपये मांगने का आरोप लगा। इस संबंध में तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर उसे व उसके साथियों को जेल भेजा गया।
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जमानत पर रिहा होने के बाद वह लाइन में आमद कराकर फिर बार-बार अनधिकृत रूप से 396 दिन अनुपस्थित रहा। इससे पहले 2016 में उस पर मडराक थाने में गाली गलौज करने, मारपीट करने व सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसकी चार्जशीट न्यायालय में भेजी गई है।
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इस तरह के अवैधानिक कार्यों संबंधी मामलों की जांच एसएसपी स्तर से सीओ प्रथम राघवेंद्र सिंह को सौंपी गई। सीओ की जांच रिपोर्ट में पाया गया कि आरक्षी द्वारा कर्तव्यों से हटकर अवैधानिक कार्य कर पुलिस की छवि धूमिल की जा रही है। इस पर उसे पुलिस सेवा से बृहस्पतिवार को बर्खास्त कर दिया गया।